Message Schedule List : 11,634
| S. No. | Message | Language | Created By | Date | Time | Status | Action |
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| 81 | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Mandsaur ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 07 January से 16 January के दौरान दिन में 25 और रात में 10 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। किसान साथियों खेत में नमी का अनुमान लगा कर सिचाई करे I गेहूँ में अगर गाँठ पड़ने या फूल आने की अवस्था हो तो पानी की कमी न होने दे व सिंचाई की व्यवस्था करें I गेहु की फसल के फूल अवस्था में होने पर मिट्टी में पर्याप्त नमी होनी चाहिए I बदलते मौसम के कारण फसलों में रोग एवं कीट का प्रकोप बड़ने की सभांवना है गेहूँ की बालियों में दाने यदि काले पड़ रहे हों, उनमें दुर्गन्ध आ रही हो, तो इसका तात्पर्य है कि फ़सल में करनाल बंट या लूज़ स्मट का प्रकोप हो रहा है. रोग के किसी भी लक्षण के लिए नियमित रूप से फसल की निगरानी करना और इसके प्रसार को रोकने के लिए उचित उपाय करना महत्वपूर्ण है इस रोग के नियंत्रण के लिए यथसंभव शीघ्र ग्रसित पौधों को नष्ट कर के फ़सल पर प्रोपिकोनाजोल फफूंदनाशक के 0.1 % घोल का छिड़काव करें. इस छिड़काव को करने से लीफ ब्लाइट रोग के नियंत्रण में भी सहायता मिलेगी स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I | Hindi | MP | 06-01-2026 | 19:55:00 | SCHEDULED |
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| 82 | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Dewas ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 07 January से 16 January के दौरान दिन में 25 और रात में 9 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। किसान साथियों खेत में नमी का अनुमान लगा कर सिचाई करे I गेहूँ में अगर गाँठ पड़ने या फूल आने की अवस्था हो तो पानी की कमी न होने दे व सिंचाई की व्यवस्था करें I गेहु की फसल के फूल अवस्था में होने पर मिट्टी में पर्याप्त नमी होनी चाहिए I बदलते मौसम के कारण फसलों में रोग एवं कीट का प्रकोप बड़ने की सभांवना है गेहूँ की बालियों में दाने यदि काले पड़ रहे हों, उनमें दुर्गन्ध आ रही हो, तो इसका तात्पर्य है कि फ़सल में करनाल बंट या लूज़ स्मट का प्रकोप हो रहा है. रोग के किसी भी लक्षण के लिए नियमित रूप से फसल की निगरानी करना और इसके प्रसार को रोकने के लिए उचित उपाय करना महत्वपूर्ण है इस रोग के नियंत्रण के लिए यथसंभव शीघ्र ग्रसित पौधों को नष्ट कर के फ़सल पर प्रोपिकोनाजोल फफूंदनाशक के 0.1 % घोल का छिड़काव करें. इस छिड़काव को करने से लीफ ब्लाइट रोग के नियंत्रण में भी सहायता मिलेगी स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I | Hindi | MP | 06-01-2026 | 19:45:00 | SCHEDULED |
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| 83 | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Jhalawar ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 3 January 2026 से 12 January 2026 के दौरान दिन में 24 और रात में 10 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। सभी किसान साथियो को नव वर्ष 2026 की हार्दिक शुभकामनाये I सरसों मे तना गलन रोग के लक्षण तना, पत्तियों व फलियों पर देखे जा सकते हैं। लक्षण के आधार पर इसे तना गलन, श्वेतअंगमारी, तना कैंकर इत्यादि नाम दिये गये हैं। रोग के आरम्भिक लक्षण पौधे के तना पर ठीक जमीन की सतह से थोड़ा ऊपर हल्के धब्बों के रूप में प्रकट होते हैं। बाद में यह धब्बे श्वेत हो जाते हैं। रोग की अधिकता में पौधे मुरझाकर सूख जाते हैं। खेत में रोगग्रस्त पौधे अलग से ही दिखाई पड़ते हैं फसल पर रोग के प्रारम्भिक लक्षण दिखने पर कार्बेन्डाजिम (0.05 प्रतिशत) 2 ग्राम/लीटर पानी में कवकनाशक दवाई के घोल का छिड़काव पौधों पर करें। स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिये शून्य दबाए I | Hindi | Rajasthan User | 03-01-2026 | 20:12:00 | SCHEDULED |
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| 84 | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Bundi ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 3 January 2026 से 12 January 2026 के दौरान दिन में 23 और रात में 9 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। सभी किसान साथियो को नव वर्ष 2026 की हार्दिक शुभकामनाये I सरसों मे तना गलन रोग के लक्षण तना, पत्तियों व फलियों पर देखे जा सकते हैं। लक्षण के आधार पर इसे तना गलन, श्वेतअंगमारी, तना कैंकर इत्यादि नाम दिये गये हैं। रोग के आरम्भिक लक्षण पौधे के तना पर ठीक जमीन की सतह से थोड़ा ऊपर हल्के धब्बों के रूप में प्रकट होते हैं। बाद में यह धब्बे श्वेत हो जाते हैं। रोग की अधिकता में पौधे मुरझाकर सूख जाते हैं। खेत में रोगग्रस्त पौधे अलग से ही दिखाई पड़ते हैं फसल पर रोग के प्रारम्भिक लक्षण दिखने पर कार्बेन्डाजिम (0.05 प्रतिशत) 2 ग्राम/लीटर पानी में कवकनाशक दवाई के घोल का छिड़काव पौधों पर करें। स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिये शून्य दबाए I | Hindi | Rajasthan User | 03-01-2026 | 20:11:00 | SCHEDULED |
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| 85 | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Baran ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 3 January 2026 से 12 January 2026 के दौरान दिन में 23 और रात में 10 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। सभी किसान साथियो को नव वर्ष 2026 की हार्दिक शुभकामनाये I सरसों मे तना गलन रोग के लक्षण तना, पत्तियों व फलियों पर देखे जा सकते हैं। लक्षण के आधार पर इसे तना गलन, श्वेतअंगमारी, तना कैंकर इत्यादि नाम दिये गये हैं। रोग के आरम्भिक लक्षण पौधे के तना पर ठीक जमीन की सतह से थोड़ा ऊपर हल्के धब्बों के रूप में प्रकट होते हैं। बाद में यह धब्बे श्वेत हो जाते हैं। रोग की अधिकता में पौधे मुरझाकर सूख जाते हैं। खेत में रोगग्रस्त पौधे अलग से ही दिखाई पड़ते हैं फसल पर रोग के प्रारम्भिक लक्षण दिखने पर कार्बेन्डाजिम (0.05 प्रतिशत) 2 ग्राम/लीटर पानी में कवकनाशक दवाई के घोल का छिड़काव पौधों पर करें। स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिये शून्य दबाए I | Hindi | Rajasthan User | 03-01-2026 | 20:10:00 | SCHEDULED |
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| 86 | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Kota ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 3 January 2026 से 12 January 2026 के दौरान दिन में 24 और रात में 9 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। सभी किसान साथियो को नव वर्ष 2026 की हार्दिक शुभकामनाये I सरसों मे तना गलन रोग के लक्षण तना, पत्तियों व फलियों पर देखे जा सकते हैं। लक्षण के आधार पर इसे तना गलन, श्वेतअंगमारी, तना कैंकर इत्यादि नाम दिये गये हैं। रोग के आरम्भिक लक्षण पौधे के तना पर ठीक जमीन की सतह से थोड़ा ऊपर हल्के धब्बों के रूप में प्रकट होते हैं। बाद में यह धब्बे श्वेत हो जाते हैं। रोग की अधिकता में पौधे मुरझाकर सूख जाते हैं। खेत में रोगग्रस्त पौधे अलग से ही दिखाई पड़ते हैं फसल पर रोग के प्रारम्भिक लक्षण दिखने पर कार्बेन्डाजिम (0.05 प्रतिशत) 2 ग्राम/लीटर पानी में कवकनाशक दवाई के घोल का छिड़काव पौधों पर करें। स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिये शून्य दबाए I | Hindi | Rajasthan User | 03-01-2026 | 20:09:00 | SCHEDULED |
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| 87 | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Tonk ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 3 January 2026 से 12 January 2026 के दौरान दिन में 24 और रात में 10 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। सभी किसान साथियो को नव वर्ष 2026 की हार्दिक शुभकामनाये I सरसों मे तना गलन रोग के लक्षण तना, पत्तियों व फलियों पर देखे जा सकते हैं। लक्षण के आधार पर इसे तना गलन, श्वेतअंगमारी, तना कैंकर इत्यादि नाम दिये गये हैं। रोग के आरम्भिक लक्षण पौधे के तना पर ठीक जमीन की सतह से थोड़ा ऊपर हल्के धब्बों के रूप में प्रकट होते हैं। बाद में यह धब्बे श्वेत हो जाते हैं। रोग की अधिकता में पौधे मुरझाकर सूख जाते हैं। खेत में रोगग्रस्त पौधे अलग से ही दिखाई पड़ते हैं फसल पर रोग के प्रारम्भिक लक्षण दिखने पर कार्बेन्डाजिम (0.05 प्रतिशत) 2 ग्राम/लीटर पानी में कवकनाशक दवाई के घोल का छिड़काव पौधों पर करें। स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिये शून्य दबाए I | Hindi | Rajasthan User | 03-01-2026 | 20:05:00 | SCHEDULED |
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| 88 | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Ujjain ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 25 December से 06 January के दौरान दिन में 27 और रात में 9 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। सभी किसान साथियो को नव वर्ष 2026 की हार्दिक शुभकामनाये ! गेंहू की फसल मैं पौधों की उचित बढ़वार एवं विकास के लिए पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी से पौधों की वृद्धि, जनन क्षमता एवं कार्यिकी पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। जस्ते (जिंक) की कमी के लक्षण पत्तियों पर दिखाई देते है खड़ी फसल में जस्ते(जिंक) की कमी के लक्षण दिखाई देने पर 0.5 प्रतिशत जिंक सल्फेट के घोल का छिड़काव 10 दिनों के अंतराल पर 2-3 बार करना चाहिए। स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I | Hindi | MP | 03-01-2026 | 20:00:00 | SCHEDULED |
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| 89 | Yavatmal(2)-नमस्कार शेतकरी बंधूंनो...सॉलिडरीडॅड आणि वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. नेर तालुक्यातील मोझर येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे दिनांक ४ जानेवारी २०२६ ते दिनांक १४ जानेवारी २०२६ दरम्यानचा हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान १६ ते १८अंश सेल्सियस तर कमाल २७ ते २९ अंश सेल्सियस एवढे राहील. दिनांक १ ते ६ जानेवारी २०२६ दरम्यान वातावरण अंशतः ढगाळ राहण्याची तर इतर दिवशी वातावरण स्वच्छ राहण्याची शक्यता आहे. वातावरणीय बदलास अनुसरून शेती (Climate Resilient Agriculture) करण्यास खालील बाबींचा विचार करावा. शेतकऱ्यांसाठी सूचना:- सध्या शेतकऱ्यांची कापूस पिकाची वेचणी हि अंतिम टप्प्यात आहे. शेतकऱ्यांनी शेवटच्या वेचणीचा कापूस हा वेगळा साठवून ठेवावा. शेतकऱ्यांनी अर्धवट उमललेला किंवा किडक कापूस चांगल्या कापसात मिसळू नये त्यामुळे कापसाची प्रत खराब होते. कापूस वेचणी व साठवणुकीसाठी व पुढील संक्रमणाचे नुकसान टाळण्यासाठी कॉटन पिशव्याचा वापर करावा. ज्या शेतकऱ्यांची कापसाची वेचणी पूर्ण झालेली आहे, त्या ठिकाणी शेतकऱ्यांनी रोटाव्हेटर किंवा श्रेडरचा वापर करून पिकाचे अवशेष बारीक करून घ्यावे व ते वेस्ट डिकंपोजरचा वापर करून शेतातच कुजवावे किंवा पराट्या गोळा करून शेताच्या एका कोपऱ्याला १०x४x३ फुटाचा खड्डा करावा व त्यात पिकाचे अवशेष टाकून त्यांचे कंपोस्ट खत तयार करावे व त्यांचा वापर पुढील हंगामासाठी करावा. शेतकऱ्यांनी कपाशी पिकाच्या अवशेषांचा वापर करून बायोचार तयार करावे. कृपया शेतकऱ्यांनी पराट्या उघड्यावर जाळू नये. सध्या हरभरा पीक हे 40-45 दिवसाचे आहे, अन्नद्रव्याची कमतरता भरून काढण्यासाठी व योग्य वाढ होण्यासाठी हरभरा पिकाला २०० लिटर जीवामृतची ड्रेंचिंग करावी. त्यानंतर लगेच जिथे हरभरा पीक पिवळे किंवा मलूल पडले असल्यास प्रति एकर १ ते २ किलो ट्रायकोडर्मा व्हिरीडी किंवा बॅसिलस किंवा सुडोमोनास हे जैविक बुरशीनाशक २०० लिटर पाण्यात मिसळून पिकाच्या मुळाभोवती ड्रेंचिंग पद्धतीने द्यावे. गहू पिकांत तांबेरा दिसू लागताच शेतकऱ्यांनी मेटारायझियम किंवा व्हर्टिसिलिअम ह्या जैविक बुरशीनाशकाची प्रत्येकी ४५ मिली प्रति १५ लिटर पाण्यात मिसळून १५ दिवसाच्या अंतराने दोनदा फवारणी करावी. स्मार्ट ॲग्री ॲडव्हायझरी ॲप चे अपडेटेड व्हर्जन प्ले स्टोअर मध्ये उपलब्ध आहे ते मोबाईल मध्ये डाऊनलोड करणे सदर अपडेटेड व्हर्जन मध्ये हवामान केंद्राच्या माहितीचा तपशील समाविष्ट करण्यात आला आहे. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबाईल क्रमांक ९१५८२६१९२२ धन्यवाद! | Marathi | MH | 04-01-2026 | 08:30:00 | SCHEDULED |
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| 90 | Yavatmal (1)-नमस्कार शेतकरी बंधूंनो...सॉलिडरीडॅड आणि वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. घाटंजी तालुक्यातील मारेगाव येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे दिनांक ४ जानेवारी २०२६ ते दिनांक १४ जानेवारी २०२६ दरम्यानचा हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान १६ ते १८अंश सेल्सियस तर कमाल २७ ते २९ अंश सेल्सियस एवढे राहील. दिनांक १ ते ६ जानेवारी २०२६ दरम्यान वातावरण अंशतः ढगाळ राहण्याची तर इतर दिवशी वातावरण स्वच्छ राहण्याची शक्यता आहे. वातावरणीय बदलास अनुसरून शेती (Climate Resilient Agriculture) करण्यास खालील बाबींचा विचार करावा. शेतकऱ्यांसाठी सूचना:- सध्या शेतकऱ्यांची कापूस पिकाची वेचणी हि अंतिम टप्प्यात आहे. शेतकऱ्यांनी शेवटच्या वेचणीचा कापूस हा वेगळा साठवून ठेवावा. शेतकऱ्यांनी अर्धवट उमललेला किंवा किडक कापूस चांगल्या कापसात मिसळू नये त्यामुळे कापसाची प्रत खराब होते. कापूस वेचणी व साठवणुकीसाठी व पुढील संक्रमणाचे नुकसान टाळण्यासाठी कॉटन पिशव्याचा वापर करावा. ज्या शेतकऱ्यांची कापसाची वेचणी पूर्ण झालेली आहे, त्या ठिकाणी शेतकऱ्यांनी रोटाव्हेटर किंवा श्रेडरचा वापर करून पिकाचे अवशेष बारीक करून घ्यावे व ते वेस्ट डिकंपोजरचा वापर करून शेतातच कुजवावे किंवा पराट्या गोळा करून शेताच्या एका कोपऱ्याला १०x४x३ फुटाचा खड्डा करावा व त्यात पिकाचे अवशेष टाकून त्यांचे कंपोस्ट खत तयार करावे व त्यांचा वापर पुढील हंगामासाठी करावा. शेतकऱ्यांनी कपाशी पिकाच्या अवशेषांचा वापर करून बायोचार तयार करावे. कृपया शेतकऱ्यांनी पराट्या उघड्यावर जाळू नये. सध्या हरभरा पीक हे 40-45 दिवसाचे आहे, अन्नद्रव्याची कमतरता भरून काढण्यासाठी व योग्य वाढ होण्यासाठी हरभरा पिकाला २०० लिटर जीवामृतची ड्रेंचिंग करावी. त्यानंतर लगेच जिथे हरभरा पीक पिवळे किंवा मलूल पडले असल्यास प्रति एकर १ ते २ किलो ट्रायकोडर्मा व्हिरीडी किंवा बॅसिलस किंवा सुडोमोनास हे जैविक बुरशीनाशक २०० लिटर पाण्यात मिसळून पिकाच्या मुळाभोवती ड्रेंचिंग पद्धतीने द्यावे. गहू पिकांत तांबेरा दिसू लागताच शेतकऱ्यांनी मेटारायझियम किंवा व्हर्टिसिलिअम ह्या जैविक बुरशीनाशकाची प्रत्येकी ४५ मिली प्रति १५ लिटर पाण्यात मिसळून १५ दिवसाच्या अंतराने दोनदा फवारणी करावी. स्मार्ट ॲग्री ॲडव्हायझरी ॲप चे अपडेटेड व्हर्जन प्ले स्टोअर मध्ये उपलब्ध आहे ते मोबाईल मध्ये डाऊनलोड करणे सदर अपडेटेड व्हर्जन मध्ये हवामान केंद्राच्या माहितीचा तपशील समाविष्ट करण्यात आला आहे. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबाईल क्रमांक ९१५८२६१९२२ धन्यवाद! | Marathi | MH | 04-01-2026 | 08:30:00 | SCHEDULED |
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