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8071 ಆತ್ಮೀಯ ಬೆಳಗಾವಿ ಜಿಲ್ಲೆಯ ರೈತ ಮಿತ್ರರೇ , ಜುಲೈ 22 ರಿಂದ 28 ವರೆಗೆ ಬೆಳಗಾವಿ ಜಿಲ್ಲೆಯ ಗೋಕಾಕ್ ಮತ್ತು ಅಥಣಿ ತಾಲ್ಲೂಕಿನ ಸುತ್ತಮುತ್ತಲಿನ ಪ್ರದೇಶಗಳಲ್ಲಿ ಹಗಲಿನ ತಾಪಮಾನದಲ್ಲಿ ಕೊಂಚ ಇಳಿಕೆ ಕಾಣಲಿದೆ. ದಿನದ ಗರಿಷ್ಠ ತಾಪಮಾನವು 25 ರಿಂದ 26 ಡಿಗ್ರಿ ಸೆಂಟಿಗ್ರೇಡ್ ವರೆಗೆ ಮತ್ತು ರಾತ್ರಿಯ ಕನಿಷ್ಠ ತಾಪಮಾನವು 22 ರಿಂದ 23 ಡಿಗ್ರಿ ಸೆಂಟಿಗ್ರೇಡ್ ಆಸುಪಾಸಿನಲ್ಲಿ ಇರುವ ಸಾಧ್ಯತೆ ಇದೆ. ಈ ವಾರದಲ್ಲಿ ದಕ್ಷಿಣ ದಿಕ್ಕಿನಿಂದ 5 ರಿಂದ 20 ಕಿಮೀ ಪ್ರತೀ ಗಂಟೆಯ ವೇಗದಲ್ಲಿ ಮತ್ತು ಕೆಲವೊಮ್ಮೆ 25-35 ಕಿಮೀ ಪ್ರತೀಗಂಟೆಯ ವೇಗದಲ್ಲಿ ಗಾಳಿ ಬೀಸುತ್ತದೆ.. ಈ ಪ್ರದೇಶದಲ್ಲಿ, ಆಕಾಶದಲ್ಲಿ ಭಾಗಶಃ ಮೋಡ ಕವಿದ ವಾತಾವರಣವಿದ್ದು, ಮತ್ತು ಜುಲೈ 24 ರಿಂದ 27 ರ ಅವಧಿಯಲ್ಲಿ ಹೆಚ್ಚಿನ ಸ್ಥಳಗಳಲ್ಲಿ ಮಳೆಯಾಗುವ ಸಾಧ್ಯತೆ ಇದೆ ಇದರಿಂದಾಗಿ ವಾಯುಮಂಡಲದಲ್ಲಿ ಆರ್ದ್ರತೆಯು ಶೇಕಡಾ 55 ರಿಂದ 90 ವರೆಗೆ ಇರಲಿದೆ. ಈ ಸಮಯ ಕಬ್ಬು ನಾಟಿ ಮಾಡಲು ಅನುಕೂಲವಾಗಿದೆ. ಆದ್ದರಿಂದ ಕಬ್ಬು ನಾಟಿ ಮಾಡಲು ಇಚ್ಛಿಸುವ ರೈತರು ತಮ್ಮ ಜಮೀನಿನ ಮಣ್ಣನ್ನು ಪರೀಕ್ಷೆಗೆ ಒಳಪಡಿಸಿ ಅದಕ್ಕೆ ತಕ್ಕಂತೆ ಗೊಬ್ಬರವನ್ನು ಹಾಕಿ ಗದ್ದೆಯನ್ನು ಸಿದ್ಧಪಡಿಸಿಕೊಳ್ಳಿ. ಉತ್ತಮವಾದ ಎರಡು ಕಣ್ಣಿನ ಕಬ್ಬಿನ ಕಾಳುಗಳನ್ನು ಆಯ್ಕೆ ಮಾಡಿ ಗದ್ದೆಯಲ್ಲಿ ನಾಟಿ ಮಾಡಬೇಕಾಗಿ ವಿನಂತಿ. ನಾಟಿ ಮಾಡಬೇಕಾದ ಕಬ್ಬಿನ ಬಿಜಗಳನ್ನು ಬೀಜೊಪಚಾರ ಮಾಡುವುದನ್ನು ಮರೆಯದಿರಿ ಗದ್ದೆಯನ್ನು ಸಿದ್ಧಪಡಿಸುವಾಗ, ಪ್ರತಿ ಎಕರೆಗೆ 20 ರಿಂದ 25 ಕ್ವಿಂಟಾಲ್ ಚೆನ್ನಾಗಿ ಕೊಳೆತ ಹಸುವಿನ ಸಗಣಿ ಅಥವಾ ಎರೆಹುಳು ಗೊಬ್ಬರವನ್ನು ಮಿಶ್ರಣ ಮಾಡಿ. ನಿಮ್ಮ ಹೊಲವನ್ನು ಸಮತಟ್ಟಾಗಿ ಮಾಡಿಟ್ಟುಕೊಳ್ಳಿ ಇದರಿಂದ ಸ್ವಲ್ಪ ಜಾಗ ಒಣಗುವುದು ಮತ್ತು ಸಲ್ಪ ಜಾದಗಲ್ಲಿ ನೀರುನಿಲ್ಲುವುದು ತಪ್ಪುತ್ತದೆ ಗದ್ದೆಯಲ್ಲಿ ತೋಡುಗಳನ್ನು ಮಾಡಿ ನಾಟಿ ಮಾಡಿ. ನಾಟಿ ಮಾಡುವಾಗ ಬೀಜದಿಂದ ಬಿಜಕ್ಕೆ 1 ರಿಂದ 2 ಅಡಿ ಅಂತರವನ್ನು ಹಾಗೂ ಸಾಲಿನಿಂದ ಸಾಲಿಗೆ 4 ರಿಂದ 5 ಅಡಿ ಅಂತರವನ್ನು ಇಟ್ಟುಕೊಳ್ಳಿ. ನಾಟಿಯ ಸಮಯದಲ್ಲಿ, 250 ಕೆಜಿ ಸಿಂಗಲ್ ಸೂಪರ್ ಫಾಸ್ಫೇಟ್ ಅನ್ನು 25 ಕೆಜಿ ಯೂರಿಯಾ, 85 ಕೆಜಿ ಪೊಟ್ಯಾಷ್ ಮತ್ತು 25 ಕೆಜಿ ಸೂಕ್ಷ್ಮ ಪೋಷಕಾಂಶಗಳೊಂದಿಗೆ ಭೂಮಿಗೆ ಹಾಕಬೇಕು. ಕಬ್ಬು ನಾಟಿ ಮಾಡಿದ ತಕ್ಷಣ ಹೊಲಗಳಿಗೆ ನೀರು ಹಾಯಿಸಬೇಕು. ರೈತ ಮಿತ್ರರು ಕಬ್ಬು ಬೆಳೆ ಜೊತೆಗೆ ಅಂತರ ಬೆಳೆಯನ್ನು ಮಾಡಲು ಬಯಸದಿದ್ದರೆ, ಕಬ್ಬಿನ ಸಾಲುಗಳ ನಡುವೆ ಅಗಸೆ ಅಥವಾ ಧೈಂಚದ ಬೆಳೆ ತೆಗೆದುಕೊಳ್ಳಿ, ಇದರಿಂದ ಜಮೀನಿನಲ್ಲಿಯೇ ಹಸಿರು ಗೊಬ್ಬರವನ್ನು ತಯಾರಿಸಬಹುದು. 3-4 ತಿಂಗಳ ಕಬ್ಬಿನ ಬೆಳೆಯಲ್ಲಿ ಸೂಕ್ಷ್ಮ ಪೋಷಕಾಂಶಗಳ ಜತೆಗೆ 19:19:19ರ ಎನ್.ಪಿ.ಕೆ. ಗೊಬ್ಬರವನ್ನು ಪ್ರತಿ ಎಕರೆಗೆ 4 ಕೆ.ಜಿ.ಯಂತೆ ಮಿಶ್ರಣ ಮಾಡುವ ಮೂಲಕ ಎಲೆಗಳ ಮೇಲೆ ಸಿಂಪಡಿಸಿ. ಜೋರಾದ ಗಾಳಿ, ಮಳೆಯ ಹಿನ್ನೆಲೆಯಲ್ಲಿ ಕಬ್ಬಿನ ಗಿಡಗಳು ಬೀಳದಂತೆ ಬುಡಕ್ಕೆ ಮಣ್ಣನ್ನು ಕಟ್ಟಿ, ಮತ್ತು ಗಿಡಗಳಿಗೆ ಬುಡದಿಂದ 2 ರಿಂದ 3 ಅಡಿ ಎತ್ತರದಲ್ಲಿ ಕಟ್ಟುವ ಕೆಲಸವನ್ನು ಮಾಡಿ. ಸ್ಮಾಟ್ ಅಗ್ರಿ ಕಾರ್ಯಕ್ರಮದ ಹೆಚ್ಚಿನ ಮಾಹಿತಿಗಾಗಿ ಮೊಬೈಲ್ ನಂ 9205021814 ಗೆ ಕರೆ ಮಾಡಿ ಮತ್ತು ಈ ಸಂದೇಶವನ್ನು ಮತ್ತೆ ಪುನಃ ಕೇಳಲು 7065-00-5054 ನ್ನು ಸಂಪರ್ಕಿಸಿ Kannada Karnataka 21-07-2023 10:00:00 SCHEDULED
8072 प्रिय किसान साथियों, जुलाई माह की 22 से 28 तारीख वाले सप्ताह के दौरान हरदोई जिले के महोली क्षेत्र के तापमान में बदलाव की कोई सम्भावना नहीं है I सप्ताह के दौरान दिन का अधिकतम तापमान 32 से 36 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की सम्भावना हैI इस सप्ताह पूर्व तथा पूर्व दक्षिण दिशा से 2 से 14 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवा चलने की सम्भावना हैI कभी कभी 15 से 20 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज हवा के झोके भी आ सकते है जिसकी वजह से पूरे सप्ताह आसमान में बादल छाये रहेंगे तथा 24 से 27 तारीख के बीच वर्षा होने की सम्भावना है I इस दौरान वायुमंडल में आर्द्रता 70 से 95 प्रतिशत तक रहेगीI हवा में अधिक समय तक अधिक आर्द्रता रहने की स्थिति में रोगों और बिमारियों के रोगाणुओं के अधिक जमाव की सम्भावना बढती हैI गन्ने की खेती में खास कर लाल सडन रोग के लिए यह मौसम बहुत अनुकूल होता हैI जिन गन्नो की ऊपर से तीसरी या चौथी पत्ती पीली पड़ रही हैं या सूख रही हैं, उन पर विशेष ध्यान देंI लाल सडन रोग की पुष्टि होने पर ऐसे पौधों को जड़ से निकाल लें और उन्हें खेत से दूर ले जाकर तीन से चार फूट गहरे गड्ढे में दबा देंI उखाड़े गये स्थान पर ब्लीचिंग पाउडर को भरें और मिट्टी से दबा देंI ऐसे खेतों में 4 किग्रा ट्राईकोडर्मा को 4-5 कुंटल गोबर की सडी खाद में मिला कर खेतो में डालें और हल्की सिंचाई करेंI याद रहे कि लाल सडन रोग से प्रभावित गन्ने के खेतों का पानी दूसरे स्वस्थ गन्ने वाले खेतों में न जाने पाये I इस मौसम में पोक्का बोईंग रोग के भी लक्षण दिखाई देते है | इसमें नई पत्ती के जड़ की ओर पीले रंग के धब्बे दिखाई देते है तथा पत्ती सिकुड़ने लगती है| ऐसी स्थिति में प्रति एकड की दर से 250 ग्राम कार्बेन्डाजिम को 250 लीटर पानी में घोल बनाकर छिडकाव करे | किसान भाइयो को अगर अपने खेतो में पायरिल्ला कीट के लक्षण दिख रहे है तो ऐसे में किसान साथियों को सलाह दी जाती है कि वह अपने खेतो में किसी भी प्रकार के कीटनाशक का प्रियोग न करे | इस मौसम में ग्रीन होपर या फुदका नामक कीट भी दिखाई देते है खेतो में इनकी अधिक संख्या पाए जाने पर 150 मिली एमिडा को 250 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति एकड की दर से छिडकाव करे | मिटटी में अधिक समय तक नमी रहने के कारण गन्ना गिरने की सम्भावना अधिक हो जाती है ऐसे में किसान भाइयो को सलाह दी जाती है की वे शरदकाल में लगाये गए गन्नो पर भरपूर मिटटी चढाये व जिन गन्नो की ऊंचाई अगर 5-6 फीट की हो गयी हो उसकी पहली बंधाई जड़ से 3-4 फीट की ऊँचाई पर करेंI ऐसे खेत जो खाली पड़े है जिनमे किसान भाई शरद कालीन गन्ने की बुवाई करना चाहते है उन खेतो में सनई, ढ़ैचा आदि हरी खाद की फसलो को अवश्य बोये | ‘स्मार्ट एग्री कार्यक्रम’ की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 22-07-2023 08:05:00 SCHEDULED
8073 प्रिय किसान साथियों, जुलाई माह की 22 से 28 तारीख वाले सप्ताह के दौरान शाहजहांपुर जिले के मोहोली क्षेत्र के तापमान में बदलाव की कोई सम्भावना नहीं है I सप्ताह के दौरान दिन का अधिकतम तापमान 32 से 36 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की सम्भावना हैI इस सप्ताह पूर्व तथा पूर्व दक्षिण दिशा से 2 से 14 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवा चलने की सम्भावना हैI कभी कभी 15 से 20 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज हवा के झोके भी आ सकते है जिसकी वजह से पूरे सप्ताह आसमान में बादल छाये रहेंगे तथा 24 से 27 तारीख के बीच वर्षा होने की सम्भावना है I इस दौरान वायुमंडल में आर्द्रता 70 से 95 प्रतिशत तक रहेगीI हवा में अधिक समय तक अधिक आर्द्रता रहने की स्थिति में रोगों और बिमारियों के रोगाणुओं के अधिक जमाव की सम्भावना बढती हैI गन्ने की खेती में खास कर लाल सडन रोग के लिए यह मौसम बहुत अनुकूल होता हैI जिन गन्नो की ऊपर से तीसरी या चौथी पत्ती पीली पड़ रही हैं या सूख रही हैं, उन पर विशेष ध्यान देंI लाल सडन रोग की पुष्टि होने पर ऐसे पौधों को जड़ से निकाल लें और उन्हें खेत से दूर ले जाकर तीन से चार फूट गहरे गड्ढे में दबा देंI उखाड़े गये स्थान पर ब्लीचिंग पाउडर को भरें और मिट्टी से दबा देंI ऐसे खेतों में 4 किग्रा ट्राईकोडर्मा को 4-5 कुंटल गोबर की सडी खाद में मिला कर खेतो में डालें और हल्की सिंचाई करेंI याद रहे कि लाल सडन रोग से प्रभावित गन्ने के खेतों का पानी दूसरे स्वस्थ गन्ने वाले खेतों में न जाने पाये I इस मौसम में पोक्का बोईंग रोग के भी लक्षण दिखाई देते है | इसमें नई पत्ती के जड़ की ओर पीले रंग के धब्बे दिखाई देते है तथा पत्ती सिकुड़ने लगती है| ऐसी स्थिति में प्रति एकड की दर से 250 ग्राम कार्बेन्डाजिम को 250 लीटर पानी में घोल बनाकर छिडकाव करे | किसान भाइयो को अगर अपने खेतो में पायरिल्ला कीट के लक्षण दिख रहे है तो ऐसे में किसान साथियों को सलाह दी जाती है कि वह अपने खेतो में किसी भी प्रकार के कीटनाशक का प्रियोग न करे | इस मौसम में ग्रीन होपर या फुदका नामक कीट भी दिखाई देते है खेतो में इनकी अधिक संख्या पाए जाने पर 150 मिली एमिडा को 250 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति एकड की दर से छिडकाव करे | मिटटी में अधिक समय तक नमी रहने के कारण गन्ना गिरने की सम्भावना अधिक हो जाती है ऐसे में किसान भाइयो को सलाह दी जाती है की वे शरदकाल में लगाये गए गन्नो पर भरपूर मिटटी चढाये व जिन गन्नो की ऊंचाई अगर 5-6 फीट की हो गयी हो उसकी पहली बंधाई जड़ से 3-4 फीट की ऊँचाई पर करेंI ऐसे खेत जो खाली पड़े है जिनमे किसान भाई शरद कालीन गन्ने की बुवाई करना चाहते है उन खेतो में सनई, ढ़ैचा आदि हरी खाद की फसलो को अवश्य बोये | ‘स्मार्ट एग्री कार्यक्रम’ की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 22-07-2023 08:12:00 SCHEDULED
8074 प्रिय किसान साथियों, जुलाई माह की 22 से 28 तारीख वाले सप्ताह के दौरान शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद क्षेत्र के तापमान में बदलाव की कोई सम्भावना नहीं है I सप्ताह के दौरान दिन का अधिकतम तापमान 32 से 36 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की सम्भावना हैI इस सप्ताह पूर्व तथा पूर्व दक्षिण दिशा से 2 से 14 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवा चलने की सम्भावना हैI कभी कभी 15 से 20 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज हवा के झोके भी आ सकते है जिसकी वजह से पूरे सप्ताह आसमान में बादल छाये रहेंगे तथा 24 से 27 तारीख के बीच वर्षा होने की सम्भावना है I इस दौरान वायुमंडल में आर्द्रता 70 से 95 प्रतिशत तक रहेगीI हवा में अधिक समय तक अधिक आर्द्रता रहने की स्थिति में रोगों और बिमारियों के रोगाणुओं के अधिक जमाव की सम्भावना बढती हैI गन्ने की खेती में खास कर लाल सडन रोग के लिए यह मौसम बहुत अनुकूल होता हैI जिन गन्नो की ऊपर से तीसरी या चौथी पत्ती पीली पड़ रही हैं या सूख रही हैं, उन पर विशेष ध्यान देंI लाल सडन रोग की पुष्टि होने पर ऐसे पौधों को जड़ से निकाल लें और उन्हें खेत से दूर ले जाकर तीन से चार फूट गहरे गड्ढे में दबा देंI उखाड़े गये स्थान पर ब्लीचिंग पाउडर को भरें और मिट्टी से दबा देंI ऐसे खेतों में 4 किग्रा ट्राईकोडर्मा को 4-5 कुंटल गोबर की सडी खाद में मिला कर खेतो में डालें और हल्की सिंचाई करेंI याद रहे कि लाल सडन रोग से प्रभावित गन्ने के खेतों का पानी दूसरे स्वस्थ गन्ने वाले खेतों में न जाने पाये I इस मौसम में पोक्का बोईंग रोग के भी लक्षण दिखाई देते है | इसमें नई पत्ती के जड़ की ओर पीले रंग के धब्बे दिखाई देते है तथा पत्ती सिकुड़ने लगती है| ऐसी स्थिति में प्रति एकड की दर से 250 ग्राम कार्बेन्डाजिम को 250 लीटर पानी में घोल बनाकर छिडकाव करे | किसान भाइयो को अगर अपने खेतो में पायरिल्ला कीट के लक्षण दिख रहे है तो ऐसे में किसान साथियों को सलाह दी जाती है कि वह अपने खेतो में किसी भी प्रकार के कीटनाशक का प्रियोग न करे | इस मौसम में ग्रीन होपर या फुदका नामक कीट भी दिखाई देते है खेतो में इनकी अधिक संख्या पाए जाने पर 150 मिली एमिडा को 250 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति एकड की दर से छिडकाव करे | मिटटी में अधिक समय तक नमी रहने के कारण गन्ना गिरने की सम्भावना अधिक हो जाती है ऐसे में किसान भाइयो को सलाह दी जाती है की वे शरदकाल में लगाये गए गन्नो पर भरपूर मिटटी चढाये व जिन गन्नो की ऊंचाई अगर 5-6 फीट की हो गयी हो उसकी पहली बंधाई जड़ से 3-4 फीट की ऊँचाई पर करेंI ऐसे खेत जो खाली पड़े है जिनमे किसान भाई शरद कालीन गन्ने की बुवाई करना चाहते है उन खेतो में सनई, ढ़ैचा आदि हरी खाद की फसलो को अवश्य बोये | ‘स्मार्ट एग्री कार्यक्रम’ की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 22-07-2023 08:12:00 SCHEDULED
8075 प्रिय किसान साथियों, जुलाई माह की 22 से 28 तारीख वाले सप्ताह के दौरान शाहजहांपुर जिले के अल्लागंज क्षेत्र के तापमान में बदलाव की कोई सम्भावना नहीं है I सप्ताह के दौरान दिन का अधिकतम तापमान 32 से 36 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की सम्भावना हैI इस सप्ताह पूर्व तथा पूर्व दक्षिण दिशा से 2 से 14 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवा चलने की सम्भावना हैI कभी कभी 15 से 20 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज हवा के झोके भी आ सकते है जिसकी वजह से पूरे सप्ताह आसमान में बादल छाये रहेंगे तथा 24 से 27 तारीख के बीच वर्षा होने की सम्भावना है I इस दौरान वायुमंडल में आर्द्रता 70 से 95 प्रतिशत तक रहेगीI हवा में अधिक समय तक अधिक आर्द्रता रहने की स्थिति में रोगों और बिमारियों के रोगाणुओं के अधिक जमाव की सम्भावना बढती हैI गन्ने की खेती में खास कर लाल सडन रोग के लिए यह मौसम बहुत अनुकूल होता हैI जिन गन्नो की ऊपर से तीसरी या चौथी पत्ती पीली पड़ रही हैं या सूख रही हैं, उन पर विशेष ध्यान देंI लाल सडन रोग की पुष्टि होने पर ऐसे पौधों को जड़ से निकाल लें और उन्हें खेत से दूर ले जाकर तीन से चार फूट गहरे गड्ढे में दबा देंI उखाड़े गये स्थान पर ब्लीचिंग पाउडर को भरें और मिट्टी से दबा देंI ऐसे खेतों में 4 किग्रा ट्राईकोडर्मा को 4-5 कुंटल गोबर की सडी खाद में मिला कर खेतो में डालें और हल्की सिंचाई करेंI याद रहे कि लाल सडन रोग से प्रभावित गन्ने के खेतों का पानी दूसरे स्वस्थ गन्ने वाले खेतों में न जाने पाये I इस मौसम में पोक्का बोईंग रोग के भी लक्षण दिखाई देते है | इसमें नई पत्ती के जड़ की ओर पीले रंग के धब्बे दिखाई देते है तथा पत्ती सिकुड़ने लगती है| ऐसी स्थिति में प्रति एकड की दर से 250 ग्राम कार्बेन्डाजिम को 250 लीटर पानी में घोल बनाकर छिडकाव करे | किसान भाइयो को अगर अपने खेतो में पायरिल्ला कीट के लक्षण दिख रहे है तो ऐसे में किसान साथियों को सलाह दी जाती है कि वह अपने खेतो में किसी भी प्रकार के कीटनाशक का प्रियोग न करे | इस मौसम में ग्रीन होपर या फुदका नामक कीट भी दिखाई देते है खेतो में इनकी अधिक संख्या पाए जाने पर 150 मिली एमिडा को 250 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति एकड की दर से छिडकाव करे | मिटटी में अधिक समय तक नमी रहने के कारण गन्ना गिरने की सम्भावना अधिक हो जाती है ऐसे में किसान भाइयो को सलाह दी जाती है की वे शरदकाल में लगाये गए गन्नो पर भरपूर मिटटी चढाये व जिन गन्नो की ऊंचाई अगर 5-6 फीट की हो गयी हो उसकी पहली बंधाई जड़ से 3-4 फीट की ऊँचाई पर करेंI ऐसे खेत जो खाली पड़े है जिनमे किसान भाई शरद कालीन गन्ने की बुवाई करना चाहते है उन खेतो में सनई, ढ़ैचा आदि हरी खाद की फसलो को अवश्य बोये | ‘स्मार्ट एग्री कार्यक्रम’ की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 22-07-2023 08:12:00 SCHEDULED
8076 प्रिय किसान साथियों, जुलाई माह की 22 से 28 तारीख वाले सप्ताह के दौरान शाहजहांपुर जिले के पुवाया क्षेत्र के तापमान में बदलाव की कोई सम्भावना नहीं है I सप्ताह के दौरान दिन का अधिकतम तापमान 32 से 36 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की सम्भावना हैI इस सप्ताह पूर्व तथा पूर्व दक्षिण दिशा से 2 से 14 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवा चलने की सम्भावना हैI कभी कभी 15 से 20 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज हवा के झोके भी आ सकते है जिसकी वजह से पूरे सप्ताह आसमान में बादल छाये रहेंगे तथा 24 से 27 तारीख के बीच वर्षा होने की सम्भावना है I इस दौरान वायुमंडल में आर्द्रता 70 से 95 प्रतिशत तक रहेगीI हवा में अधिक समय तक अधिक आर्द्रता रहने की स्थिति में रोगों और बिमारियों के रोगाणुओं के अधिक जमाव की सम्भावना बढती हैI गन्ने की खेती में खास कर लाल सडन रोग के लिए यह मौसम बहुत अनुकूल होता हैI जिन गन्नो की ऊपर से तीसरी या चौथी पत्ती पीली पड़ रही हैं या सूख रही हैं, उन पर विशेष ध्यान देंI लाल सडन रोग की पुष्टि होने पर ऐसे पौधों को जड़ से निकाल लें और उन्हें खेत से दूर ले जाकर तीन से चार फूट गहरे गड्ढे में दबा देंI उखाड़े गये स्थान पर ब्लीचिंग पाउडर को भरें और मिट्टी से दबा देंI ऐसे खेतों में 4 किग्रा ट्राईकोडर्मा को 4-5 कुंटल गोबर की सडी खाद में मिला कर खेतो में डालें और हल्की सिंचाई करेंI याद रहे कि लाल सडन रोग से प्रभावित गन्ने के खेतों का पानी दूसरे स्वस्थ गन्ने वाले खेतों में न जाने पाये I इस मौसम में पोक्का बोईंग रोग के भी लक्षण दिखाई देते है | इसमें नई पत्ती के जड़ की ओर पीले रंग के धब्बे दिखाई देते है तथा पत्ती सिकुड़ने लगती है| ऐसी स्थिति में प्रति एकड की दर से 250 ग्राम कार्बेन्डाजिम को 250 लीटर पानी में घोल बनाकर छिडकाव करे | किसान भाइयो को अगर अपने खेतो में पायरिल्ला कीट के लक्षण दिख रहे है तो ऐसे में किसान साथियों को सलाह दी जाती है कि वह अपने खेतो में किसी भी प्रकार के कीटनाशक का प्रियोग न करे | इस मौसम में ग्रीन होपर या फुदका नामक कीट भी दिखाई देते है खेतो में इनकी अधिक संख्या पाए जाने पर 150 मिली एमिडा को 250 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति एकड की दर से छिडकाव करे | मिटटी में अधिक समय तक नमी रहने के कारण गन्ना गिरने की सम्भावना अधिक हो जाती है ऐसे में किसान भाइयो को सलाह दी जाती है की वे शरदकाल में लगाये गए गन्नो पर भरपूर मिटटी चढाये व जिन गन्नो की ऊंचाई अगर 5-6 फीट की हो गयी हो उसकी पहली बंधाई जड़ से 3-4 फीट की ऊँचाई पर करेंI ऐसे खेत जो खाली पड़े है जिनमे किसान भाई शरद कालीन गन्ने की बुवाई करना चाहते है उन खेतो में सनई, ढ़ैचा आदि हरी खाद की फसलो को अवश्य बोये | ‘स्मार्ट एग्री कार्यक्रम’ की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 22-07-2023 08:12:00 SCHEDULED
8077 प्रिय किसान साथियों, जुलाई माह की 22 से 28 तारीख वाले सप्ताह के दौरान शाहजहांपुर जिले के मदनपुर क्षेत्र के तापमान में बदलाव की कोई सम्भावना नहीं है I सप्ताह के दौरान दिन का अधिकतम तापमान 32 से 36 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की सम्भावना हैI इस सप्ताह पूर्व तथा पूर्व दक्षिण दिशा से 2 से 14 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवा चलने की सम्भावना हैI कभी कभी 15 से 20 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज हवा के झोके भी आ सकते है जिसकी वजह से पूरे सप्ताह आसमान में बादल छाये रहेंगे तथा 24 से 27 तारीख के बीच वर्षा होने की सम्भावना है I इस दौरान वायुमंडल में आर्द्रता 70 से 95 प्रतिशत तक रहेगीI हवा में अधिक समय तक अधिक आर्द्रता रहने की स्थिति में रोगों और बिमारियों के रोगाणुओं के अधिक जमाव की सम्भावना बढती हैI गन्ने की खेती में खास कर लाल सडन रोग के लिए यह मौसम बहुत अनुकूल होता हैI जिन गन्नो की ऊपर से तीसरी या चौथी पत्ती पीली पड़ रही हैं या सूख रही हैं, उन पर विशेष ध्यान देंI लाल सडन रोग की पुष्टि होने पर ऐसे पौधों को जड़ से निकाल लें और उन्हें खेत से दूर ले जाकर तीन से चार फूट गहरे गड्ढे में दबा देंI उखाड़े गये स्थान पर ब्लीचिंग पाउडर को भरें और मिट्टी से दबा देंI ऐसे खेतों में 4 किग्रा ट्राईकोडर्मा को 4-5 कुंटल गोबर की सडी खाद में मिला कर खेतो में डालें और हल्की सिंचाई करेंI याद रहे कि लाल सडन रोग से प्रभावित गन्ने के खेतों का पानी दूसरे स्वस्थ गन्ने वाले खेतों में न जाने पाये I इस मौसम में पोक्का बोईंग रोग के भी लक्षण दिखाई देते है | इसमें नई पत्ती के जड़ की ओर पीले रंग के धब्बे दिखाई देते है तथा पत्ती सिकुड़ने लगती है| ऐसी स्थिति में प्रति एकड की दर से 250 ग्राम कार्बेन्डाजिम को 250 लीटर पानी में घोल बनाकर छिडकाव करे | किसान भाइयो को अगर अपने खेतो में पायरिल्ला कीट के लक्षण दिख रहे है तो ऐसे में किसान साथियों को सलाह दी जाती है कि वह अपने खेतो में किसी भी प्रकार के कीटनाशक का प्रियोग न करे | इस मौसम में ग्रीन होपर या फुदका नामक कीट भी दिखाई देते है खेतो में इनकी अधिक संख्या पाए जाने पर 150 मिली एमिडा को 250 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति एकड की दर से छिडकाव करे | मिटटी में अधिक समय तक नमी रहने के कारण गन्ना गिरने की सम्भावना अधिक हो जाती है ऐसे में किसान भाइयो को सलाह दी जाती है की वे शरदकाल में लगाये गए गन्नो पर भरपूर मिटटी चढाये व जिन गन्नो की ऊंचाई अगर 5-6 फीट की हो गयी हो उसकी पहली बंधाई जड़ से 3-4 फीट की ऊँचाई पर करेंI ऐसे खेत जो खाली पड़े है जिनमे किसान भाई शरद कालीन गन्ने की बुवाई करना चाहते है उन खेतो में सनई, ढ़ैचा आदि हरी खाद की फसलो को अवश्य बोये | ‘स्मार्ट एग्री कार्यक्रम’ की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 22-07-2023 08:11:00 SCHEDULED
8078 प्रिय किसान साथियों, जुलाई माह की 22 से 28 तारीख वाले सप्ताह के दौरान शाहजहांपुर जिले के बावल खेडा क्षेत्र के तापमान में बदलाव की कोई सम्भावना नहीं है I सप्ताह के दौरान दिन का अधिकतम तापमान 32 से 36 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की सम्भावना हैI इस सप्ताह पूर्व तथा पूर्व दक्षिण दिशा से 2 से 14 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवा चलने की सम्भावना हैI कभी कभी 15 से 20 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज हवा के झोके भी आ सकते है जिसकी वजह से पूरे सप्ताह आसमान में बादल छाये रहेंगे तथा 24 से 27 तारीख के बीच वर्षा होने की सम्भावना है I इस दौरान वायुमंडल में आर्द्रता 70 से 95 प्रतिशत तक रहेगीI हवा में अधिक समय तक अधिक आर्द्रता रहने की स्थिति में रोगों और बिमारियों के रोगाणुओं के अधिक जमाव की सम्भावना बढती हैI गन्ने की खेती में खास कर लाल सडन रोग के लिए यह मौसम बहुत अनुकूल होता हैI जिन गन्नो की ऊपर से तीसरी या चौथी पत्ती पीली पड़ रही हैं या सूख रही हैं, उन पर विशेष ध्यान देंI लाल सडन रोग की पुष्टि होने पर ऐसे पौधों को जड़ से निकाल लें और उन्हें खेत से दूर ले जाकर तीन से चार फूट गहरे गड्ढे में दबा देंI उखाड़े गये स्थान पर ब्लीचिंग पाउडर को भरें और मिट्टी से दबा देंI ऐसे खेतों में 4 किग्रा ट्राईकोडर्मा को 4-5 कुंटल गोबर की सडी खाद में मिला कर खेतो में डालें और हल्की सिंचाई करेंI याद रहे कि लाल सडन रोग से प्रभावित गन्ने के खेतों का पानी दूसरे स्वस्थ गन्ने वाले खेतों में न जाने पाये I इस मौसम में पोक्का बोईंग रोग के भी लक्षण दिखाई देते है | इसमें नई पत्ती के जड़ की ओर पीले रंग के धब्बे दिखाई देते है तथा पत्ती सिकुड़ने लगती है| ऐसी स्थिति में प्रति एकड की दर से 250 ग्राम कार्बेन्डाजिम को 250 लीटर पानी में घोल बनाकर छिडकाव करे | किसान भाइयो को अगर अपने खेतो में पायरिल्ला कीट के लक्षण दिख रहे है तो ऐसे में किसान साथियों को सलाह दी जाती है कि वह अपने खेतो में किसी भी प्रकार के कीटनाशक का प्रियोग न करे | इस मौसम में ग्रीन होपर या फुदका नामक कीट भी दिखाई देते है खेतो में इनकी अधिक संख्या पाए जाने पर 150 मिली एमिडा को 250 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति एकड की दर से छिडकाव करे | मिटटी में अधिक समय तक नमी रहने के कारण गन्ना गिरने की सम्भावना अधिक हो जाती है ऐसे में किसान भाइयो को सलाह दी जाती है की वे शरदकाल में लगाये गए गन्नो पर भरपूर मिटटी चढाये व जिन गन्नो की ऊंचाई अगर 5-6 फीट की हो गयी हो उसकी पहली बंधाई जड़ से 3-4 फीट की ऊँचाई पर करेंI ऐसे खेत जो खाली पड़े है जिनमे किसान भाई शरद कालीन गन्ने की बुवाई करना चाहते है उन खेतो में सनई, ढ़ैचा आदि हरी खाद की फसलो को अवश्य बोये | ‘स्मार्ट एग्री कार्यक्रम’ की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 22-07-2023 08:11:00 SCHEDULED
8079 प्रिय किसान साथियों, जुलाई माह की 22 से 28 तारीख वाले सप्ताह के दौरान शाहजहांपुर जिले के मिर्जापुर क्षेत्र के तापमान में बदलाव की कोई सम्भावना नहीं है I सप्ताह के दौरान दिन का अधिकतम तापमान 32 से 36 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की सम्भावना हैI इस सप्ताह पूर्व तथा पूर्व दक्षिण दिशा से 2 से 14 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवा चलने की सम्भावना हैI कभी कभी 15 से 20 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज हवा के झोके भी आ सकते है जिसकी वजह से पूरे सप्ताह आसमान में बादल छाये रहेंगे तथा 24 से 27 तारीख के बीच वर्षा होने की सम्भावना है I इस दौरान वायुमंडल में आर्द्रता 70 से 95 प्रतिशत तक रहेगीI हवा में अधिक समय तक अधिक आर्द्रता रहने की स्थिति में रोगों और बिमारियों के रोगाणुओं के अधिक जमाव की सम्भावना बढती हैI गन्ने की खेती में खास कर लाल सडन रोग के लिए यह मौसम बहुत अनुकूल होता हैI जिन गन्नो की ऊपर से तीसरी या चौथी पत्ती पीली पड़ रही हैं या सूख रही हैं, उन पर विशेष ध्यान देंI लाल सडन रोग की पुष्टि होने पर ऐसे पौधों को जड़ से निकाल लें और उन्हें खेत से दूर ले जाकर तीन से चार फूट गहरे गड्ढे में दबा देंI उखाड़े गये स्थान पर ब्लीचिंग पाउडर को भरें और मिट्टी से दबा देंI ऐसे खेतों में 4 किग्रा ट्राईकोडर्मा को 4-5 कुंटल गोबर की सडी खाद में मिला कर खेतो में डालें और हल्की सिंचाई करेंI याद रहे कि लाल सडन रोग से प्रभावित गन्ने के खेतों का पानी दूसरे स्वस्थ गन्ने वाले खेतों में न जाने पाये I इस मौसम में पोक्का बोईंग रोग के भी लक्षण दिखाई देते है | इसमें नई पत्ती के जड़ की ओर पीले रंग के धब्बे दिखाई देते है तथा पत्ती सिकुड़ने लगती है| ऐसी स्थिति में प्रति एकड की दर से 250 ग्राम कार्बेन्डाजिम को 250 लीटर पानी में घोल बनाकर छिडकाव करे | किसान भाइयो को अगर अपने खेतो में पायरिल्ला कीट के लक्षण दिख रहे है तो ऐसे में किसान साथियों को सलाह दी जाती है कि वह अपने खेतो में किसी भी प्रकार के कीटनाशक का प्रियोग न करे | इस मौसम में ग्रीन होपर या फुदका नामक कीट भी दिखाई देते है खेतो में इनकी अधिक संख्या पाए जाने पर 150 मिली एमिडा को 250 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति एकड की दर से छिडकाव करे | मिटटी में अधिक समय तक नमी रहने के कारण गन्ना गिरने की सम्भावना अधिक हो जाती है ऐसे में किसान भाइयो को सलाह दी जाती है की वे शरदकाल में लगाये गए गन्नो पर भरपूर मिटटी चढाये व जिन गन्नो की ऊंचाई अगर 5-6 फीट की हो गयी हो उसकी पहली बंधाई जड़ से 3-4 फीट की ऊँचाई पर करेंI ऐसे खेत जो खाली पड़े है जिनमे किसान भाई शरद कालीन गन्ने की बुवाई करना चाहते है उन खेतो में सनई, ढ़ैचा आदि हरी खाद की फसलो को अवश्य बोये | ‘स्मार्ट एग्री कार्यक्रम’ की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 22-07-2023 08:10:00 SCHEDULED
8080 प्रिय किसान साथियों, जुलाई माह की 22 से 28 तारीख वाले सप्ताह के दौरान लखीमपुर जिले के बावन क्षेत्र के तापमान में बदलाव की कोई सम्भावना नहीं है I सप्ताह के दौरान दिन का अधिकतम तापमान 32 से 36 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की सम्भावना हैI इस सप्ताह पूर्व तथा पूर्व दक्षिण दिशा से 2 से 14 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवा चलने की सम्भावना हैI कभी कभी 15 से 20 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज हवा के झोके भी आ सकते है जिसकी वजह से पूरे सप्ताह आसमान में बादल छाये रहेंगे तथा 24 से 27 तारीख के बीच वर्षा होने की सम्भावना है I इस दौरान वायुमंडल में आर्द्रता 70 से 95 प्रतिशत तक रहेगीI हवा में अधिक समय तक अधिक आर्द्रता रहने की स्थिति में रोगों और बिमारियों के रोगाणुओं के अधिक जमाव की सम्भावना बढती हैI गन्ने की खेती में खास कर लाल सडन रोग के लिए यह मौसम बहुत अनुकूल होता हैI जिन गन्नो की ऊपर से तीसरी या चौथी पत्ती पीली पड़ रही हैं या सूख रही हैं, उन पर विशेष ध्यान देंI लाल सडन रोग की पुष्टि होने पर ऐसे पौधों को जड़ से निकाल लें और उन्हें खेत से दूर ले जाकर तीन से चार फूट गहरे गड्ढे में दबा देंI उखाड़े गये स्थान पर ब्लीचिंग पाउडर को भरें और मिट्टी से दबा देंI ऐसे खेतों में 4 किग्रा ट्राईकोडर्मा को 4-5 कुंटल गोबर की सडी खाद में मिला कर खेतो में डालें और हल्की सिंचाई करेंI याद रहे कि लाल सडन रोग से प्रभावित गन्ने के खेतों का पानी दूसरे स्वस्थ गन्ने वाले खेतों में न जाने पाये I इस मौसम में पोक्का बोईंग रोग के भी लक्षण दिखाई देते है | इसमें नई पत्ती के जड़ की ओर पीले रंग के धब्बे दिखाई देते है तथा पत्ती सिकुड़ने लगती है| ऐसी स्थिति में प्रति एकड की दर से 250 ग्राम कार्बेन्डाजिम को 250 लीटर पानी में घोल बनाकर छिडकाव करे | किसान भाइयो को अगर अपने खेतो में पायरिल्ला कीट के लक्षण दिख रहे है तो ऐसे में किसान साथियों को सलाह दी जाती है कि वह अपने खेतो में किसी भी प्रकार के कीटनाशक का प्रियोग न करे | इस मौसम में ग्रीन होपर या फुदका नामक कीट भी दिखाई देते है खेतो में इनकी अधिक संख्या पाए जाने पर 150 मिली एमिडा को 250 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति एकड की दर से छिडकाव करे | मिटटी में अधिक समय तक नमी रहने के कारण गन्ना गिरने की सम्भावना अधिक हो जाती है ऐसे में किसान भाइयो को सलाह दी जाती है की वे शरदकाल में लगाये गए गन्नो पर भरपूर मिटटी चढाये व जिन गन्नो की ऊंचाई अगर 5-6 फीट की हो गयी हो उसकी पहली बंधाई जड़ से 3-4 फीट की ऊँचाई पर करेंI ऐसे खेत जो खाली पड़े है जिनमे किसान भाई शरद कालीन गन्ने की बुवाई करना चाहते है उन खेतो में सनई, ढ़ैचा आदि हरी खाद की फसलो को अवश्य बोये | ‘स्मार्ट एग्री कार्यक्रम’ की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 22-07-2023 08:09:00 SCHEDULED