Message Schedule List : 11,652
| S. No. | Message | Language | Created By | Date | Time | Status | Action |
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| 8091 | प्रिय किसान साथियों, जुलाई माह की 22 से 28 तारीख वाले सप्ताह के दौरान हरदोई जिले के पिहानी क्षेत्र के तापमान में बदलाव की कोई सम्भावना नहीं है I सप्ताह के दौरान दिन का अधिकतम तापमान 32 से 36 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की सम्भावना हैI इस सप्ताह पूर्व तथा पूर्व दक्षिण दिशा से 2 से 14 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवा चलने की सम्भावना हैI कभी कभी 15 से 20 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज हवा के झोके भी आ सकते है जिसकी वजह से पूरे सप्ताह आसमान में बादल छाये रहेंगे तथा 24 से 27 तारीख के बीच वर्षा होने की सम्भावना है I इस दौरान वायुमंडल में आर्द्रता 70 से 95 प्रतिशत तक रहेगीI हवा में अधिक समय तक अधिक आर्द्रता रहने की स्थिति में रोगों और बिमारियों के रोगाणुओं के अधिक जमाव की सम्भावना बढती हैI गन्ने की खेती में खास कर लाल सडन रोग के लिए यह मौसम बहुत अनुकूल होता हैI जिन गन्नो की ऊपर से तीसरी या चौथी पत्ती पीली पड़ रही हैं या सूख रही हैं, उन पर विशेष ध्यान देंI लाल सडन रोग की पुष्टि होने पर ऐसे पौधों को जड़ से निकाल लें और उन्हें खेत से दूर ले जाकर तीन से चार फूट गहरे गड्ढे में दबा देंI उखाड़े गये स्थान पर ब्लीचिंग पाउडर को भरें और मिट्टी से दबा देंI ऐसे खेतों में 4 किग्रा ट्राईकोडर्मा को 4-5 कुंटल गोबर की सडी खाद में मिला कर खेतो में डालें और हल्की सिंचाई करेंI याद रहे कि लाल सडन रोग से प्रभावित गन्ने के खेतों का पानी दूसरे स्वस्थ गन्ने वाले खेतों में न जाने पाये I इस मौसम में पोक्का बोईंग रोग के भी लक्षण दिखाई देते है | इसमें नई पत्ती के जड़ की ओर पीले रंग के धब्बे दिखाई देते है तथा पत्ती सिकुड़ने लगती है| ऐसी स्थिति में प्रति एकड की दर से 250 ग्राम कार्बेन्डाजिम को 250 लीटर पानी में घोल बनाकर छिडकाव करे | किसान भाइयो को अगर अपने खेतो में पायरिल्ला कीट के लक्षण दिख रहे है तो ऐसे में किसान साथियों को सलाह दी जाती है कि वह अपने खेतो में किसी भी प्रकार के कीटनाशक का प्रियोग न करे | इस मौसम में ग्रीन होपर या फुदका नामक कीट भी दिखाई देते है खेतो में इनकी अधिक संख्या पाए जाने पर 150 मिली एमिडा को 250 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति एकड की दर से छिडकाव करे | मिटटी में अधिक समय तक नमी रहने के कारण गन्ना गिरने की सम्भावना अधिक हो जाती है ऐसे में किसान भाइयो को सलाह दी जाती है की वे शरदकाल में लगाये गए गन्नो पर भरपूर मिटटी चढाये व जिन गन्नो की ऊंचाई अगर 5-6 फीट की हो गयी हो उसकी पहली बंधाई जड़ से 3-4 फीट की ऊँचाई पर करेंI ऐसे खेत जो खाली पड़े है जिनमे किसान भाई शरद कालीन गन्ने की बुवाई करना चाहते है उन खेतो में सनई, ढ़ैचा आदि हरी खाद की फसलो को अवश्य बोये | ‘स्मार्ट एग्री कार्यक्रम’ की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI | Hindi | Uttar Pradesh | 22-07-2023 | 08:03:00 | SCHEDULED |
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| 8092 | प्रिय किसान साथियों, जुलाई माह की 22 से 28 तारीख वाले सप्ताह के दौरान हरदोई जिले के हरपालपुर क्षेत्र के तापमान में बदलाव की कोई सम्भावना नहीं है I सप्ताह के दौरान दिन का अधिकतम तापमान 32 से 36 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की सम्भावना हैI इस सप्ताह पूर्व तथा पूर्व दक्षिण दिशा से 2 से 14 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवा चलने की सम्भावना हैI कभी कभी 15 से 20 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज हवा के झोके भी आ सकते है जिसकी वजह से पूरे सप्ताह आसमान में बादल छाये रहेंगे तथा 24 से 27 तारीख के बीच वर्षा होने की सम्भावना है I इस दौरान वायुमंडल में आर्द्रता 70 से 95 प्रतिशत तक रहेगीI हवा में अधिक समय तक अधिक आर्द्रता रहने की स्थिति में रोगों और बिमारियों के रोगाणुओं के अधिक जमाव की सम्भावना बढती हैI गन्ने की खेती में खास कर लाल सडन रोग के लिए यह मौसम बहुत अनुकूल होता हैI जिन गन्नो की ऊपर से तीसरी या चौथी पत्ती पीली पड़ रही हैं या सूख रही हैं, उन पर विशेष ध्यान देंI लाल सडन रोग की पुष्टि होने पर ऐसे पौधों को जड़ से निकाल लें और उन्हें खेत से दूर ले जाकर तीन से चार फूट गहरे गड्ढे में दबा देंI उखाड़े गये स्थान पर ब्लीचिंग पाउडर को भरें और मिट्टी से दबा देंI ऐसे खेतों में 4 किग्रा ट्राईकोडर्मा को 4-5 कुंटल गोबर की सडी खाद में मिला कर खेतो में डालें और हल्की सिंचाई करेंI याद रहे कि लाल सडन रोग से प्रभावित गन्ने के खेतों का पानी दूसरे स्वस्थ गन्ने वाले खेतों में न जाने पाये I इस मौसम में पोक्का बोईंग रोग के भी लक्षण दिखाई देते है | इसमें नई पत्ती के जड़ की ओर पीले रंग के धब्बे दिखाई देते है तथा पत्ती सिकुड़ने लगती है| ऐसी स्थिति में प्रति एकड की दर से 250 ग्राम कार्बेन्डाजिम को 250 लीटर पानी में घोल बनाकर छिडकाव करे | किसान भाइयो को अगर अपने खेतो में पायरिल्ला कीट के लक्षण दिख रहे है तो ऐसे में किसान साथियों को सलाह दी जाती है कि वह अपने खेतो में किसी भी प्रकार के कीटनाशक का प्रियोग न करे | इस मौसम में ग्रीन होपर या फुदका नामक कीट भी दिखाई देते है खेतो में इनकी अधिक संख्या पाए जाने पर 150 मिली एमिडा को 250 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति एकड की दर से छिडकाव करे | मिटटी में अधिक समय तक नमी रहने के कारण गन्ना गिरने की सम्भावना अधिक हो जाती है ऐसे में किसान भाइयो को सलाह दी जाती है की वे शरदकाल में लगाये गए गन्नो पर भरपूर मिटटी चढाये व जिन गन्नो की ऊंचाई अगर 5-6 फीट की हो गयी हो उसकी पहली बंधाई जड़ से 3-4 फीट की ऊँचाई पर करेंI ऐसे खेत जो खाली पड़े है जिनमे किसान भाई शरद कालीन गन्ने की बुवाई करना चाहते है उन खेतो में सनई, ढ़ैचा आदि हरी खाद की फसलो को अवश्य बोये | ‘स्मार्ट एग्री कार्यक्रम’ की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI | Hindi | Uttar Pradesh | 22-07-2023 | 08:03:00 | SCHEDULED |
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| 8093 | प्रिय किसान साथियों, जुलाई माह की 22 से 28 तारीख वाले सप्ताह के दौरान हरदोई जिले के हरियावा क्षेत्र के तापमान में बदलाव की कोई सम्भावना नहीं है I सप्ताह के दौरान दिन का अधिकतम तापमान 32 से 36 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की सम्भावना हैI इस सप्ताह पूर्व तथा पूर्व दक्षिण दिशा से 2 से 14 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवा चलने की सम्भावना हैI कभी कभी 15 से 20 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज हवा के झोके भी आ सकते है जिसकी वजह से पूरे सप्ताह आसमान में बादल छाये रहेंगे तथा 24 से 27 तारीख के बीच वर्षा होने की सम्भावना है I इस दौरान वायुमंडल में आर्द्रता 70 से 95 प्रतिशत तक रहेगीI हवा में अधिक समय तक अधिक आर्द्रता रहने की स्थिति में रोगों और बिमारियों के रोगाणुओं के अधिक जमाव की सम्भावना बढती हैI गन्ने की खेती में खास कर लाल सडन रोग के लिए यह मौसम बहुत अनुकूल होता हैI जिन गन्नो की ऊपर से तीसरी या चौथी पत्ती पीली पड़ रही हैं या सूख रही हैं, उन पर विशेष ध्यान देंI लाल सडन रोग की पुष्टि होने पर ऐसे पौधों को जड़ से निकाल लें और उन्हें खेत से दूर ले जाकर तीन से चार फूट गहरे गड्ढे में दबा देंI उखाड़े गये स्थान पर ब्लीचिंग पाउडर को भरें और मिट्टी से दबा देंI ऐसे खेतों में 4 किग्रा ट्राईकोडर्मा को 4-5 कुंटल गोबर की सडी खाद में मिला कर खेतो में डालें और हल्की सिंचाई करेंI याद रहे कि लाल सडन रोग से प्रभावित गन्ने के खेतों का पानी दूसरे स्वस्थ गन्ने वाले खेतों में न जाने पाये I इस मौसम में पोक्का बोईंग रोग के भी लक्षण दिखाई देते है | इसमें नई पत्ती के जड़ की ओर पीले रंग के धब्बे दिखाई देते है तथा पत्ती सिकुड़ने लगती है| ऐसी स्थिति में प्रति एकड की दर से 250 ग्राम कार्बेन्डाजिम को 250 लीटर पानी में घोल बनाकर छिडकाव करे | किसान भाइयो को अगर अपने खेतो में पायरिल्ला कीट के लक्षण दिख रहे है तो ऐसे में किसान साथियों को सलाह दी जाती है कि वह अपने खेतो में किसी भी प्रकार के कीटनाशक का प्रियोग न करे | इस मौसम में ग्रीन होपर या फुदका नामक कीट भी दिखाई देते है खेतो में इनकी अधिक संख्या पाए जाने पर 150 मिली एमिडा को 250 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति एकड की दर से छिडकाव करे | मिटटी में अधिक समय तक नमी रहने के कारण गन्ना गिरने की सम्भावना अधिक हो जाती है ऐसे में किसान भाइयो को सलाह दी जाती है की वे शरदकाल में लगाये गए गन्नो पर भरपूर मिटटी चढाये व जिन गन्नो की ऊंचाई अगर 5-6 फीट की हो गयी हो उसकी पहली बंधाई जड़ से 3-4 फीट की ऊँचाई पर करेंI ऐसे खेत जो खाली पड़े है जिनमे किसान भाई शरद कालीन गन्ने की बुवाई करना चाहते है उन खेतो में सनई, ढ़ैचा आदि हरी खाद की फसलो को अवश्य बोये | ‘स्मार्ट एग्री कार्यक्रम’ की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI | Hindi | Uttar Pradesh | 22-07-2023 | 08:02:00 | SCHEDULED |
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| 8094 | प्रिय किसान साथियों, जुलाई माह की 22 से 28 तारीख वाले सप्ताह के दौरान हरदोई जिले के टोडरपुर क्षेत्र के तापमान में बदलाव की कोई सम्भावना नहीं है I सप्ताह के दौरान दिन का अधिकतम तापमान 32 से 36 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की सम्भावना हैI इस सप्ताह पूर्व तथा पूर्व दक्षिण दिशा से 2 से 14 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवा चलने की सम्भावना हैI कभी कभी 15 से 20 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज हवा के झोके भी आ सकते है जिसकी वजह से पूरे सप्ताह आसमान में बादल छाये रहेंगे तथा 24 से 27 तारीख के बीच वर्षा होने की सम्भावना है I इस दौरान वायुमंडल में आर्द्रता 70 से 95 प्रतिशत तक रहेगीI हवा में अधिक समय तक अधिक आर्द्रता रहने की स्थिति में रोगों और बिमारियों के रोगाणुओं के अधिक जमाव की सम्भावना बढती हैI गन्ने की खेती में खास कर लाल सडन रोग के लिए यह मौसम बहुत अनुकूल होता हैI जिन गन्नो की ऊपर से तीसरी या चौथी पत्ती पीली पड़ रही हैं या सूख रही हैं, उन पर विशेष ध्यान देंI लाल सडन रोग की पुष्टि होने पर ऐसे पौधों को जड़ से निकाल लें और उन्हें खेत से दूर ले जाकर तीन से चार फूट गहरे गड्ढे में दबा देंI उखाड़े गये स्थान पर ब्लीचिंग पाउडर को भरें और मिट्टी से दबा देंI ऐसे खेतों में 4 किग्रा ट्राईकोडर्मा को 4-5 कुंटल गोबर की सडी खाद में मिला कर खेतो में डालें और हल्की सिंचाई करेंI याद रहे कि लाल सडन रोग से प्रभावित गन्ने के खेतों का पानी दूसरे स्वस्थ गन्ने वाले खेतों में न जाने पाये I इस मौसम में पोक्का बोईंग रोग के भी लक्षण दिखाई देते है | इसमें नई पत्ती के जड़ की ओर पीले रंग के धब्बे दिखाई देते है तथा पत्ती सिकुड़ने लगती है| ऐसी स्थिति में प्रति एकड की दर से 250 ग्राम कार्बेन्डाजिम को 250 लीटर पानी में घोल बनाकर छिडकाव करे | किसान भाइयो को अगर अपने खेतो में पायरिल्ला कीट के लक्षण दिख रहे है तो ऐसे में किसान साथियों को सलाह दी जाती है कि वह अपने खेतो में किसी भी प्रकार के कीटनाशक का प्रियोग न करे | इस मौसम में ग्रीन होपर या फुदका नामक कीट भी दिखाई देते है खेतो में इनकी अधिक संख्या पाए जाने पर 150 मिली एमिडा को 250 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति एकड की दर से छिडकाव करे | मिटटी में अधिक समय तक नमी रहने के कारण गन्ना गिरने की सम्भावना अधिक हो जाती है ऐसे में किसान भाइयो को सलाह दी जाती है की वे शरदकाल में लगाये गए गन्नो पर भरपूर मिटटी चढाये व जिन गन्नो की ऊंचाई अगर 5-6 फीट की हो गयी हो उसकी पहली बंधाई जड़ से 3-4 फीट की ऊँचाई पर करेंI ऐसे खेत जो खाली पड़े है जिनमे किसान भाई शरद कालीन गन्ने की बुवाई करना चाहते है उन खेतो में सनई, ढ़ैचा आदि हरी खाद की फसलो को अवश्य बोये | ‘स्मार्ट एग्री कार्यक्रम’ की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI | Hindi | Uttar Pradesh | 22-07-2023 | 08:01:00 | SCHEDULED |
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| 8095 | प्रिय किसान साथियों, जुलाई माह की 22 से 28 तारीख वाले सप्ताह के दौरान हरदोई जिले के बिलग्राम क्षेत्र के तापमान में बदलाव की कोई सम्भावना नहीं है I सप्ताह के दौरान दिन का अधिकतम तापमान 32 से 36 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की सम्भावना हैI इस सप्ताह पूर्व तथा पूर्व दक्षिण दिशा से 2 से 14 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवा चलने की सम्भावना हैI कभी कभी 15 से 20 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज हवा के झोके भी आ सकते है जिसकी वजह से पूरे सप्ताह आसमान में बादल छाये रहेंगे तथा 24 से 27 तारीख के बीच वर्षा होने की सम्भावना है I इस दौरान वायुमंडल में आर्द्रता 70 से 95 प्रतिशत तक रहेगीI हवा में अधिक समय तक अधिक आर्द्रता रहने की स्थिति में रोगों और बिमारियों के रोगाणुओं के अधिक जमाव की सम्भावना बढती हैI गन्ने की खेती में खास कर लाल सडन रोग के लिए यह मौसम बहुत अनुकूल होता हैI जिन गन्नो की ऊपर से तीसरी या चौथी पत्ती पीली पड़ रही हैं या सूख रही हैं, उन पर विशेष ध्यान देंI लाल सडन रोग की पुष्टि होने पर ऐसे पौधों को जड़ से निकाल लें और उन्हें खेत से दूर ले जाकर तीन से चार फूट गहरे गड्ढे में दबा देंI उखाड़े गये स्थान पर ब्लीचिंग पाउडर को भरें और मिट्टी से दबा देंI ऐसे खेतों में 4 किग्रा ट्राईकोडर्मा को 4-5 कुंटल गोबर की सडी खाद में मिला कर खेतो में डालें और हल्की सिंचाई करेंI याद रहे कि लाल सडन रोग से प्रभावित गन्ने के खेतों का पानी दूसरे स्वस्थ गन्ने वाले खेतों में न जाने पाये I इस मौसम में पोक्का बोईंग रोग के भी लक्षण दिखाई देते है | इसमें नई पत्ती के जड़ की ओर पीले रंग के धब्बे दिखाई देते है तथा पत्ती सिकुड़ने लगती है| ऐसी स्थिति में प्रति एकड की दर से 250 ग्राम कार्बेन्डाजिम को 250 लीटर पानी में घोल बनाकर छिडकाव करे | किसान भाइयो को अगर अपने खेतो में पायरिल्ला कीट के लक्षण दिख रहे है तो ऐसे में किसान साथियों को सलाह दी जाती है कि वह अपने खेतो में किसी भी प्रकार के कीटनाशक का प्रियोग न करे | इस मौसम में ग्रीन होपर या फुदका नामक कीट भी दिखाई देते है खेतो में इनकी अधिक संख्या पाए जाने पर 150 मिली एमिडा को 250 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति एकड की दर से छिडकाव करे | मिटटी में अधिक समय तक नमी रहने के कारण गन्ना गिरने की सम्भावना अधिक हो जाती है ऐसे में किसान भाइयो को सलाह दी जाती है की वे शरदकाल में लगाये गए गन्नो पर भरपूर मिटटी चढाये व जिन गन्नो की ऊंचाई अगर 5-6 फीट की हो गयी हो उसकी पहली बंधाई जड़ से 3-4 फीट की ऊँचाई पर करेंI ऐसे खेत जो खाली पड़े है जिनमे किसान भाई शरद कालीन गन्ने की बुवाई करना चाहते है उन खेतो में सनई, ढ़ैचा आदि हरी खाद की फसलो को अवश्य बोये | ‘स्मार्ट एग्री कार्यक्रम’ की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI | Hindi | Uttar Pradesh | 22-07-2023 | 08:01:00 | SCHEDULED |
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| 8096 | प्रिय किसान साथियों, जुलाई माह की 22 से 28 तारीख वाले सप्ताह के दौरान हरदोई जिले के बरखनी क्षेत्र के तापमान में बदलाव की कोई सम्भावना नहीं है I सप्ताह के दौरान दिन का अधिकतम तापमान 32 से 36 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की सम्भावना हैI इस सप्ताह पूर्व तथा पूर्व दक्षिण दिशा से 2 से 14 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवा चलने की सम्भावना हैI कभी कभी 15 से 20 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज हवा के झोके भी आ सकते है जिसकी वजह से पूरे सप्ताह आसमान में बादल छाये रहेंगे तथा 24 से 27 तारीख के बीच वर्षा होने की सम्भावना है I इस दौरान वायुमंडल में आर्द्रता 70 से 95 प्रतिशत तक रहेगीI हवा में अधिक समय तक अधिक आर्द्रता रहने की स्थिति में रोगों और बिमारियों के रोगाणुओं के अधिक जमाव की सम्भावना बढती हैI गन्ने की खेती में खास कर लाल सडन रोग के लिए यह मौसम बहुत अनुकूल होता हैI जिन गन्नो की ऊपर से तीसरी या चौथी पत्ती पीली पड़ रही हैं या सूख रही हैं, उन पर विशेष ध्यान देंI लाल सडन रोग की पुष्टि होने पर ऐसे पौधों को जड़ से निकाल लें और उन्हें खेत से दूर ले जाकर तीन से चार फूट गहरे गड्ढे में दबा देंI उखाड़े गये स्थान पर ब्लीचिंग पाउडर को भरें और मिट्टी से दबा देंI ऐसे खेतों में 4 किग्रा ट्राईकोडर्मा को 4-5 कुंटल गोबर की सडी खाद में मिला कर खेतो में डालें और हल्की सिंचाई करेंI याद रहे कि लाल सडन रोग से प्रभावित गन्ने के खेतों का पानी दूसरे स्वस्थ गन्ने वाले खेतों में न जाने पाये I इस मौसम में पोक्का बोईंग रोग के भी लक्षण दिखाई देते है | इसमें नई पत्ती के जड़ की ओर पीले रंग के धब्बे दिखाई देते है तथा पत्ती सिकुड़ने लगती है| ऐसी स्थिति में प्रति एकड की दर से 250 ग्राम कार्बेन्डाजिम को 250 लीटर पानी में घोल बनाकर छिडकाव करे | किसान भाइयो को अगर अपने खेतो में पायरिल्ला कीट के लक्षण दिख रहे है तो ऐसे में किसान साथियों को सलाह दी जाती है कि वह अपने खेतो में किसी भी प्रकार के कीटनाशक का प्रियोग न करे | इस मौसम में ग्रीन होपर या फुदका नामक कीट भी दिखाई देते है खेतो में इनकी अधिक संख्या पाए जाने पर 150 मिली एमिडा को 250 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति एकड की दर से छिडकाव करे | मिटटी में अधिक समय तक नमी रहने के कारण गन्ना गिरने की सम्भावना अधिक हो जाती है ऐसे में किसान भाइयो को सलाह दी जाती है की वे शरदकाल में लगाये गए गन्नो पर भरपूर मिटटी चढाये व जिन गन्नो की ऊंचाई अगर 5-6 फीट की हो गयी हो उसकी पहली बंधाई जड़ से 3-4 फीट की ऊँचाई पर करेंI ऐसे खेत जो खाली पड़े है जिनमे किसान भाई शरद कालीन गन्ने की बुवाई करना चाहते है उन खेतो में सनई, ढ़ैचा आदि हरी खाद की फसलो को अवश्य बोये | ‘स्मार्ट एग्री कार्यक्रम’ की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI | Hindi | Uttar Pradesh | 22-07-2023 | 08:00:00 | SCHEDULED |
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| 8097 | জিলা: যোৰহাট ( ষ্টেচন: নামচিছু_AWS ) বতৰৰ বতৰা আৰু আমাৰ পৰামৰ্শ (বৈধতাৰ সময়সীমা: ২০ৰ পৰা ২৬ জুলাই লৈ, ২০২৩) VI Smart Agri Project ৰ প্ৰিয় ট্ৰিনিটি ক্ষুদ্ৰ চাহ খেতিয়ক । স্মাৰ্ট কৃষি পৰামৰ্শলৈ স্বাগতম। যোৰহাট জিলাৰ নামচিছুত অৱস্থিত Automatic Weather Station (AWS) ৰ পৰা পোৱা বতৰৰ পূৰ্বানুমান অনুসৰি ২০ৰ পৰা ২৬ জুলাই লৈ, ২০২৩ বতৰ আংশিকভাৱে ডাৱৰীয়া হৈ থাকিব আৰু লগতে পাতলীয়াৰ পৰা মজলীয়া বৰষুণৰ সম্ভাৱনা আছে। দিনৰ উষ্ণতা প্ৰায় ৩১-৩৪ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ আৰু নিশাৰ উষ্ণতা প্ৰায় ২৬-২৭ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ হব বুলি অনুমান কৰা হৈছে। ৰাতিপুৱা আৰু আবেলিৰ আপেক্ষিক আৰ্দ্ৰতা ক্ৰমান্বয়ে প্ৰায় ৯৮% আৰু ৭০% আশে-পাশে থাকিব। বতাহ প্ৰতি ঘন্টাত ৩-১০ কিলোমিটাৰ বেগত উত্তৰ-পূব আৰু দক্ষিণ-পশ্চিম দিশৰ পৰা প্ৰবাহিত হব । বিগত ১ জুলাইৰ পৰা ১৫ জুলাইলৈ মুঠ ২২৯ মি.মি বৰষুণৰ পৰিমাণ লাভ কৰা হৈছে। চাহ খেতিৰ বাবে: • নলাৰ পানী বহুত দিনলৈ বাহিৰলৈ ওলাই যোৱাৰ ব্যৱস্থা নাথাকিলে চাহ গছত বেমাৰ আৰু কীটপতঙ্গৰ আক্ৰমণ হব পাৰে। গতিকে বৰষুণৰ প্ৰভাবত জলমগ্ন অন্চল বোৰত নলা বোৰ সঠিক ভাবে কাম কৰিছে নে নাই চকু দিব লাগে । • পৰামৰ্শ অনুসৰি প্ৰতিখন বাগিছাত মাটিৰ তলত পানীৰ গভীৰতা লক্ষ্য কৰি থাকিব। • বাগান বোৰত যদি লাল চাহীঁ পোক আৰু Helopeltis ৰ আক্ৰমন দেখা গৈছে, নিয়ন্ত্ৰণ কৰিবলৈ সংক্ৰমিত এলেকাবোৰ চিহ্নিত কৰি ৰাসায়নিক পদাৰ্থৰ অনুমোদিত পালি বৰষুণ মুক্ত সময়ত আৰু পাত তোলাৰ পৰা নিম্নতম ৬-৭ দিনৰ ব্যৱধান ৰাখি স্প্ৰে কৰিব। । • এই সময়ত Manuring নকৰিব । মানুৰিঙৰ দ্বিতীয় পালি টো ছেপ্তেম্বৰ মাহলৈ পিছুৱাব লাগিব। • বানাগ্ৰষ্ট অন্চল বোৰত পাত পৰাপক্ষত নুতুলিব । পানী শুকুৱাৰ পিছত মাটি ডৰাত জমা হোৱা পলস পৰা দেখিলে কোৰেৰে পলস বোৰ অতৰাই দিব লাগে। অন্যান্য শস্যৰ বাবে: • দেৰিকৈ কৰা তিতা কেৰেলা বীজ সিঁচা কার্য্য জুলাই মাহলৈ অব্যাহত ৰাখিব পাৰে। দুটা সাৰিৰ মাজৰ ব্যৱধান ১.৫ x ২.৫ মিটাৰ আৰু এডাল গছৰ পৰা আন ডাল গছৰ মাজত ৬০ ছে: মি: x ১.২ মিটাৰ ব্যৱধান ৰাখিব লাগে। • পাচলিশস্য যেনে লাও, জিকা, তিঁয়হ ইত্যাদি, বৰষুণৰ ফলত বেঁকা হোৱাৰ পৰা সুৰক্ষিত কৰিবলৈ, লাঠি বা ৰছীৰ সমৰ্থন প্ৰদান কৰিব। • পাচলি বাগিচাৰ পৰা অপতৃণবোৰ আঁতৰাই পেলাব। প্ৰতিটোতে গছজোপাৰ গুৰিৰ ওচৰত মাটি চপাই ৰাখিব যাতে গুৰিত পানী জমা নহয়। বতৰ আৰু কৃষি সম্পৰ্কীয় তথ্যৰ বিষয়ে জানিবলৈ কৃষকসকলে ৭০৬৫-০০-৫০৫৪ নম্বৰত মিছড কল দিব পাৰে। ধন্যবাদ। | Assamese | Assam | 20-07-2023 | 08:00:00 | SCHEDULED |
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| 8098 | জিলা: যোৰহাট ( ষ্টেচন: এলেংগি_AWS ) বতৰৰ বতৰা আৰু আমাৰ পৰামৰ্শ (বৈধতাৰ সময়সীমা: ২০ৰ পৰা ২৬ জুলাই লৈ, ২০২৩) VI Smart Agri Project ৰ প্ৰিয় ট্ৰিনিটি ক্ষুদ্ৰ চাহ খেতিয়ক । স্মাৰ্ট কৃষি পৰামৰ্শলৈ স্বাগতম। যোৰহাট জিলাৰ এলেংগিত অৱস্থিত Automatic Weather Station (AWS) ৰ পৰা পোৱা বতৰৰ পূৰ্বানুমান অনুসৰি ২০ৰ পৰা ২৬ জুলাই লৈ, ২০২৩ বতৰ আংশিকভাৱে ডাৱৰীয়া হৈ থাকিব আৰু লগতে পাতলীয়াৰ পৰা মজলীয়া বৰষুণৰ সম্ভাৱনা আছে। দিনৰ উষ্ণতা প্ৰায় ৩১-৩৪ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ আৰু নিশাৰ উষ্ণতা প্ৰায় ২৬-২৭ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ হব বুলি অনুমান কৰা হৈছে। ৰাতিপুৱা আৰু আবেলিৰ আপেক্ষিক আৰ্দ্ৰতা ক্ৰমান্বয়ে প্ৰায় ৯৮ % আৰু ৭০ % আশে-পাশে থাকিব। বতাহ প্ৰতি ঘন্টাত ৩-১০ কিলোমিটাৰ বেগত উত্তৰ-পূব আৰু দক্ষিণ-পশ্চিম দিশৰ পৰা প্ৰবাহিত হব । বিগত ১ জুলাইৰ পৰা ১৫ জুলাইলৈ মুঠ ৭২ মি.মি বৰষুণৰ পৰিমাণ লাভ কৰা হৈছে। চাহ খেতিৰ বাবে: • নলাৰ পানী বহুত দিনলৈ বাহিৰলৈ ওলাই যোৱাৰ ব্যৱস্থা নাথাকিলে চাহ গছত বেমাৰ আৰু কীটপতঙ্গৰ আক্ৰমণ হব পাৰে। গতিকে বৰষুণৰ প্ৰভাবত জলমগ্ন অন্চল বোৰত নলা বোৰ সঠিক ভাবে কাম কৰিছে নে নাই চকু দিব লাগে । • পৰামৰ্শ অনুসৰি প্ৰতিখন বাগিছাত মাটিৰ তলত পানীৰ গভীৰতা লক্ষ্য কৰি থাকিব। • বাগান বোৰত যদি লাল চাহীঁ পোক আৰু Helopeltis ৰ আক্ৰমন দেখা গৈছে, নিয়ন্ত্ৰণ কৰিবলৈ সংক্ৰমিত এলেকাবোৰ চিহ্নিত কৰি ৰাসায়নিক পদাৰ্থৰ অনুমোদিত পালি বৰষুণ মুক্ত সময়ত আৰু পাত তোলাৰ পৰা নিম্নতম ৬-৭ দিনৰ ব্যৱধান ৰাখি স্প্ৰে কৰিব। । • এই সময়ত Manuring নকৰিব । মানুৰিঙৰ দ্বিতীয় পালি টো ছেপ্তেম্বৰ মাহলৈ পিছুৱাব লাগিব। • বানাগ্ৰষ্ট অন্চল বোৰত পাত পৰাপক্ষত নুতুলিব । পানী শুকুৱাৰ পিছত মাটি ডৰাত জমা হোৱা পলস পৰা দেখিলে কোৰেৰে পলস বোৰ অতৰাই দিব লাগে। অন্যান্য শস্যৰ বাবে: • দেৰিকৈ কৰা তিতা কেৰেলা বীজ সিঁচা কার্য্য জুলাই মাহলৈ অব্যাহত ৰাখিব পাৰে। দুটা সাৰিৰ মাজৰ ব্যৱধান ১.৫ x ২.৫ মিটাৰ আৰু এডাল গছৰ পৰা আন ডাল গছৰ মাজত ৬০ ছে: মি: x ১.২ মিটাৰ ব্যৱধান ৰাখিব লাগে। • পাচলিশস্য যেনে লাও, জিকা, তিঁয়হ ইত্যাদি, বৰষুণৰ ফলত বেঁকা হোৱাৰ পৰা সুৰক্ষিত কৰিবলৈ, লাঠি বা ৰছীৰ সমৰ্থন প্ৰদান কৰিব। • পাচলি বাগিচাৰ পৰা অপতৃণবোৰ আঁতৰাই পেলাব। প্ৰতিটোতে গছজোপাৰ গুৰিৰ ওচৰত মাটি চপাই ৰাখিব যাতে গুৰিত পানী জমা নহয়। বতৰ আৰু কৃষি সম্পৰ্কীয় তথ্যৰ বিষয়ে জানিবলৈ কৃষকসকলে ৭০৬৫-০০-৫০৫৪ নম্বৰত মিছড কল দিব পাৰে। ধন্যবাদ। | Assamese | Assam | 20-07-2023 | 08:00:00 | SCHEDULED |
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| 8099 | জিলা: ডিব্ৰুগড় (ষ্টেচন: বেটোনিবাম_AWS) বতৰৰ বতৰা আৰু আমাৰ পৰামৰ্শ (বৈধতাৰ সময়সীমা: ২০ৰ পৰা ২৬ জুলাই লৈ, ২০২৩) VI Smart Agri Project ৰ প্ৰিয় ট্ৰিনিটি ক্ষুদ্ৰ চাহ খেতিয়ক । স্মাৰ্ট কৃষি পৰামৰ্শলৈ স্বাগতম। ডিব্ৰুগড় জিলাৰ বেটোনিবামত অৱস্থিত Automatic Weather Station (AWS) ৰ পৰা পোৱা বতৰৰ আগলি বতৰা অনুযায়ী ২০ৰ পৰা ২৬ জুলাই লৈ, ২০২৩ বতৰ আংশিকভাৱে ডাৱৰীয়া হৈ থাকিব আৰু লগতে ২১ৰ পৰা ২৬ জুলাইলৈ পাতলীয়াৰ পৰা মজলীয়া বৰষুণৰ সম্ভাৱনা আছে। দিনৰ উষ্ণতা প্ৰায় ৩২-৩৫ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ আৰু নিশাৰ উষ্ণতা প্ৰায় ২৫-২৭ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ হব বুলি অনুমান কৰা হৈছে। ৰাতিপুৱা আৰু আবেলিৰ আপেক্ষিক আৰ্দ্ৰতা ক্ৰমান্বয়ে প্ৰায় ৯৮ % আৰু ৭০ % আশে-পাশে থাকিব। বতাহ প্ৰতি ঘন্টাত ২-৮ কিলোমিটাৰ বেগত উত্তৰ-পূব দিশৰ পৰা প্ৰবাহিত হব । বিগত ১ জুলাইৰ পৰা ১৫ জুলাইলৈ মুঠ ২৭৮ মি.মি বৰষুণৰ পৰিমাণ লাভ কৰা হৈছে। চাহ খেতিৰ বাবে: • নলাৰ পানী বহুত দিনলৈ বাহিৰলৈ ওলাই যোৱাৰ ব্যৱস্থা নাথাকিলে চাহ গছত বেমাৰ আৰু কীটপতঙ্গৰ আক্ৰমণ হব পাৰে। গতিকে বৰষুণৰ প্ৰভাবত জলমগ্ন অন্চল বোৰত নলা বোৰ সঠিক ভাবে কাম কৰিছে নে নাই চকু দিব লাগে । • পৰামৰ্শ অনুসৰি প্ৰতিখন বাগিছাত মাটিৰ তলত পানীৰ গভীৰতা লক্ষ্য কৰি থাকিব। • বাগান বোৰত যদি লাল চাহীঁ পোক আৰু Helopeltis ৰ আক্ৰমন দেখা গৈছে, নিয়ন্ত্ৰণ কৰিবলৈ সংক্ৰমিত এলেকাবোৰ চিহ্নিত কৰি ৰাসায়নিক পদাৰ্থৰ অনুমোদিত পালি বৰষুণ মুক্ত সময়ত আৰু পাত তোলাৰ পৰা নিম্নতম ৬-৭ দিনৰ ব্যৱধান ৰাখি স্প্ৰে কৰিব। । • এই সময়ত Manuring নকৰিব । মানুৰিঙৰ দ্বিতীয় পালি টো ছেপ্তেম্বৰ মাহলৈ পিছুৱাব লাগিব। • বানাগ্ৰষ্ট অন্চল বোৰত পাত পৰাপক্ষত নুতুলিব । পানী শুকুৱাৰ পিছত মাটি ডৰাত জমা হোৱা পলস পৰা দেখিলে কোৰেৰে পলস বোৰ অতৰাই দিব লাগে। অন্যান্য শস্যৰ বাবে: • দেৰিকৈ কৰা তিতা কেৰেলা বীজ সিঁচা কার্য্য জুলাই মাহলৈ অব্যাহত ৰাখিব পাৰে। দুটা সাৰিৰ মাজৰ ব্যৱধান ১.৫ x ২.৫ মিটাৰ আৰু এডাল গছৰ পৰা আন ডাল গছৰ মাজত ৬০ ছে: মি: x ১.২ মিটাৰ ব্যৱধান ৰাখিব লাগে। • পাচলিশস্য যেনে লাও, জিকা, তিঁয়হ ইত্যাদি, বৰষুণৰ ফলত বেঁকা হোৱাৰ পৰা সুৰক্ষিত কৰিবলৈ, লাঠি বা ৰছীৰ সমৰ্থন প্ৰদান কৰিব। • পাচলি বাগিচাৰ পৰা অপতৃণবোৰ আঁতৰাই পেলাব। প্ৰতিটোতে গছজোপাৰ গুৰিৰ ওচৰত মাটি চপাই ৰাখিব যাতে গুৰিত পানী জমা নহয়। বতৰ আৰু কৃষি সম্পৰ্কীয় তথ্যৰ বিষয়ে জানিবলৈ কৃষকসকলে ৭০৬৫-০০-৫০৫৪ নম্বৰত মিছড কল দিব পাৰে। ধন্যবাদ। | Assamese | Assam | 20-07-2023 | 08:00:00 | SCHEDULED |
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| 8100 | জিলা: ডিব্ৰুগড় ( ষ্টেচন: নেমুপথাৰ_AWS ) বতৰৰ বতৰা আৰু আমাৰ পৰামৰ্শ (বৈধতাৰ সময়সীমা: ২০ৰ পৰা ২৬ জুলাই লৈ, ২০২৩) VI Smart Agri Project ৰ প্ৰিয় ট্ৰিনিটি ক্ষুদ্ৰ চাহ খেতিয়ক । স্মাৰ্ট কৃষি পৰামৰ্শলৈ স্বাগতম। ডিব্ৰুগড় জিলাৰ নেমুপথাৰত অৱস্থিত Automatic Weather Station (AWS) ৰ পৰা পোৱা বতৰৰ আগলি বতৰা অনুযায়ী ২০ৰ পৰা ২৬ জুলাই লৈ, ২০২৩, বতৰ আংশিকভাৱে ডাৱৰীয়া হৈ থাকিব আৰু লগতে ২১ৰ পৰা ২৬ জুলাইলৈ পাতলীয়াৰ পৰা মজলীয়া বৰষুণৰ সম্ভাৱনা আছে। দিনৰ উষ্ণতা প্ৰায় ৩১-৩৪ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ আৰু নিশাৰ উষ্ণতা প্ৰায় ২৬-২৭ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ হব বুলি অনুমান কৰা হৈছে। ৰাতিপুৱা আৰু আবেলিৰ আপেক্ষিক আৰ্দ্ৰতা ক্ৰমান্বয়ে প্ৰায় ৯৮ % আৰু ৭০ % আশে-পাশে থাকিব। বতাহ প্ৰতি ঘন্টাত ২-৯ কিলোমিটাৰ বেগত উত্তৰ-পূব দিশৰ পৰা প্ৰবাহিত হব । বিগত ১ জুলাইৰ পৰা ১৫ জুলাইলৈ মুঠ ২২৪ মি.মি বৰষুণৰ পৰিমাণ লাভ কৰা হৈছে। চাহ খেতিৰ বাবে: • নলাৰ পানী বহুত দিনলৈ বাহিৰলৈ ওলাই যোৱাৰ ব্যৱস্থা নাথাকিলে চাহ গছত বেমাৰ আৰু কীটপতঙ্গৰ আক্ৰমণ হব পাৰে। গতিকে বৰষুণৰ প্ৰভাবত জলমগ্ন অন্চল বোৰত নলা বোৰ সঠিক ভাবে কাম কৰিছে নে নাই চকু দিব লাগে । • পৰামৰ্শ অনুসৰি প্ৰতিখন বাগিছাত মাটিৰ তলত পানীৰ গভীৰতা লক্ষ্য কৰি থাকিব। • বাগান বোৰত যদি লাল চাহীঁ পোক আৰু Helopeltis ৰ আক্ৰমন দেখা গৈছে, নিয়ন্ত্ৰণ কৰিবলৈ সংক্ৰমিত এলেকাবোৰ চিহ্নিত কৰি ৰাসায়নিক পদাৰ্থৰ অনুমোদিত পালি বৰষুণ মুক্ত সময়ত আৰু পাত তোলাৰ পৰা নিম্নতম ৬-৭ দিনৰ ব্যৱধান ৰাখি স্প্ৰে কৰিব। । • এই সময়ত Manuring নকৰিব । মানুৰিঙৰ দ্বিতীয় পালি টো ছেপ্তেম্বৰ মাহলৈ পিছুৱাব লাগিব। • বানাগ্ৰষ্ট অন্চল বোৰত পাত পৰাপক্ষত নুতুলিব । পানী শুকুৱাৰ পিছত মাটি ডৰাত জমা হোৱা পলস পৰা দেখিলে কোৰেৰে পলস বোৰ অতৰাই দিব লাগে। অন্যান্য শস্যৰ বাবে: • দেৰিকৈ কৰা তিতা কেৰেলা বীজ সিঁচা কার্য্য জুলাই মাহলৈ অব্যাহত ৰাখিব পাৰে। দুটা সাৰিৰ মাজৰ ব্যৱধান ১.৫ x ২.৫ মিটাৰ আৰু এডাল গছৰ পৰা আন ডাল গছৰ মাজত ৬০ ছে: মি: x ১.২ মিটাৰ ব্যৱধান ৰাখিব লাগে। • পাচলিশস্য যেনে লাও, জিকা, তিঁয়হ ইত্যাদি, বৰষুণৰ ফলত বেঁকা হোৱাৰ পৰা সুৰক্ষিত কৰিবলৈ, লাঠি বা ৰছীৰ সমৰ্থন প্ৰদান কৰিব। • পাচলি বাগিচাৰ পৰা অপতৃণবোৰ আঁতৰাই পেলাব। প্ৰতিটোতে গছজোপাৰ গুৰিৰ ওচৰত মাটি চপাই ৰাখিব যাতে গুৰিত পানী জমা নহয়। বতৰ আৰু কৃষি সম্পৰ্কীয় তথ্যৰ বিষয়ে জানিবলৈ কৃষকসকলে ৭০৬৫-০০-৫০৫৪ নম্বৰত মিছড কল দিব পাৰে। ধন্যবাদ। | Assamese | Assam | 20-07-2023 | 08:00:00 | SCHEDULED |
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