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81 ନମସ୍କାର କେନ୍ଦ୍ରାପଡା ଜିଲ୍ଲାର ଡେରାବିଶ ବ୍ଲକର ସମସ୍ତ ଚାଷୀଭାଇ ମାନଙ୍କୁ ଭୋଡାଫୋନ ଆଇଡିଆ ସହଯୋଗରେ ସଲିଡାରିଡାଡ ଏବଂ ଶରତ କର & ଅନିମା କର ଫାଉଣ୍ଡେସନର ମିଳିତ ପ୍ରଚେଷ୍ଟାରେ ଚାଲୁଥିବା ଅଭିନବ କୃଷି ପ୍ରକଳ୍ପକୁ ସ୍ଵାଗତ କରାଯାଉଛି । ଆଗାମୀ ୨ ଅକ୍ଟୋବର ରୁ ୮ ଅକ୍ଟୋବର ମଧ୍ୟରେ ଡେରାବିଶ ବ୍ଲକରେ ୦.୨-୧.୮ମି.ମି.ବୃଷ୍ଟିପାତର ସମ୍ଭାବନା ରହିଛି ଏବଂ ସର୍ବାଧିକ ତାପମାତ୍ରା ୨୫°C-୩୪°C ମଧ୍ୟରେ ରହିବ। ଆଗାମୀ କୃଷି ସୂଚନା ୧. ରୁଆର ୨୫ ଦିନରେ ୫କି.ଗ୍ରା. ସୋରିଷ ପିଡିଆ କୁ ୫ କି.ଗ୍ରା. ସଜ ଗୋବର ସହ ୨୦ଲି. ପାଣି ମିଶାଇ ୪୮ଘ. ବିଘଟନ ପାଇଁ ରଖନ୍ତୁ।ଏହି ମିଶ୍ରଣ କୁ ୨୦୦ଲି. ପାଣିରେ ମିଶାଇ ଏକ ଏକର ଜମିରେ ପ୍ରୟୋଗ କରନ୍ତୁ। ୨. ଜମିର ଯେଉଁ ସ୍ଥାନରେ ଗଛର ଅଭିବୃଦ୍ଧି କମ୍ ରହିଛି ଘନ ଜୀବାମୃତ କରି କୋନୋ ୱିଡର ଚଲାନ୍ତୁ, ୨ ଦିନ ପରେ ଜୀବାମୃତ ପ୍ରୟୋଗ କରନ୍ତୁ। ୩. କାଣ୍ଡବିନ୍ଧା ପୋକ ନିୟନ୍ତ୍ରଣ ପାଇଁ ୨୩ଦିନରେ ଆଗ୍ନେୟାସ୍ତ୍ର ୪୫୦ମି.ଲି. ବ୍ୟାରେଲ ପିଛା ମିଶାଇ ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ। ୪. ନିମତେଲ ସିଞ୍ଚନ ପରଦିନ ଏକ ଟ୍ରାଇକୋକାର୍ଡ ୩ଖଣ୍ଡ କରି ଧାନ ପତ୍ରରେ ତଳ ମୁଁହା କରି ଲଗାନ୍ତୁ। ଏବଂ ଏହାକୁ ରୁଆର ୨୫ ଦିନ ପରେ ଲଗେଇ ଦିଅନ୍ତୁ। ୫. ମହିଷା ରୋଗ ଦେଖାଗଲେ ୧ କି. ଗ୍ରା ସଜ ଗୋବର କୁ ୨୦ ଲିଟର ପାଣିରେ ମିଶାଇ ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ। ୬. ଧାନ କ୍ଷେତ୍ରରେ ୨ସେ.ମି. ଜଳ ରଖନ୍ତୁ ଏବଂ ଅଧିକ ଥିବା ଜଳକୁ ନିଷ୍କାସିତ କରନ୍ତୁ। ୭. ଧାନ ବିଲରେ ଘାସ ଥିଲେ ତାକୁ ଉପାଡ଼ି ସଫାରଖନ୍ତୁ। ଅଧିକ ସୂଚନା ପାଇଁ ଆମ ଟୋଲ ଫ୍ରି ନମ୍ବର ୭୦୬୫୦୦୫୦୫୪ ରେ ମିସ କଲ୍ କରନ୍ତୁ। ଧନ୍ୟବାଦ୍। Odia Orissa 02-10-2026 17:20:00 SCHEDULED
82 ନମସ୍କାର କଟକ ଜିଲ୍ଲା ର ମାହାଙ୍ଗା, ଟାଙ୍ଗୀ ଓ ନିଶ୍ଚିନ୍ତକୋଇଲି ବ୍ଲକର ସମସ୍ତ ଚାଷୀଭାଇ ମାନଙ୍କୁ ଭୋଡାଫୋନ ଆଇଡିଆ ସହଯୋଗରେ ସଲିଡାରିଡାଡ ଏବଂ ଶରତ କର & ଅନିମା କର ଫାଉଣ୍ଡେସନର ମିଳିତ ପ୍ରଚେଷ୍ଟାରେ ଚାଲୁଥିବା ଅଭିନବ କୃଷି ପ୍ରକଳ୍ପକୁ ସ୍ଵାଗତ କରାଯାଉଛି । ଆଗାମୀ ୨ ଅକ୍ଟୋବର ରୁ ୮ ଅକ୍ଟୋବର ମଧ୍ୟରେ ମାହାଙ୍ଗା, ଟାଙ୍ଗୀ ଓ ନିଶ୍ଚିନ୍ତକୋଇଲି ବ୍ଲକରେ ବୃଷ୍ଟିପାତ ର ସମ୍ଭାବନା ନାହିଁ ଏବଂ ସର୍ବତ୍ର ସର୍ବାଧିକ ତାପମାତ୍ରା ୨୫°C-୩୪°C ମଧ୍ୟରେ ରହିବ। ଆଗାମୀ କୃଷି ସୂଚନା ୧. ରୁଆର ୨୫ ଦିନରେ ୫କି.ଗ୍ରା. ସୋରିଷ ପିଡିଆ କୁ ୫ କି.ଗ୍ରା. ସଜ ଗୋବର ସହ ୨୦ଲି. ପାଣି ମିଶାଇ ୪୮ଘ. ବିଘଟନ ପାଇଁ ରଖନ୍ତୁ।ଏହି ମିଶ୍ରଣ କୁ ୨୦୦ଲି. ପାଣିରେ ମିଶାଇ ଏକ ଏକର ଜମିରେ ପ୍ରୟୋଗ କରନ୍ତୁ। ୨. ଜମିର ଯେଉଁ ସ୍ଥାନରେ ଗଛର ଅଭିବୃଦ୍ଧି କମ୍ ରହିଛି ଘନ ଜୀବାମୃତ କରି କୋନୋ ୱିଡର ଚଲାନ୍ତୁ, ୨ ଦିନ ପରେ ଜୀବାମୃତ ପ୍ରୟୋଗ କରନ୍ତୁ। ୩. କାଣ୍ଡବିନ୍ଧା ପୋକ ନିୟନ୍ତ୍ରଣ ପାଇଁ ୨୩ଦିନରେ ଆଗ୍ନେୟାସ୍ତ୍ର ୪୫୦ମି.ଲି. ବ୍ୟାରେଲ ପିଛା ମିଶାଇ ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ। ୪. ନିମତେଲ ସିଞ୍ଚନ ପରଦିନ ଏକ ଟ୍ରାଇକୋକାର୍ଡ ୩ଖଣ୍ଡ କରି ଧାନ ପତ୍ରରେ ତଳ ମୁଁହା କରି ଲଗାନ୍ତୁ। ଏବଂ ଏହାକୁ ରୁଆର ୨୫ ଦିନ ପରେ ଲଗେଇ ଦିଅନ୍ତୁ। ୫. ମହିଷା ରୋଗ ଦେଖାଗଲେ ୧ କି. ଗ୍ରା ସଜ ଗୋବର କୁ ୨୦ ଲିଟର ପାଣିରେ ମିଶାଇ ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ। ୬. ଧାନ କ୍ଷେତ୍ରରେ ୨ସେ.ମି. ଜଳ ରଖନ୍ତୁ ଏବଂ ଅଧିକ ଥିବା ଜଳକୁ ନିଷ୍କାସିତ କରନ୍ତୁ। ୭. ଧାନ ବିଲରେ ଘାସ ଥିଲେ ତାକୁ ଉପାଡ଼ି ସଫାରଖନ୍ତୁ। ଅଧିକ ସୂଚନା ପାଇଁ ଆମ ଟୋଲ ଫ୍ରି ନମ୍ବର ୭୦୬୫୦୦୫୦୫୪ ରେ ମିସ କଲ୍ କରନ୍ତୁ। ଧନ୍ୟବାଦ୍। Odia Orissa 02-10-2026 17:20:00 SCHEDULED
83 ନମସ୍କାର ଗଜପତି ଜିଲ୍ଲାର ମୋହନା ଓ ଗୁମ୍ମା ବ୍ଲକର ସମସ୍ତ ଚାଷୀ ମାନଙ୍କୁ ସଲିଡାରିଡାଡ ତରଫରୁ ଭୋଡାଫୋନ ଆଇଡିଆ ସହଯୋଗ ରେ ଚାଲୁଥିବା ଅଭିନବ କୃଷି ପ୍ରକଳ୍ପକୁ ସ୍ଵାଗତ କରାଯାଉଛି । ଆଗାମୀ ୨ ଅକ୍ଟୋବର ରୁ ୮ ଅକ୍ଟୋବର ମଧ୍ୟରେ ଗଜପତିର ମୋହନା ଏବଂ ଗୁମ୍ମା ବ୍ଲକରେ ୦.୧-୦.୬ ମି.ମି.ବୃଷ୍ଟିପାତର ସମ୍ଭାବନା ରହିଛି ଓ ସର୍ବତ୍ର ସର୍ବାଧିକ ତାପମାତ୍ରା ୨୧°c ରୁ ୩୧°c ମଧ୍ୟରେ ରହିବ। ଆଗାମୀ କୃଷି ସୂଚନା ୧. ରୁଆର ୨୫ ଦିନରେ ୫କି.ଗ୍ରା. ସୋରିଷ ପିଡିଆ କୁ ୫ କି.ଗ୍ରା. ସଜ ଗୋବର ସହ ୨୦ଲି. ପାଣି ମିଶାଇ ୪୮ଘ. ବିଘଟନ ପାଇଁ ରଖନ୍ତୁ।ଏହି ମିଶ୍ରଣ କୁ ୨୦୦ଲି. ପାଣିରେ ମିଶାଇ ଏକ ଏକର ଜମିରେ ପ୍ରୟୋଗ କରନ୍ତୁ। ୨. ଜମିର ଯେଉଁ ସ୍ଥାନରେ ଗଛର ଅଭିବୃଦ୍ଧି କମ୍ ରହିଛି ଘନ ଜୀବାମୃତ କରି କୋନୋ ୱିଡର ଚଲାନ୍ତୁ, ୨ ଦିନ ପରେ ଜୀବାମୃତ ପ୍ରୟୋଗ କରନ୍ତୁ। ୩. କାଣ୍ଡବିନ୍ଧା ପୋକ ନିୟନ୍ତ୍ରଣ ପାଇଁ ୨୩ଦିନରେ ଆଗ୍ନେୟାସ୍ତ୍ର ୪୫୦ମି.ଲି. ବ୍ୟାରେଲ ପିଛା ମିଶାଇ ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ। ୪. ନିମତେଲ ସିଞ୍ଚନ ପରଦିନ ଏକ ଟ୍ରାଇକୋକାର୍ଡ ୩ଖଣ୍ଡ କରି ଧାନ ପତ୍ରରେ ତଳ ମୁଁହା କରି ଲଗାନ୍ତୁ। ଏବଂ ଏହାକୁ ରୁଆର ୨୫ ଦିନ ପରେ ଲଗେଇ ଦିଅନ୍ତୁ। ୫. ମହିଷା ରୋଗ ଦେଖାଗଲେ ୧ କି. ଗ୍ରା ସଜ ଗୋବର କୁ ୨୦ ଲିଟର ପାଣିରେ ମିଶାଇ ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ। ୬. ଧାନ କ୍ଷେତ୍ରରେ ୨ସେ.ମି. ଜଳ ରଖନ୍ତୁ ଏବଂ ଅଧିକ ଥିବା ଜଳକୁ ନିଷ୍କାସିତ କରନ୍ତୁ। ୭. ଧାନ ବିଲରେ ଘାସ ଥିଲେ ତାକୁ ଉପାଡ଼ି ସଫାରଖନ୍ତୁ। ଅଧିକ ସୂଚନା ପାଇଁ ଆମ ଟୋଲ ଫ୍ରି ନମ୍ବର ୭୦୬୫୦୦୫୦୫୪ ରେ ମିସ କଲ୍ କରନ୍ତୁ। ଧନ୍ୟବାଦ୍। Odia Orissa 02-10-2026 17:22:00 SCHEDULED
84 नमस्कार शेतकरी बंधुनो....सॉलीडरीडॅड, वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन आणि एरिक्सन यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. सावनेर तालुक्यातील मानेगाव येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे दिनांक ४ ऑक्टोबर २०२६ ते दिनांक १३ ऑक्टोबर २०२६ दरम्यानचा हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान २३ ते २४ अंश सेल्सियस तर कमाल ३४ ते ३५ अंश सेल्सियस राहण्याची शक्यता आहे.तसेच दिनांक ३,४, ६ ते ८ आणि ११ ऑक्टोबर २०२६ रोजी वातावरण अंशतः ढगाळ राहण्याची शक्यता आहे. शेतकऱ्यांनी वातावरणीय बदलास अनुसरून शेती (Climate Resilient Agriculture) करण्यास खालील बाबींचा विचार करावा. शेतकऱ्यांसाठी सूचना:-सध्या कापूस पीक हे १०० ते १०५ दिवसाचे असून बोण्ड लागण्याच्या तसेच सोयाबीन पीक हे शेंग परिपक्व अवस्थेत आहे. कपाशीचे अधिक उत्पादनासाठी पिक बोण्ड लागण्याच्या व बोंडे विकसित होण्याच्या अवस्थेत असताना २ टक्के डीएपी किंवा १३:००:४५ ची फवारणी करावी किंवा ००:५२:३४ ठिब्बक सिंचनातून प्रति एकरी १ -२ किलो व १०० लिटर पाणी ह्याप्रमाणात द्यावे किंवा सेंद्रिय शेतकऱ्यांनी प्रति एकरी २० लिटर बेलअर्क या जैविक निविष्ठांची १०० लिटर पाण्यात मिसळून आळवणी करावी. कपाशीमधील नैसर्गिक पाते व फुलगळ टाळण्यासाठी एनएए ४.५ एसएल (प्लॅनोफीक्स) ४ मिली प्रती १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. कपाशी पिकात शेंदरी बोंडअळीचे नियमित सर्वेक्षण करून एकरी ४ ते ६ फेरोमेन सापळे लावावे व वेळोवेळी त्यामधील ल्युर बदलावी व त्या सोबतच "टी" आकाराचे १० पक्षी थांबे प्रती एकर उभारावेत. ज्या वेळी सापळ्यामध्ये ८-१० प्रौढ पतंग सापडली त्यावेळी त्याच्या नियंत्रणासाठी ५ टक्के निंबोळी अर्क किंवा १५०० पीपीएम अझाडीरेक्टीन ५० मि.ली प्रती १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. कपाशी पिकात फुलअवस्थ्येमध्ये शेंदरी बोंडअळीचे नियमित सर्वेक्षण करून कीटकनाशकाची फवारणी करण्याअगोदर किडग्रस्त फुलेवेचून नष्ट करावी व जिथे १० टक्केच्या वर नुकसान झाले आहे तिथे थायोडीकार्ब ३५ टक्के ईसी @ ८-१० ग्रॅम किंवा ट्रेसर ७-८ मिली प्रती १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. सध्या कपाशी पिकांत काही ठिकाणी पांढऱ्या माशीचा प्रादुर्भाव दिसून येत आहे,त्यांच्या नियंत्रणासाठी डायफेन्थियुरॉन ५०% डब्ल्यूपी १५ ग्राम प्रती १० लिटर पाणी किंवा फ्लॉनिकॅमिड ५० डब्ल्यूजी ५ ग्राम प्रती १० लिटर पाणी या प्रमाणात फवारणी करावी. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा, मोबाईल क्रमांक ८२०८९१४५९४ धन्यवाद! हि माहिती पुन्हा ऐकण्यास शून्य दाबावे. Marathi MH 04-10-2026 08:30:00 SCHEDULED
85 नमस्कार शेतकरी बंधुनो....सॉलीडरीडॅड, वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन आणि एरिक्सन यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. उमरेड तालुक्यातील आपतुर येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे दिनांक ४ ऑक्टोबर २०२६ ते दिनांक १३ ऑक्टोबर २०२६ दरम्यानचा हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान २३ ते २५ अंश सेल्सियस तर कमाल ३३ ते ३५ अंश सेल्सियस राहण्याची शक्यता आहे.तसेच दिनांक ४ ऑक्टोबर २०२६ रोजी वातावरण अंशतः ढगाळ राहण्याची शक्यता आहे. शेतकऱ्यांनी वातावरणीय बदलास अनुसरून शेती (Climate Resilient Agriculture) करण्यास खालील बाबींचा विचार करावा. शेतकऱ्यांसाठी सूचना:-सध्या कापूस पीक हे १०० ते १०५ दिवसाचे असून बोण्ड लागण्याच्या तसेच सोयाबीन पीक हे शेंग परिपक्व अवस्थेत आहे. कपाशीचे अधिक उत्पादनासाठी पिक बोण्ड लागण्याच्या व बोंडे विकसित होण्याच्या अवस्थेत असताना २ टक्के डीएपी किंवा १३:००:४५ ची फवारणी करावी किंवा ००:५२:३४ ठिब्बक सिंचनातून प्रति एकरी १ -२ किलो व १०० लिटर पाणी ह्याप्रमाणात द्यावे किंवा सेंद्रिय शेतकऱ्यांनी प्रति एकरी २० लिटर बेलअर्क या जैविक निविष्ठांची १०० लिटर पाण्यात मिसळून आळवणी करावी. कपाशीमधील नैसर्गिक पाते व फुलगळ टाळण्यासाठी एनएए ४.५ एसएल (प्लॅनोफीक्स) ४ मिली प्रती १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. कपाशी पिकात शेंदरी बोंडअळीचे नियमित सर्वेक्षण करून एकरी ४ ते ६ फेरोमेन सापळे लावावे व वेळोवेळी त्यामधील ल्युर बदलावी व त्या सोबतच "टी" आकाराचे १० पक्षी थांबे प्रती एकर उभारावेत. ज्या वेळी सापळ्यामध्ये ८-१० प्रौढ पतंग सापडली त्यावेळी त्याच्या नियंत्रणासाठी ५ टक्के निंबोळी अर्क किंवा १५०० पीपीएम अझाडीरेक्टीन ५० मि.ली प्रती १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. कपाशी पिकात फुलअवस्थ्येमध्ये शेंदरी बोंडअळीचे नियमित सर्वेक्षण करून कीटकनाशकाची फवारणी करण्याअगोदर किडग्रस्त फुलेवेचून नष्ट करावी व जिथे १० टक्केच्या वर नुकसान झाले आहे तिथे थायोडीकार्ब ३५ टक्के ईसी @ ८-१० ग्रॅम किंवा ट्रेसर ७-८ मिली प्रती १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. सध्या कपाशी पिकांत काही ठिकाणी पांढऱ्या माशीचा प्रादुर्भाव दिसून येत आहे,त्यांच्या नियंत्रणासाठी डायफेन्थियुरॉन ५०% डब्ल्यूपी १५ ग्राम प्रती १० लिटर पाणी किंवा फ्लॉनिकॅमिड ५० डब्ल्यूजी ५ ग्राम प्रती १० लिटर पाणी या प्रमाणात फवारणी करावी. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा, मोबाईल क्रमांक ९१५८२६१९२२ धन्यवाद! हि माहिती पुन्हा ऐकण्यास शून्य दाबावे. Marathi MH 04-10-2026 08:30:00 SCHEDULED
86 नमस्कार शेतकरी बंधुनो....सॉलीडरीडॅड, वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन आणि एरिक्सन यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. नेर तालुक्यातील पांढरी येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे दिनांक ४ ऑक्टोबर २०२६ ते दिनांक १३ ऑक्टोबर २०२६ दरम्यानचा हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान २३ ते २५ अंश सेल्सियस तर कमाल ३४ ते ३५ अंश सेल्सियस राहण्याची शक्यता आहे. कालावधीत वातावरण अंशतः ढगाळ राहण्याची शक्यता आहे. शेतकऱ्यांनी वातावरणीय बदलास अनुसरून शेती (Climate Resilient Agriculture) करण्यास खालील बाबींचा विचार करावा. शेतकऱ्यांसाठी सूचना:-सध्या कापूस पीक हे १०० ते १०५ दिवसाचे असून बोण्ड लागण्याच्या तसेच सोयाबीन पीक हे शेंग परिपक्व अवस्थेत आहे. कपाशीचे अधिक उत्पादनासाठी पिक बोण्ड लागण्याच्या व बोंडे विकसित होण्याच्या अवस्थेत असताना २ टक्के डीएपी किंवा १३:००:४५ ची फवारणी करावी किंवा ००:५२:३४ ठिब्बक सिंचनातून प्रति एकरी १ -२ किलो व १०० लिटर पाणी ह्याप्रमाणात द्यावे किंवा सेंद्रिय शेतकऱ्यांनी प्रति एकरी २० लिटर बेलअर्क या जैविक निविष्ठांची १०० लिटर पाण्यात मिसळून आळवणी करावी. कपाशीमधील नैसर्गिक पाते व फुलगळ टाळण्यासाठी एनएए ४.५ एसएल (प्लॅनोफीक्स) ४ मिली प्रती १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. कपाशी पिकात शेंदरी बोंडअळीचे नियमित सर्वेक्षण करून एकरी ४ ते ६ फेरोमेन सापळे लावावे व वेळोवेळी त्यामधील ल्युर बदलावी व त्या सोबतच "टी" आकाराचे १० पक्षी थांबे प्रती एकर उभारावेत. ज्या वेळी सापळ्यामध्ये ८-१० प्रौढ पतंग सापडली त्यावेळी त्याच्या नियंत्रणासाठी ५ टक्के निंबोळी अर्क किंवा १५०० पीपीएम अझाडीरेक्टीन ५० मि.ली प्रती १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. कपाशी पिकात फुलअवस्थ्येमध्ये शेंदरी बोंडअळीचे नियमित सर्वेक्षण करून कीटकनाशकाची फवारणी करण्याअगोदर किडग्रस्त फुलेवेचून नष्ट करावी व जिथे १० टक्केच्या वर नुकसान झाले आहे तिथे थायोडीकार्ब ३५ टक्के ईसी @ ८-१० ग्रॅम किंवा ट्रेसर ७-८ मिली प्रती १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. सध्या कपाशी पिकांत काही ठिकाणी पांढऱ्या माशीचा प्रादुर्भाव दिसून येत आहे,त्यांच्या नियंत्रणासाठी डायफेन्थियुरॉन ५०% डब्ल्यूपी १५ ग्राम प्रती १० लिटर पाणी किंवा फ्लॉनिकॅमिड ५० डब्ल्यूजी ५ ग्राम प्रती १० लिटर पाणी या प्रमाणात फवारणी करावी. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा, मोबाईल क्रमांक ९१५८२६१९२२ धन्यवाद! हि माहिती पुन्हा ऐकण्यास शून्य दाबावे. Marathi MH 04-10-2026 08:30:00 SCHEDULED
87 नमस्कार शेतकरी बंधुनो....सॉलीडरीडॅड, वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन आणि एरिक्सन यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. घाटंजी तालुक्यातील मारेगाव येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे दिनांक ४ ऑक्टोबर २०२६ ते दिनांक 13 ऑक्टोबर २०२६ दरम्यानचा हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान २४ ते २५ अंश सेल्सियस तर कमाल ३३ ते ३५ अंश सेल्सियस राहण्याची शक्यता आहे.तसेच दिनांक ४, ५ व ७ आणि ८ ऑक्टोबर २०२६ रोजी वातावरण अंशतः ढगाळ राहण्याची शक्यता आहे. शेतकऱ्यांनी वातावरणीय बदलास अनुसरून शेती (Climate Resilient Agriculture) करण्यास खालील बाबींचा विचार करावा. शेतकऱ्यांसाठी सूचना:-सध्या कापूस पीक हे १०० ते १०५ दिवसाचे असून बोण्ड लागण्याच्या तसेच सोयाबीन पीक हे शेंग परिपक्व अवस्थेत आहे. कपाशीचे अधिक उत्पादनासाठी पिक बोण्ड लागण्याच्या व बोंडे विकसित होण्याच्या अवस्थेत असताना २ टक्के डीएपी किंवा १३:००:४५ ची फवारणी करावी किंवा ००:५२:३४ ठिब्बक सिंचनातून प्रति एकरी १ -२ किलो व १०० लिटर पाणी ह्याप्रमाणात द्यावे किंवा सेंद्रिय शेतकऱ्यांनी प्रति एकरी २० लिटर बेलअर्क या जैविक निविष्ठांची १०० लिटर पाण्यात मिसळून आळवणी करावी. कपाशीमधील नैसर्गिक पाते व फुलगळ टाळण्यासाठी एनएए ४.५ एसएल (प्लॅनोफीक्स) ४ मिली प्रती १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. कपाशी पिकात शेंदरी बोंडअळीचे नियमित सर्वेक्षण करून एकरी ४ ते ६ फेरोमेन सापळे लावावे व वेळोवेळी त्यामधील ल्युर बदलावी व त्या सोबतच "टी" आकाराचे १० पक्षी थांबे प्रती एकर उभारावेत. ज्या वेळी सापळ्यामध्ये ८-१० प्रौढ पतंग सापडली त्यावेळी त्याच्या नियंत्रणासाठी ५ टक्के निंबोळी अर्क किंवा १५०० पीपीएम अझाडीरेक्टीन ५० मि.ली प्रती १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. कपाशी पिकात फुलअवस्थ्येमध्ये शेंदरी बोंडअळीचे नियमित सर्वेक्षण करून कीटकनाशकाची फवारणी करण्याअगोदर किडग्रस्त फुलेवेचून नष्ट करावी व जिथे १० टक्केच्या वर नुकसान झाले आहे तिथे थायोडीकार्ब ३५ टक्के ईसी @ ८-१० ग्रॅम किंवा ट्रेसर ७-८ मिली प्रती १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. सध्या कपाशी पिकांत काही ठिकाणी पांढऱ्या माशीचा प्रादुर्भाव दिसून येत आहे,त्यांच्या नियंत्रणासाठी डायफेन्थियुरॉन ५०% डब्ल्यूपी १५ ग्राम प्रती १० लिटर पाणी किंवा फ्लॉनिकॅमिड ५० डब्ल्यूजी ५ ग्राम प्रती १० लिटर पाणी या प्रमाणात फवारणी करावी. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा, मोबाईल क्रमांक ९१५८२६१९२२ धन्यवाद! हि माहिती पुन्हा ऐकण्यास शून्य दाबावे. Marathi MH 04-10-2026 08:30:00 SCHEDULED
88 नमस्कार शेतकरी बंधुनो....सॉलीडरीडॅड आणि वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. परभणी तालुक्यातील पिंगळी येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे दिनांक ४ ऑक्टोबर २०२६ ते दिनांक १३ ऑक्टोबर २०२६ दरम्यानचा हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान २४ ते २५ अंश सेल्सियस तर कमाल ३४ ते ३५ अंश सेल्सियस राहण्याची शक्यता आहे.तसेच दिनांक ४ ते १० ऑक्टोबर २०२६ रोजी वातावरण अंशतः ढगाळ राहण्याची शक्यता आहे. शेतकऱ्यांनी वातावरणीय बदलास अनुसरून शेती (Climate Resilient Agriculture) करण्यास खालील बाबींचा विचार करावा. शेतकऱ्यांसाठी सूचना:-सध्या कापूस पीक हे १०० ते १०५ दिवसाचे असून बोण्ड लागण्याच्या तसेच सोयाबीन पीक हे शेंग परिपक्व अवस्थेत आहे. कपाशीचे अधिक उत्पादनासाठी पिक बोण्ड लागण्याच्या व बोंडे विकसित होण्याच्या अवस्थेत असताना २ टक्के डीएपी किंवा १३:००:४५ ची फवारणी करावी किंवा ००:५२:३४ ठिब्बक सिंचनातून प्रति एकरी १ -२ किलो व १०० लिटर पाणी ह्याप्रमाणात द्यावे किंवा सेंद्रिय शेतकऱ्यांनी प्रति एकरी २० लिटर बेलअर्क या जैविक निविष्ठांची १०० लिटर पाण्यात मिसळून आळवणी करावी. कपाशीमधील नैसर्गिक पाते व फुलगळ टाळण्यासाठी एनएए ४.५ एसएल (प्लॅनोफीक्स) ४ मिली प्रती १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. कपाशी पिकात शेंदरी बोंडअळीचे नियमित सर्वेक्षण करून एकरी ४ ते ६ फेरोमेन सापळे लावावे व वेळोवेळी त्यामधील ल्युर बदलावी व त्या सोबतच "टी" आकाराचे १० पक्षी थांबे प्रती एकर उभारावेत. ज्या वेळी सापळ्यामध्ये ८-१० प्रौढ पतंग सापडली त्यावेळी त्याच्या नियंत्रणासाठी ५ टक्के निंबोळी अर्क किंवा १५०० पीपीएम अझाडीरेक्टीन ५० मि.ली प्रती १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. कपाशी पिकात फुलअवस्थ्येमध्ये शेंदरी बोंडअळीचे नियमित सर्वेक्षण करून कीटकनाशकाची फवारणी करण्याअगोदर किडग्रस्त फुलेवेचून नष्ट करावी व जिथे १० टक्केच्या वर नुकसान झाले आहे तिथे थायोडीकार्ब ३५ टक्के ईसी @ ८-१० ग्रॅम किंवा ट्रेसर ७-८ मिली प्रती १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. सध्या कपाशी पिकांत काही ठिकाणी पांढऱ्या माशीचा प्रादुर्भाव दिसून येत आहे,त्यांच्या नियंत्रणासाठी डायफेन्थियुरॉन ५०% डब्ल्यूपी १५ ग्राम प्रती १० लिटर पाणी किंवा फ्लॉनिकॅमिड ५० डब्ल्यूजी ५ ग्राम प्रती १० लिटर पाणी या प्रमाणात फवारणी करावी. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा, मोबाईल क्रमांक ९१५८२६१९२२ धन्यवाद! हि माहिती पुन्हा ऐकण्यास शून्य दाबावे. Marathi MH 04-10-2026 08:30:00 SCHEDULED
89 नमस्कार शेतकरी बंधुनो....सॉलीडरीडॅड, वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन आणि एरिक्सन यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. किनवट तालुक्यातील लोणी येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे दिनांक ४ ऑक्टोबर २०२६ ते दिनांक १३ ऑक्टोबर २०२६ दरम्यानचा हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान २३ ते २४ अंश सेल्सियस तर कमाल ३४ ते ३५ अंश सेल्सियस राहण्याची शक्यता आहे.तसेच दिनांक ४ ते ८ तसेच १० ऑक्टोबर २०२६ रोजी वातावरण अंशतः ढगाळ राहण्याची शक्यता आहे. शेतकऱ्यांनी वातावरणीय बदलास अनुसरून शेती (Climate Resilient Agriculture) करण्यास खालील बाबींचा विचार करावा. शेतकऱ्यांसाठी सूचना:-सध्या कापूस पीक हे १०० ते १०५ दिवसाचे असून बोण्ड लागण्याच्या तसेच सोयाबीन पीक हे शेंग परिपक्व अवस्थेत आहे. कपाशीचे अधिक उत्पादनासाठी पिक बोण्ड लागण्याच्या व बोंडे विकसित होण्याच्या अवस्थेत असताना २ टक्के डीएपी किंवा १३:००:४५ ची फवारणी करावी किंवा ००:५२:३४ ठिब्बक सिंचनातून प्रति एकरी १ -२ किलो व १०० लिटर पाणी ह्याप्रमाणात द्यावे किंवा सेंद्रिय शेतकऱ्यांनी प्रति एकरी २० लिटर बेलअर्क या जैविक निविष्ठांची १०० लिटर पाण्यात मिसळून आळवणी करावी. कपाशीमधील नैसर्गिक पाते व फुलगळ टाळण्यासाठी एनएए ४.५ एसएल (प्लॅनोफीक्स) ४ मिली प्रती १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. कपाशी पिकात शेंदरी बोंडअळीचे नियमित सर्वेक्षण करून एकरी ४ ते ६ फेरोमेन सापळे लावावे व वेळोवेळी त्यामधील ल्युर बदलावी व त्या सोबतच "टी" आकाराचे १० पक्षी थांबे प्रती एकर उभारावेत. ज्या वेळी सापळ्यामध्ये ८-१० प्रौढ पतंग सापडली त्यावेळी त्याच्या नियंत्रणासाठी ५ टक्के निंबोळी अर्क किंवा १५०० पीपीएम अझाडीरेक्टीन ५० मि.ली प्रती १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. कपाशी पिकात फुलअवस्थ्येमध्ये शेंदरी बोंडअळीचे नियमित सर्वेक्षण करून कीटकनाशकाची फवारणी करण्याअगोदर किडग्रस्त फुलेवेचून नष्ट करावी व जिथे १० टक्केच्या वर नुकसान झाले आहे तिथे थायोडीकार्ब ३५ टक्के ईसी @ ८-१० ग्रॅम किंवा ट्रेसर ७-८ मिली प्रती १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. सध्या कपाशी पिकांत काही ठिकाणी पांढऱ्या माशीचा प्रादुर्भाव दिसून येत आहे,त्यांच्या नियंत्रणासाठी डायफेन्थियुरॉन ५०% डब्ल्यूपी १५ ग्राम प्रती १० लिटर पाणी किंवा फ्लॉनिकॅमिड ५० डब्ल्यूजी ५ ग्राम प्रती १० लिटर पाणी या प्रमाणात फवारणी करावी. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा, मोबाईल क्रमांक ९१५८२६१९२२ धन्यवाद! हि माहिती पुन्हा ऐकण्यास शून्य दाबावे. Marathi MH 04-10-2026 08:30:00 SCHEDULED
90 नमस्कार शेतकरी बंधुनो....सॉलीडरीडॅड, वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन आणि एरिक्सन यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. माहुर तालुक्यातील तुळशी येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे दिनांक ४ ऑक्टोबर २०२६ ते दिनांक १३ ऑक्टोबर २०२६ दरम्यानचा हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान २३ ते २४ अंश सेल्सियस तर कमाल ३३ ते ३५ अंश सेल्सियस राहण्याची शक्यता आहे.तसेच दिनांक ४, ५, ७, ८ तसेच १० ऑक्टोबर २०२६ रोजी वातावरण अंशतः ढगाळ राहण्याची शक्यता आहे. शेतकऱ्यांनी वातावरणीय बदलास अनुसरून शेती (Climate Resilient Agriculture) करण्यास खालील बाबींचा विचार करावा. शेतकऱ्यांसाठी सूचना:-सध्या कापूस पीक हे १०० ते १०५ दिवसाचे असून बोण्ड लागण्याच्या तसेच सोयाबीन पीक हे शेंग परिपक्व अवस्थेत आहे. कपाशीचे अधिक उत्पादनासाठी पिक बोण्ड लागण्याच्या व बोंडे विकसित होण्याच्या अवस्थेत असताना २ टक्के डीएपी किंवा १३:००:४५ ची फवारणी करावी किंवा ००:५२:३४ ठिब्बक सिंचनातून प्रति एकरी १ -२ किलो व १०० लिटर पाणी ह्याप्रमाणात द्यावे किंवा सेंद्रिय शेतकऱ्यांनी प्रति एकरी २० लिटर बेलअर्क या जैविक निविष्ठांची १०० लिटर पाण्यात मिसळून आळवणी करावी. कपाशीमधील नैसर्गिक पाते व फुलगळ टाळण्यासाठी एनएए ४.५ एसएल (प्लॅनोफीक्स) ४ मिली प्रती १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. कपाशी पिकात शेंदरी बोंडअळीचे नियमित सर्वेक्षण करून एकरी ४ ते ६ फेरोमेन सापळे लावावे व वेळोवेळी त्यामधील ल्युर बदलावी व त्या सोबतच "टी" आकाराचे १० पक्षी थांबे प्रती एकर उभारावेत. ज्या वेळी सापळ्यामध्ये ८-१० प्रौढ पतंग सापडली त्यावेळी त्याच्या नियंत्रणासाठी ५ टक्के निंबोळी अर्क किंवा १५०० पीपीएम अझाडीरेक्टीन ५० मि.ली प्रती १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. कपाशी पिकात फुलअवस्थ्येमध्ये शेंदरी बोंडअळीचे नियमित सर्वेक्षण करून कीटकनाशकाची फवारणी करण्याअगोदर किडग्रस्त फुलेवेचून नष्ट करावी व जिथे १० टक्केच्या वर नुकसान झाले आहे तिथे थायोडीकार्ब ३५ टक्के ईसी @ ८-१० ग्रॅम किंवा ट्रेसर ७-८ मिली प्रती १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. सध्या कपाशी पिकांत काही ठिकाणी पांढऱ्या माशीचा प्रादुर्भाव दिसून येत आहे,त्यांच्या नियंत्रणासाठी डायफेन्थियुरॉन ५०% डब्ल्यूपी १५ ग्राम प्रती १० लिटर पाणी किंवा फ्लॉनिकॅमिड ५० डब्ल्यूजी ५ ग्राम प्रती १० लिटर पाणी या प्रमाणात फवारणी करावी. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा, मोबाईल क्रमांक ९१५८२६१९२२ धन्यवाद! हि माहिती पुन्हा ऐकण्यास शून्य दाबावे. Marathi MH 04-10-2026 08:30:00 SCHEDULED