Message Schedule List : 11,837
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9331 प्रिय किसान साथियों, आगामी 1 मई से 7 मई के दौरान हरदोई जिले के सांडी क्षेत्र में गर्मी से राहत मिलेगीI इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 31 से 38 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 22 से 26 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की सम्भावना हैI सप्ताह के दौरान पूर्व और उत्तर दिशा से 2 से 15 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवा चलने की सम्भावना है और इसके कारण सप्ताह के दौरान कभी- कभी बादल छायेगे, कहीं-कहीं तेज गरज – चमक के साथ वर्षा की भी सम्भावना हैI वायुमंडल में आर्द्रता 40 से 80% तक रहेगीI वायुमंडल में बढ़ी आर्द्रता, वर्षा और इससे तापमान में बदलाव से गन्ने के खेतों में पायरिल्ला, शूट बोरर और टॉप बोरर जैसे कीड़ों और बिमारियों को पनपने में मदद मिलती हैI ऐसे में किसान साथी अपने खेतों का नियमित निरिक्षण करते रहें और जरूरी होने पर कीट नियंत्रण का काम करेंI पायरिल्ला के कीट मिलने पर इसके रोकथाम के लिए किसी दवा के छिडकाव की जरुरत नहीं है यदि खेत में इसके परजीवी आ गए हैं तो वह पायरिल्ला के कीटों को खुद नियंत्रित कर लेंगेI टॉप बोरर से प्रभावित गन्नों को जड़ से उखाड कर खेत से दूर ले जाकर नष्ट कर देंI ऐसे खेतों में ट्राईकोकार्ड या अन्य ट्रैप का उपयोग किया जा सकता हैI शूट बोरर का प्रकोप बढ़ने की स्थिति में 150 मिली प्रति एकड़ की दर से कोराजेन को 400 लीटर पानी में घोल कर गन्ने के तनों को ड्रेंच करें और इसके तुरंत बाद पानी लगायेंI आने वाले समय में बढती गर्मी और पानी की जरूरत को देखते हुए खेत के किनारे छोटे- छोटे 2 फिट गुना 5 फिट के गड्ढे बनायें जिससे बारिश के पानी को रोकने की तैयारी अभी से की जा सकेI गाँव के स्तर पर तालाबों की साफ-सफाई और गहरीकरण की योजना बनाकर पानी का संचय अवश्य करेंI पानी की कमी को ध्यान में रखते हुए खेतों की सिंचाई करने से पहले साइल मोइस्चर इंडिकेटर की सहयता से खेत में नमी की जाँच करेI खेत में फरो विधि के माध्यम से एक खुंड या नाली में सिंचाई करेंI खाली हो रहे खेतों में मूंग, ढैंचा, सनई की बुवाई करेंI फसलों को काटने के बाद उनके बचे अवशेष को खेत में मिलाने से अच्छी हरी खाद खेत को मिलेगीI बारिश के बाद इन खेतों में गन्ने की बोवाई की जा सकती हैI शरद काल में बोये गए गन्ने में हल्की मिट्टी चढ़ाएं इससे अवांछित कल्लों को रोकने में मदद मिलेगी और अच्छे गन्ने तैयार होंगेI इन खेतों में घुलनशील एन.पी.के. का छिडकाव किया जा सकता हैI ‘स्मार्ट एग्री कार्यक्रम’ की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 28-04-2023 08:30:00 SCHEDULED
9332 प्रिय किसान साथियों, आगामी 1 मई से 7 मई के दौरान हरदोई जिले के पिहानी क्षेत्र में गर्मी से राहत मिलेगीI इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 31 से 38 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 22 से 26 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की सम्भावना हैI सप्ताह के दौरान पूर्व और उत्तर दिशा से 2 से 15 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवा चलने की सम्भावना है और इसके कारण सप्ताह के दौरान कभी- कभी बादल छायेगे, कहीं-कहीं तेज गरज – चमक के साथ वर्षा की भी सम्भावना हैI वायुमंडल में आर्द्रता 40 से 80% तक रहेगीI वायुमंडल में बढ़ी आर्द्रता, वर्षा और इससे तापमान में बदलाव से गन्ने के खेतों में पायरिल्ला, शूट बोरर और टॉप बोरर जैसे कीड़ों और बिमारियों को पनपने में मदद मिलती हैI ऐसे में किसान साथी अपने खेतों का नियमित निरिक्षण करते रहें और जरूरी होने पर कीट नियंत्रण का काम करेंI पायरिल्ला के कीट मिलने पर इसके रोकथाम के लिए किसी दवा के छिडकाव की जरुरत नहीं है यदि खेत में इसके परजीवी आ गए हैं तो वह पायरिल्ला के कीटों को खुद नियंत्रित कर लेंगेI टॉप बोरर से प्रभावित गन्नों को जड़ से उखाड कर खेत से दूर ले जाकर नष्ट कर देंI ऐसे खेतों में ट्राईकोकार्ड या अन्य ट्रैप का उपयोग किया जा सकता हैI शूट बोरर का प्रकोप बढ़ने की स्थिति में 150 मिली प्रति एकड़ की दर से कोराजेन को 400 लीटर पानी में घोल कर गन्ने के तनों को ड्रेंच करें और इसके तुरंत बाद पानी लगायेंI आने वाले समय में बढती गर्मी और पानी की जरूरत को देखते हुए खेत के किनारे छोटे- छोटे 2 फिट गुना 5 फिट के गड्ढे बनायें जिससे बारिश के पानी को रोकने की तैयारी अभी से की जा सकेI गाँव के स्तर पर तालाबों की साफ-सफाई और गहरीकरण की योजना बनाकर पानी का संचय अवश्य करेंI पानी की कमी को ध्यान में रखते हुए खेतों की सिंचाई करने से पहले साइल मोइस्चर इंडिकेटर की सहयता से खेत में नमी की जाँच करेI खेत में फरो विधि के माध्यम से एक खुंड या नाली में सिंचाई करेंI खाली हो रहे खेतों में मूंग, ढैंचा, सनई की बुवाई करेंI फसलों को काटने के बाद उनके बचे अवशेष को खेत में मिलाने से अच्छी हरी खाद खेत को मिलेगीI बारिश के बाद इन खेतों में गन्ने की बोवाई की जा सकती हैI शरद काल में बोये गए गन्ने में हल्की मिट्टी चढ़ाएं इससे अवांछित कल्लों को रोकने में मदद मिलेगी और अच्छे गन्ने तैयार होंगेI इन खेतों में घुलनशील एन.पी.के. का छिडकाव किया जा सकता हैI ‘स्मार्ट एग्री कार्यक्रम’ की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 28-04-2023 08:24:00 SCHEDULED
9333 प्रिय किसान साथियों, आगामी 1 मई से 7 मई के दौरान हरदोई जिले के हरपालपुर क्षेत्र में गर्मी से राहत मिलेगीI इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 31 से 38 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 22 से 26 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की सम्भावना हैI सप्ताह के दौरान पूर्व और उत्तर दिशा से 2 से 15 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवा चलने की सम्भावना है और इसके कारण सप्ताह के दौरान कभी- कभी बादल छायेगे, कहीं-कहीं तेज गरज – चमक के साथ वर्षा की भी सम्भावना हैI वायुमंडल में आर्द्रता 40 से 80% तक रहेगीI वायुमंडल में बढ़ी आर्द्रता, वर्षा और इससे तापमान में बदलाव से गन्ने के खेतों में पायरिल्ला, शूट बोरर और टॉप बोरर जैसे कीड़ों और बिमारियों को पनपने में मदद मिलती हैI ऐसे में किसान साथी अपने खेतों का नियमित निरिक्षण करते रहें और जरूरी होने पर कीट नियंत्रण का काम करेंI पायरिल्ला के कीट मिलने पर इसके रोकथाम के लिए किसी दवा के छिडकाव की जरुरत नहीं है यदि खेत में इसके परजीवी आ गए हैं तो वह पायरिल्ला के कीटों को खुद नियंत्रित कर लेंगेI टॉप बोरर से प्रभावित गन्नों को जड़ से उखाड कर खेत से दूर ले जाकर नष्ट कर देंI ऐसे खेतों में ट्राईकोकार्ड या अन्य ट्रैप का उपयोग किया जा सकता हैI शूट बोरर का प्रकोप बढ़ने की स्थिति में 150 मिली प्रति एकड़ की दर से कोराजेन को 400 लीटर पानी में घोल कर गन्ने के तनों को ड्रेंच करें और इसके तुरंत बाद पानी लगायेंI आने वाले समय में बढती गर्मी और पानी की जरूरत को देखते हुए खेत के किनारे छोटे- छोटे 2 फिट गुना 5 फिट के गड्ढे बनायें जिससे बारिश के पानी को रोकने की तैयारी अभी से की जा सकेI गाँव के स्तर पर तालाबों की साफ-सफाई और गहरीकरण की योजना बनाकर पानी का संचय अवश्य करेंI पानी की कमी को ध्यान में रखते हुए खेतों की सिंचाई करने से पहले साइल मोइस्चर इंडिकेटर की सहयता से खेत में नमी की जाँच करेI खेत में फरो विधि के माध्यम से एक खुंड या नाली में सिंचाई करेंI खाली हो रहे खेतों में मूंग, ढैंचा, सनई की बुवाई करेंI फसलों को काटने के बाद उनके बचे अवशेष को खेत में मिलाने से अच्छी हरी खाद खेत को मिलेगीI बारिश के बाद इन खेतों में गन्ने की बोवाई की जा सकती हैI शरद काल में बोये गए गन्ने में हल्की मिट्टी चढ़ाएं इससे अवांछित कल्लों को रोकने में मदद मिलेगी और अच्छे गन्ने तैयार होंगेI इन खेतों में घुलनशील एन.पी.के. का छिडकाव किया जा सकता हैI ‘स्मार्ट एग्री कार्यक्रम’ की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 28-04-2023 08:20:00 SCHEDULED
9334 प्रिय किसान साथियों, आगामी 1 मई से 7 मई के दौरान हरदोई जिले के हरियावा क्षेत्र में गर्मी से राहत मिलेगीI इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 31 से 38 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 22 से 26 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की सम्भावना हैI सप्ताह के दौरान पूर्व और उत्तर दिशा से 2 से 15 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवा चलने की सम्भावना है और इसके कारण सप्ताह के दौरान कभी- कभी बादल छायेगे, कहीं-कहीं तेज गरज – चमक के साथ वर्षा की भी सम्भावना हैI वायुमंडल में आर्द्रता 40 से 80% तक रहेगीI वायुमंडल में बढ़ी आर्द्रता, वर्षा और इससे तापमान में बदलाव से गन्ने के खेतों में पायरिल्ला, शूट बोरर और टॉप बोरर जैसे कीड़ों और बिमारियों को पनपने में मदद मिलती हैI ऐसे में किसान साथी अपने खेतों का नियमित निरिक्षण करते रहें और जरूरी होने पर कीट नियंत्रण का काम करेंI पायरिल्ला के कीट मिलने पर इसके रोकथाम के लिए किसी दवा के छिडकाव की जरुरत नहीं है यदि खेत में इसके परजीवी आ गए हैं तो वह पायरिल्ला के कीटों को खुद नियंत्रित कर लेंगेI टॉप बोरर से प्रभावित गन्नों को जड़ से उखाड कर खेत से दूर ले जाकर नष्ट कर देंI ऐसे खेतों में ट्राईकोकार्ड या अन्य ट्रैप का उपयोग किया जा सकता हैI शूट बोरर का प्रकोप बढ़ने की स्थिति में 150 मिली प्रति एकड़ की दर से कोराजेन को 400 लीटर पानी में घोल कर गन्ने के तनों को ड्रेंच करें और इसके तुरंत बाद पानी लगायेंI आने वाले समय में बढती गर्मी और पानी की जरूरत को देखते हुए खेत के किनारे छोटे- छोटे 2 फिट गुना 5 फिट के गड्ढे बनायें जिससे बारिश के पानी को रोकने की तैयारी अभी से की जा सकेI गाँव के स्तर पर तालाबों की साफ-सफाई और गहरीकरण की योजना बनाकर पानी का संचय अवश्य करेंI पानी की कमी को ध्यान में रखते हुए खेतों की सिंचाई करने से पहले साइल मोइस्चर इंडिकेटर की सहयता से खेत में नमी की जाँच करेI खेत में फरो विधि के माध्यम से एक खुंड या नाली में सिंचाई करेंI खाली हो रहे खेतों में मूंग, ढैंचा, सनई की बुवाई करेंI फसलों को काटने के बाद उनके बचे अवशेष को खेत में मिलाने से अच्छी हरी खाद खेत को मिलेगीI बारिश के बाद इन खेतों में गन्ने की बोवाई की जा सकती हैI शरद काल में बोये गए गन्ने में हल्की मिट्टी चढ़ाएं इससे अवांछित कल्लों को रोकने में मदद मिलेगी और अच्छे गन्ने तैयार होंगेI इन खेतों में घुलनशील एन.पी.के. का छिडकाव किया जा सकता हैI ‘स्मार्ट एग्री कार्यक्रम’ की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 28-04-2023 08:18:00 SCHEDULED
9335 प्रिय किसान साथियों, आगामी 1 मई से 7 मई के दौरान हरदोई जिले के टोडरपुर क्षेत्र में गर्मी से राहत मिलेगीI इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 31 से 38 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 22 से 26 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की सम्भावना हैI सप्ताह के दौरान पूर्व और उत्तर दिशा से 2 से 15 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवा चलने की सम्भावना है और इसके कारण सप्ताह के दौरान कभी- कभी बादल छायेगे, कहीं-कहीं तेज गरज – चमक के साथ वर्षा की भी सम्भावना हैI वायुमंडल में आर्द्रता 40 से 80% तक रहेगीI वायुमंडल में बढ़ी आर्द्रता, वर्षा और इससे तापमान में बदलाव से गन्ने के खेतों में पायरिल्ला, शूट बोरर और टॉप बोरर जैसे कीड़ों और बिमारियों को पनपने में मदद मिलती हैI ऐसे में किसान साथी अपने खेतों का नियमित निरिक्षण करते रहें और जरूरी होने पर कीट नियंत्रण का काम करेंI पायरिल्ला के कीट मिलने पर इसके रोकथाम के लिए किसी दवा के छिडकाव की जरुरत नहीं है यदि खेत में इसके परजीवी आ गए हैं तो वह पायरिल्ला के कीटों को खुद नियंत्रित कर लेंगेI टॉप बोरर से प्रभावित गन्नों को जड़ से उखाड कर खेत से दूर ले जाकर नष्ट कर देंI ऐसे खेतों में ट्राईकोकार्ड या अन्य ट्रैप का उपयोग किया जा सकता हैI शूट बोरर का प्रकोप बढ़ने की स्थिति में 150 मिली प्रति एकड़ की दर से कोराजेन को 400 लीटर पानी में घोल कर गन्ने के तनों को ड्रेंच करें और इसके तुरंत बाद पानी लगायेंI आने वाले समय में बढती गर्मी और पानी की जरूरत को देखते हुए खेत के किनारे छोटे- छोटे 2 फिट गुना 5 फिट के गड्ढे बनायें जिससे बारिश के पानी को रोकने की तैयारी अभी से की जा सकेI गाँव के स्तर पर तालाबों की साफ-सफाई और गहरीकरण की योजना बनाकर पानी का संचय अवश्य करेंI पानी की कमी को ध्यान में रखते हुए खेतों की सिंचाई करने से पहले साइल मोइस्चर इंडिकेटर की सहयता से खेत में नमी की जाँच करेI खेत में फरो विधि के माध्यम से एक खुंड या नाली में सिंचाई करेंI खाली हो रहे खेतों में मूंग, ढैंचा, सनई की बुवाई करेंI फसलों को काटने के बाद उनके बचे अवशेष को खेत में मिलाने से अच्छी हरी खाद खेत को मिलेगीI बारिश के बाद इन खेतों में गन्ने की बोवाई की जा सकती हैI शरद काल में बोये गए गन्ने में हल्की मिट्टी चढ़ाएं इससे अवांछित कल्लों को रोकने में मदद मिलेगी और अच्छे गन्ने तैयार होंगेI इन खेतों में घुलनशील एन.पी.के. का छिडकाव किया जा सकता हैI ‘स्मार्ट एग्री कार्यक्रम’ की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 28-04-2023 08:15:00 SCHEDULED
9336 प्रिय किसान साथियों, आगामी 1 मई से 7 मई के दौरान हरदोई जिले के बिलग्राम क्षेत्र में गर्मी से राहत मिलेगीI इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 31 से 38 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 22 से 26 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की सम्भावना हैI सप्ताह के दौरान पूर्व और उत्तर दिशा से 2 से 15 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवा चलने की सम्भावना है और इसके कारण सप्ताह के दौरान कभी- कभी बादल छायेगे, कहीं-कहीं तेज गरज – चमक के साथ वर्षा की भी सम्भावना हैI वायुमंडल में आर्द्रता 40 से 80% तक रहेगीI वायुमंडल में बढ़ी आर्द्रता, वर्षा और इससे तापमान में बदलाव से गन्ने के खेतों में पायरिल्ला, शूट बोरर और टॉप बोरर जैसे कीड़ों और बिमारियों को पनपने में मदद मिलती हैI ऐसे में किसान साथी अपने खेतों का नियमित निरिक्षण करते रहें और जरूरी होने पर कीट नियंत्रण का काम करेंI पायरिल्ला के कीट मिलने पर इसके रोकथाम के लिए किसी दवा के छिडकाव की जरुरत नहीं है यदि खेत में इसके परजीवी आ गए हैं तो वह पायरिल्ला के कीटों को खुद नियंत्रित कर लेंगेI टॉप बोरर से प्रभावित गन्नों को जड़ से उखाड कर खेत से दूर ले जाकर नष्ट कर देंI ऐसे खेतों में ट्राईकोकार्ड या अन्य ट्रैप का उपयोग किया जा सकता हैI शूट बोरर का प्रकोप बढ़ने की स्थिति में 150 मिली प्रति एकड़ की दर से कोराजेन को 400 लीटर पानी में घोल कर गन्ने के तनों को ड्रेंच करें और इसके तुरंत बाद पानी लगायेंI आने वाले समय में बढती गर्मी और पानी की जरूरत को देखते हुए खेत के किनारे छोटे- छोटे 2 फिट गुना 5 फिट के गड्ढे बनायें जिससे बारिश के पानी को रोकने की तैयारी अभी से की जा सकेI गाँव के स्तर पर तालाबों की साफ-सफाई और गहरीकरण की योजना बनाकर पानी का संचय अवश्य करेंI पानी की कमी को ध्यान में रखते हुए खेतों की सिंचाई करने से पहले साइल मोइस्चर इंडिकेटर की सहयता से खेत में नमी की जाँच करेI खेत में फरो विधि के माध्यम से एक खुंड या नाली में सिंचाई करेंI खाली हो रहे खेतों में मूंग, ढैंचा, सनई की बुवाई करेंI फसलों को काटने के बाद उनके बचे अवशेष को खेत में मिलाने से अच्छी हरी खाद खेत को मिलेगीI बारिश के बाद इन खेतों में गन्ने की बोवाई की जा सकती हैI शरद काल में बोये गए गन्ने में हल्की मिट्टी चढ़ाएं इससे अवांछित कल्लों को रोकने में मदद मिलेगी और अच्छे गन्ने तैयार होंगेI इन खेतों में घुलनशील एन.पी.के. का छिडकाव किया जा सकता हैI ‘स्मार्ट एग्री कार्यक्रम’ की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 28-04-2023 08:08:00 SCHEDULED
9337 प्रिय किसान साथियों, आगामी 1 मई से 7 मई के दौरान हरदोई जिले के बरखनी क्षेत्र में गर्मी से राहत मिलेगीI इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 31 से 38 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 22 से 26 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की सम्भावना हैI सप्ताह के दौरान पूर्व और उत्तर दिशा से 2 से 15 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवा चलने की सम्भावना है और इसके कारण सप्ताह के दौरान कभी- कभी बादल छायेगे, कहीं-कहीं तेज गरज – चमक के साथ वर्षा की भी सम्भावना हैI वायुमंडल में आर्द्रता 40 से 80% तक रहेगीI वायुमंडल में बढ़ी आर्द्रता, वर्षा और इससे तापमान में बदलाव से गन्ने के खेतों में पायरिल्ला, शूट बोरर और टॉप बोरर जैसे कीड़ों और बिमारियों को पनपने में मदद मिलती हैI ऐसे में किसान साथी अपने खेतों का नियमित निरिक्षण करते रहें और जरूरी होने पर कीट नियंत्रण का काम करेंI पायरिल्ला के कीट मिलने पर इसके रोकथाम के लिए किसी दवा के छिडकाव की जरुरत नहीं है यदि खेत में इसके परजीवी आ गए हैं तो वह पायरिल्ला के कीटों को खुद नियंत्रित कर लेंगेI टॉप बोरर से प्रभावित गन्नों को जड़ से उखाड कर खेत से दूर ले जाकर नष्ट कर देंI ऐसे खेतों में ट्राईकोकार्ड या अन्य ट्रैप का उपयोग किया जा सकता हैI शूट बोरर का प्रकोप बढ़ने की स्थिति में 150 मिली प्रति एकड़ की दर से कोराजेन को 400 लीटर पानी में घोल कर गन्ने के तनों को ड्रेंच करें और इसके तुरंत बाद पानी लगायेंI आने वाले समय में बढती गर्मी और पानी की जरूरत को देखते हुए खेत के किनारे छोटे- छोटे 2 फिट गुना 5 फिट के गड्ढे बनायें जिससे बारिश के पानी को रोकने की तैयारी अभी से की जा सकेI गाँव के स्तर पर तालाबों की साफ-सफाई और गहरीकरण की योजना बनाकर पानी का संचय अवश्य करेंI पानी की कमी को ध्यान में रखते हुए खेतों की सिंचाई करने से पहले साइल मोइस्चर इंडिकेटर की सहयता से खेत में नमी की जाँच करेI खेत में फरो विधि के माध्यम से एक खुंड या नाली में सिंचाई करेंI खाली हो रहे खेतों में मूंग, ढैंचा, सनई की बुवाई करेंI फसलों को काटने के बाद उनके बचे अवशेष को खेत में मिलाने से अच्छी हरी खाद खेत को मिलेगीI बारिश के बाद इन खेतों में गन्ने की बोवाई की जा सकती हैI शरद काल में बोये गए गन्ने में हल्की मिट्टी चढ़ाएं इससे अवांछित कल्लों को रोकने में मदद मिलेगी और अच्छे गन्ने तैयार होंगेI इन खेतों में घुलनशील एन.पी.के. का छिडकाव किया जा सकता हैI ‘स्मार्ट एग्री कार्यक्रम’ की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 28-04-2023 08:02:00 SCHEDULED
9338 জিলা: যোৰহাট ( ষ্টেচন: নামচিছু_AWS ) বতৰৰ বতৰা আৰু আমাৰ পৰামৰ্শ (বৈধতাৰ সময়সীমা: ২৭ এপ্ৰিলৰ পৰা ৩ মে লৈ, ২০২৩) VI Smart Agri Project ৰ প্ৰিয় ট্ৰিনিটি ক্ষুদ্ৰ চাহ খেতিয়ক । স্মাৰ্ট কৃষি পৰামৰ্শলৈ স্বাগতম। যোৰহাট জিলাৰ নামচিছুত অৱস্থিত Automatic Weather Station (AWS) ৰ পৰা পোৱা বতৰৰ পূৰ্বানুমান অনুসৰি ২৭ এপ্ৰিলৰ পৰা ৩ মে লৈ, ২০২৩ বতৰ আংশিকৰ পৰা ঘাইকৈ ডাৱৰীয়া হৈ থকাৰ লগতে পাতলীয়াৰ পৰা মজলীয়া বৰষুণৰ সম্ভাৱনা আছে। দিনৰ উষ্ণতা প্ৰায় ২৬-৩২ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ আৰু নিশাৰ উষ্ণতা প্ৰায় ২১-২২ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ হব বুলি অনুমান কৰা হৈছে। ৰাতিপুৱা আৰু আবেলিৰ আপেক্ষিক আৰ্দ্ৰতা ক্ৰমান্বয়ে প্ৰায় ৯০% আৰু ৬০ % আশে-পাশে থাকিব । বতাহ প্ৰতি ঘন্টাত ৩-১০ কিলোমিটাৰ বেগত উত্তৰ-পূব দিশৰ পৰা প্ৰবাহিত হব। চাহ খেতিৰ বাবে: • LP বাগান বোৰত টিপিংৰ (Tipping) কাম অব্যাহত ৰখাৰ প্ৰয়োজন। ৫ টাতকৈ অধিক ডাঙৰ পাত লক্ষ্য কৰালে কাটি লোৱা ডালৰ পৰা ২০ চে.মি. বা ৫ টা ডাঙৰ পাতৰ ওপৰত চিঙিব লাগে । পাততোলা টেবুলৰ তললৈ হাত ভৰাই পাত তুলিব নালাগে। • নতুনকৈ ৰোপণ কৰা পুলি বাগানত প্ৰি-ইমাৰ্জেণ্ট হাৰ্বিচাইড (Pre emergent herbicide) যেনে অক্সিফ্লৰফেন (Oxyfluorfen) প্ৰতি ২০০ লিটাৰ পানীত ৫০০ মিলিলিটাৰ দৰব মিহলাই পৰিষ্কাৰ আৰু আৰ্দ্ৰ/ ভিজা মাটিত স্প্ৰে কৰিব লাগে। যিহেতু অহা কেইদিনমানত বৰষুণৰ সম্ভাৱনা আছে, সেয়েহে বৰষুণ মুক্ত স্থিতিত দৰব স্প্ৰে কৰিব। • যিবোৰ অঞ্চলত শিলাবৃষ্টিৰ ধুমুহা সংঘটিত হোৱাৰ ফলত চাহৰ জোপোহাত ক্ষতি হোৱা দেখা গৈছে তেনে বাগান বোৰত আঘাতপ্ৰাপ্ত চাহৰ পাত আৰু ডালবোৰ চিনাক্ত কৰি সুৰক্ষামূলক ব্যৱস্থাৰ বাবে ৫০০ গ্ৰাম Copper Fungicide (ভেঁকুৰনাশক) প্ৰতি ২০০ লিটাৰ পানীত মিহলাই স্প্ৰে কৰিব পাৰে। অন্যান্য শস্যৰ বাবে: • শাক পাচলীৰ খেতিত অপতৃণৰ বৃদ্ধিৰ বাবে বতৰ অনুকূল হৈ পৰিছে গতিকে এই সময়ত ১৫- ২০ দিনৰ ব্যৱধানত অপতৃণবোৰ আঁতৰাই পেলোৱাটো প্ৰয়োজনীয়। তাৰোপৰি গছজোপাৰ গুৰিৰ ওচৰত মাটি চপাই ৰাখিব লাগে যাতে পানী জমা নহয়। • প্ৰতিকূল বতৰৰ প্ৰতি লক্ষ্য ৰাখি কৃষক ৰাইজে পথাৰৰ পৰা পূৰঠ ফল-মূল আৰু পাচলিসমূহ চপাই সঠিক স্থানত ৰাখিব যাতে বৰষুণৰ পৰা সুৰক্ষিত থাকে। বতৰ আৰু কৃষি সম্পৰ্কীয় তথ্যৰ বিষয়ে জানিবলৈ কৃষকসকলে ৭০৬৫-০০-৫০৫৪ নম্বৰত মিছড কল দিব পাৰে। ধন্যবাদ। Assamese Assam 27-04-2023 08:05:00 SCHEDULED
9339 জিলা: যোৰহাট ( ষ্টেচন: এলেংগি_AWS ) বতৰৰ বতৰা আৰু আমাৰ পৰামৰ্শ (বৈধতাৰ সময়সীমা: ২৭ এপ্ৰিলৰ পৰা ৩ মে লৈ, ২০২৩) VI Smart Agri Project ৰ প্ৰিয় ট্ৰিনিটি ক্ষুদ্ৰ চাহ খেতিয়ক । স্মাৰ্ট কৃষি পৰামৰ্শলৈ স্বাগতম। যোৰহাট জিলাৰ এলেংগিত অৱস্থিত Automatic Weather Station (AWS) ৰ পৰা পোৱা বতৰৰ পূৰ্বানুমান অনুসৰি ২৭ এপ্ৰিলৰ পৰা ৩ মে লৈ, ২০২৩ বতৰ আংশিকৰ পৰা ঘাইকৈ ডাৱৰীয়া হৈ থকাৰ লগতে পাতলীয়াৰ পৰা মজলীয়া বৰষুণৰ সম্ভাৱনা আছে। দিনৰ উষ্ণতা প্ৰায় ২৬-৩২ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ আৰু নিশাৰ উষ্ণতা প্ৰায় ২১-২৩ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ হব বুলি অনুমান কৰা হৈছে। ৰাতিপুৱা আৰু আবেলিৰ আপেক্ষিক আৰ্দ্ৰতা ক্ৰমান্বয়ে প্ৰায় ৯০% আৰু ৬০ % আশে-পাশে থাকিব । বতাহ প্ৰতি ঘন্টাত ৩-১০ কিলোমিটাৰ বেগত উত্তৰ-পূব দিশৰ পৰা প্ৰবাহিত হব। চাহ খেতিৰ বাবে: • LP বাগান বোৰত টিপিংৰ (Tipping) কাম অব্যাহত ৰখাৰ প্ৰয়োজন। ৫ টাতকৈ অধিক ডাঙৰ পাত লক্ষ্য কৰালে কাটি লোৱা ডালৰ পৰা ২০ চে.মি. বা ৫ টা ডাঙৰ পাতৰ ওপৰত চিঙিব লাগে । পাততোলা টেবুলৰ তললৈ হাত ভৰাই পাত তুলিব নালাগে। • নতুনকৈ ৰোপণ কৰা পুলি বাগানত প্ৰি-ইমাৰ্জেণ্ট হাৰ্বিচাইড (Pre emergent herbicide) যেনে অক্সিফ্লৰফেন (Oxyfluorfen) প্ৰতি ২০০ লিটাৰ পানীত ৫০০ মিলিলিটাৰ দৰব মিহলাই পৰিষ্কাৰ আৰু আৰ্দ্ৰ/ ভিজা মাটিত স্প্ৰে কৰিব লাগে। যিহেতু অহা কেইদিনমানত বৰষুণৰ সম্ভাৱনা আছে, সেয়েহে বৰষুণ মুক্ত স্থিতিত দৰব স্প্ৰে কৰিব। • যিবোৰ অঞ্চলত শিলাবৃষ্টিৰ ধুমুহা সংঘটিত হোৱাৰ ফলত চাহৰ জোপোহাত ক্ষতি হোৱা দেখা গৈছে তেনে বাগান বোৰত আঘাতপ্ৰাপ্ত চাহৰ পাত আৰু ডালবোৰ চিনাক্ত কৰি সুৰক্ষামূলক ব্যৱস্থাৰ বাবে ৫০০ গ্ৰাম Copper Fungicide (ভেঁকুৰনাশক) প্ৰতি ২০০ লিটাৰ পানীত মিহলাই স্প্ৰে কৰিব পাৰে। অন্যান্য শস্যৰ বাবে: • শাক পাচলীৰ খেতিত অপতৃণৰ বৃদ্ধিৰ বাবে বতৰ অনুকূল হৈ পৰিছে গতিকে এই সময়ত ১৫- ২০ দিনৰ ব্যৱধানত অপতৃণবোৰ আঁতৰাই পেলোৱাটো প্ৰয়োজনীয়। তাৰোপৰি গছজোপাৰ গুৰিৰ ওচৰত মাটি চপাই ৰাখিব লাগে যাতে পানী জমা নহয়। • প্ৰতিকূল বতৰৰ প্ৰতি লক্ষ্য ৰাখি কৃষক ৰাইজে পথাৰৰ পৰা পূৰঠ ফল-মূল আৰু পাচলিসমূহ চপাই সঠিক স্থানত ৰাখিব যাতে বৰষুণৰ পৰা সুৰক্ষিত থাকে। বতৰ আৰু কৃষি সম্পৰ্কীয় তথ্যৰ বিষয়ে জানিবলৈ কৃষকসকলে ৭০৬৫-০০-৫০৫৪ নম্বৰত মিছড কল দিব পাৰে। ধন্যবাদ। Assamese Assam 27-04-2023 08:05:00 SCHEDULED
9340 জিলা: ডিব্ৰুগড় (ষ্টেচন: বেটোনিবাম_AWS) বতৰৰ বতৰা আৰু আমাৰ পৰামৰ্শ (বৈধতাৰ সময়সীমা: ২৭ এপ্ৰিলৰ পৰা ৩ মে লৈ, ২০২৩) VI Smart Agri Project ৰ প্ৰিয় ট্ৰিনিটি ক্ষুদ্ৰ চাহ খেতিয়ক । স্মাৰ্ট কৃষি পৰামৰ্শলৈ স্বাগতম। ডিব্ৰুগড় জিলাৰ বেটোনিবামত অৱস্থিত Automatic Weather Station (AWS) ৰ পৰা পোৱা বতৰৰ আগলি বতৰা অনুযায়ী ২৭ এপ্ৰিলৰ পৰা ৩ মে লৈ, ২০২৩ বতৰ আংশিকৰ পৰা ঘাইকৈ ডাৱৰীয়া হৈ থাকিব আৰু লগতে পাতলীয়াৰ পৰা মধ্যমীয়া বৰষুণৰ সম্ভাৱনা আছে। দিনৰ উষ্ণতা প্ৰায় ২৬-৩১ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ আৰু নিশাৰ উষ্ণতা প্ৰায় ২১-২৩ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ হব বুলি অনুমান কৰা হৈছে। ৰাতিপুৱা আৰু আবেলিৰ আপেক্ষিক আৰ্দ্ৰতা ক্ৰমান্বয়ে প্ৰায় ৯০% আৰু ৬০% আশে-পাশে থাকিব । বতাহ প্ৰতি ঘন্টাত ২-৮ কিলোমিটাৰ বেগত উত্তৰ-পূব দিশৰ পৰা প্ৰবাহিত হব । চাহ খেতিৰ বাবে: • যোৱা কিছুদিনত পৰিলক্ষিত হোৱা বিশেষকৈ উজনি অসমৰ আমাৰ ক্ষুদ্ৰ চাহ খেতিয়কৰ বাগান বোৰত শিলাবৃষ্টিৰ ফলত বহুত চাহ গছৰ উঠি অহা নতুন পাতৰ লগতে কুমলীয়া ডাল বোৰ নষ্ট হৈছে , আনকি বহুত ডালবোৰো ভাঙি ছিগি গৈ গছৰ ফ্ৰেম বোৰ নষ্ট হৈছে । এনেবোৰ বাগানত যুদ্ধ গতিৰে কপাৰ ৫০০ গ্ৰাম ২০০ লিটাৰ পানীত মিহলাই লৈ স্প্ৰে কৰিব লাগিব । ক্ষতিগ্ৰস্ত উদ্ভিদৰ অংশবোৰ আঁতৰাই পেলাব লাগে যাতে ই কীট-পতংগ আৰু ৰোগক আকৰ্ষণ নকৰে আৰু বাকী অংশ সুৰক্ষিত হৈ থাকে। • চাহ গছত শিলাবৃষ্টিৰ প্ৰভাৱৰ বাবে দ্বিতীয় Flushৰ বৃদ্ধিত পলম হব। এই সময়ত ক্ষতিগ্ৰস্ত উদ্ভিদৰ পুনৰুত্পাদনৰ প্ৰতি গুৰুত্ব দিব লাগিব। UP গছ বোৰ কিছু দিন rest দি পাত তুলিব পাৰে । নতনকৈ পাত ওলোৱাৰ পিছত আকৌ টিপিং কৰিব লাগিব । LP ,DS গছ বোৰ পুনৰাই নতুন পাত ওলোৱাৰ পিছত টিপিং কৰিব লাগিব যাতে পুনৰকৈ পাত তোলা টেবুলটো বনাব পাৰে । • UP চাহ বাগান বোৰত ইউৰিয়া (Urea) আৰু জিংক (Zinc) ৰ মিশ্ৰণৰ (১%কৈ) ১৫ দিনৰ ব্যৱধানত বৰষুণমুক্ত সময়ত Foliar স্প্ৰে কৰিব পাৰে। অন্যান্য শস্যৰ বাবে: • শিলাবৃষ্টিৰ ফলত শাক-পাচলিৰ শস্যত ক্ষতিগ্ৰস্ত ফল ,পাত আৰু ডালবোৰ আঁতৰাই পেলাব। কিছুমান গছ অত্যধিকভাৱে প্ৰভাৱিত হৈছে আৰু শিলাবৃষ্টিৰ ক্ষতি ঠিক কৰাটো সম্ভৱ নহয়। এই গছবোৰ আঁতৰাই নতুন পুলি ৰোপণ কৰিব লাগিব । • শিলাবৃষ্টিৰ ফলত আক্ৰান্ত শাক-পাচলিৰ শস্যত ভেঁকুৰ আৰু বেক্টেৰিয়াৰ আক্ৰমণৰ প্ৰভাৱৰ পৰা প্ৰতিৰোধমূলক ব্যৱস্থাৰ বাবে Copper fungicide আৰু Streptomycin ঔষধৰ স্প্ৰে কৰিব পাৰে । • প্ৰতিকূল বতৰৰ প্ৰতি লক্ষ্য ৰাখি কৃষক ৰাইজে পথাৰৰ পৰা পূৰঠ ফল-মূল আৰু পাচলিসমূহ চপাই সঠিক স্থানত ৰাখিব যাতে বৰষুণৰ পৰা সুৰক্ষিত থাকে। বতৰ আৰু কৃষি সম্পৰ্কীয় তথ্যৰ বিষয়ে জানিবলৈ কৃষকসকলে ৭০৬৫-০০-৫০৫৪ নম্বৰত মিছড কল দিব পাৰে। ধন্যবাদ। Assamese Assam 27-04-2023 08:05:00 SCHEDULED