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1 ନମସ୍କାର କେନ୍ଦ୍ରାପଡା ଜିଲ୍ଲାର ଡେରାବିଶ ବ୍ଲକର ସମସ୍ତ ଚାଷୀଭାଇ ମାନଙ୍କୁ ଭୋଡାଫୋନ ଆଇଡିଆ ସହଯୋଗରେ ସଲିଡାରିଡାଡ ଏବଂ ଶରତ କର & ଅନିମା କର ଫାଉଣ୍ଡେସନର ମିଳିତ ପ୍ରଚେଷ୍ଟାରେ ଚାଲୁଥିବା ଅଭିନବ କୃଷି ପ୍ରକଳ୍ପକୁ ସ୍ଵାଗତ କରାଯାଉଛି । ଆଗାମୀ ୩୦ ଅକ୍ଟୋବର ରୁ ୫ ନଭେମ୍ବର ମଧ୍ୟରେ ଡେରାବିଶ ବ୍ଲକରେ ୦.୧-୨.୮ମି.ମି.ବୃଷ୍ଟିପାତର ସମ୍ଭାବନା ରହିଛି ଏବଂ ସର୍ବାଧିକ ତାପମାତ୍ରା ୨୪°C-୩୧°C ମଧ୍ୟରେ ରହିବ। ଆଗାମୀ କୃଷି ସୂଚନା ୧. ଶ୍ରୀ ପଦ୍ଧତି ଓ ସାଧାରଣ କିଆରିରୁ ନାଳ କରି ପାଣି ନିଷ୍କାସନ କରନ୍ତୁ, ଏହାଦ୍ୱାରା ଧାନ ଗଛ ପଡ଼ିବ ନାହିଁ। ୨. ବର୍ଷା ଛାଡିଗଲା ପରେ କେଣ୍ଡା କଟା, ପତ୍ର କଟା ଓ ଲେଡା ପୋକ ପ୍ରବଳ ମାତ୍ରାରେ ଦେଖା ଦେଇପାରେ ଏହାକୁ ରୋକିବା ପାଇଁ ଆଗ୍ନେୟାସ୍ତ୍ର ୫୦୦ ମି.ଲି. ବ୍ୟାରେଲ ପିଛା ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ। ୩. ବର୍ଷା ପରେ କମ୍ ଉତ୍ତାପ ରହିଲେ ଗନ୍ଧି ପୋକ ନିୟନ୍ତ୍ରଣ ପାଇଁ ଜମି ହୁଡାରେ କୁଟା କାଠି ଜାଳନ୍ତୁ କିମ୍ବା ଧୂଆଁ ଦିଅନ୍ତୁ। ୪. କେଣ୍ଡା ବାହାରି ନଥିଲେ ପତ୍ର ମୋଡା ଓ କାଣ୍ଡ ବିନ୍ଧା ପୋକ ର ନିୟନ୍ତ୍ରଣ ପାଇଁ ୧୫୦୦ppm ର ତେଲକୁ ବ୍ୟାରେଲ ପିଛା ୫୦ ମି.ଲି. ମିଶେଇ ସିଂଚନ କରନ୍ତୁ। ଅଧିକ ସୂଚନା ପାଇଁ ଆମ ଟୋଲ ଫ୍ରି ନମ୍ବର ୭୦୬୫୦୦୫୦୫୪ ରେ ମିସ କଲ୍ କରନ୍ତୁ। ଧନ୍ୟବାଦ୍। Odia Orissa 30-10-2026 16:15:00 SCHEDULED
2 ନମସ୍କାର କଟକ ଜିଲ୍ଲା ର ମାହାଙ୍ଗା, ଟାଙ୍ଗୀ ଓ ନିଶ୍ଚିନ୍ତକୋଇଲି ବ୍ଲକର ସମସ୍ତ ଚାଷୀଭାଇ ମାନଙ୍କୁ ଭୋଡାଫୋନ ଆଇଡିଆ ସହଯୋଗରେ ସଲିଡାରିଡାଡ ଏବଂ ଶରତ କର & ଅନିମା କର ଫାଉଣ୍ଡେସନର ମିଳିତ ପ୍ରଚେଷ୍ଟାରେ ଚାଲୁଥିବା ଅଭିନବ କୃଷି ପ୍ରକଳ୍ପକୁ ସ୍ଵାଗତ କରାଯାଉଛି । ଆଗାମୀ ୩୦ ଅକ୍ଟୋବର ରୁ ୫ ନଭେମ୍ବର ମଧ୍ୟରେ ମାହାଙ୍ଗା, ଟାଙ୍ଗୀ ଓ ନିଶ୍ଚିନ୍ତକୋଇଲି ବ୍ଲକରେ ୦.୧-୨.୪ ମି.ମି.ବୃଷ୍ଟିପାତ ର ସମ୍ଭାବନା ରହିଛି ଏବଂ ସର୍ବତ୍ର ସର୍ବାଧିକ ତାପମାତ୍ରା ୨୪°C-୩୧°C ମଧ୍ୟରେ ରହିବ। ଆଗାମୀ କୃଷି ସୂଚନା ୧. ଶ୍ରୀ ପଦ୍ଧତି ଓ ସାଧାରଣ କିଆରିରୁ ନାଳ କରି ପାଣି ନିଷ୍କାସନ କରନ୍ତୁ, ଏହାଦ୍ୱାରା ଧାନ ଗଛ ପଡ଼ିବ ନାହିଁ। ୨. ବର୍ଷା ଛାଡିଗଲା ପରେ କେଣ୍ଡା କଟା, ପତ୍ର କଟା ଓ ଲେଡା ପୋକ ପ୍ରବଳ ମାତ୍ରାରେ ଦେଖା ଦେଇପାରେ ଏହାକୁ ରୋକିବା ପାଇଁ ଆଗ୍ନେୟାସ୍ତ୍ର ୫୦୦ ମି.ଲି. ବ୍ୟାରେଲ ପିଛା ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ। ୩. ବର୍ଷା ପରେ କମ୍ ଉତ୍ତାପ ରହିଲେ ଗନ୍ଧି ପୋକ ନିୟନ୍ତ୍ରଣ ପାଇଁ ଜମି ହୁଡାରେ କୁଟା କାଠି ଜାଳନ୍ତୁ କିମ୍ବା ଧୂଆଁ ଦିଅନ୍ତୁ। ୪. କେଣ୍ଡା ବାହାରି ନଥିଲେ ପତ୍ର ମୋଡା ଓ କାଣ୍ଡ ବିନ୍ଧା ପୋକ ର ନିୟନ୍ତ୍ରଣ ପାଇଁ ୧୫୦୦ppm ର ତେଲକୁ ବ୍ୟାରେଲ ପିଛା ୫୦ ମି.ଲି. ମିଶେଇ ସିଂଚନ କରନ୍ତୁ। ଅଧିକ ସୂଚନା ପାଇଁ ଆମ ଟୋଲ ଫ୍ରି ନମ୍ବର ୭୦୬୫୦୦୫୦୫୪ ରେ ମିସ କଲ୍ କରନ୍ତୁ। ଧନ୍ୟବାଦ୍। Odia Orissa 30-10-2026 16:17:00 SCHEDULED
3 ନମସ୍କାର ଗଜପତି ଜିଲ୍ଲାର ମୋହନା ଓ ଗୁମ୍ମା ବ୍ଲକର ସମସ୍ତ ଚାଷୀ ମାନଙ୍କୁ ସଲିଡାରିଡାଡ ତରଫରୁ ଭୋଡାଫୋନ ଆଇଡିଆ ସହଯୋଗ ରେ ଚାଲୁଥିବା ଅଭିନବ କୃଷି ପ୍ରକଳ୍ପକୁ ସ୍ଵାଗତ କରାଯାଉଛି । ଆଗାମୀ ୩୦ ଅକ୍ଟୋବର ରୁ ୫ ନଭେମ୍ବର ମଧ୍ୟରେ ଗଜପତିର ମୋହନା ଏବଂ ଗୁମ୍ମା ବ୍ଲକରେ ୦.୨-୩.୩ ମି.ମି.ବୃଷ୍ଟିପାତର ସମ୍ଭାବନା ରହିଛି ଓ ସର୍ବତ୍ର ସର୍ବାଧିକ ତାପମାତ୍ରା ୨୦°c ରୁ ୨୭°c ମଧ୍ୟରେ ରହିବ। ଆଗାମୀ କୃଷି ସୂଚନା ୧. ଶ୍ରୀ ପଦ୍ଧତି ଓ ସାଧାରଣ କିଆରିରୁ ନାଳ କରି ପାଣି ନିଷ୍କାସନ କରନ୍ତୁ, ଏହାଦ୍ୱାରା ଧାନ ଗଛ ପଡ଼ିବ ନାହିଁ। ୨. ବର୍ଷା ଛାଡିଗଲା ପରେ କେଣ୍ଡା କଟା, ପତ୍ର କଟା ଓ ଲେଡା ପୋକ ପ୍ରବଳ ମାତ୍ରାରେ ଦେଖା ଦେଇପାରେ ଏହାକୁ ରୋକିବା ପାଇଁ ଆଗ୍ନେୟାସ୍ତ୍ର ୫୦୦ ମି.ଲି. ବ୍ୟାରେଲ ପିଛା ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ। ୩. ବର୍ଷା ପରେ କମ୍ ଉତ୍ତାପ ରହିଲେ ଗନ୍ଧି ପୋକ ନିୟନ୍ତ୍ରଣ ପାଇଁ ଜମି ହୁଡାରେ କୁଟା କାଠି ଜାଳନ୍ତୁ କିମ୍ବା ଧୂଆଁ ଦିଅନ୍ତୁ। ୪. କେଣ୍ଡା ବାହାରି ନଥିଲେ ପତ୍ର ମୋଡା ଓ କାଣ୍ଡ ବିନ୍ଧା ପୋକ ର ନିୟନ୍ତ୍ରଣ ପାଇଁ ୧୫୦୦ppm ର ତେଲକୁ ବ୍ୟାରେଲ ପିଛା ୫୦ ମି.ଲି. ମିଶେଇ ସିଂଚନ କରନ୍ତୁ। ଅଧିକ ସୂଚନା ପାଇଁ ଆମ ଟୋଲ ଫ୍ରି ନମ୍ବର ୭୦୬୫୦୦୫୦୫୪ ରେ ମିସ କଲ୍ କରନ୍ତୁ। ଧନ୍ୟବାଦ୍। Odia Orissa 30-10-2026 16:56:00 SCHEDULED
4 ନମସ୍କାର, ସମ୍ଭାବିତ ବାତ୍ୟା 'ଅର୍ଣ୍ଣବ' ସମ୍ବନ୍ଧୀୟ ପୂର୍ବାନୁମାନ: ୨୭ ଓ ୨୮ ଅକ୍ଟୋବର ୨୦୨୬ ରେ ଆନ୍ଧ୍ରପ୍ରଦେଶ ଉପକୂଳର ୟାନମ ଠାରେ ଭୂମିପାତ ହେଉଥିବା ବାତ୍ୟା ଅର୍ଣ୍ଣବ କୁ ନେଇ କଟକ ଓ କେନ୍ଦ୍ରାପଡା ଜିଲ୍ଲା ପାଇଁ ଏକ ପୂର୍ବାନୁମାନ ପ୍ରସ୍ତୁତ କରାଯାଇଅଛି। ସ୍ମାର୍ଟ ଏଗ୍ରି ପ୍ରକଳ୍ପ ତରଫରୁ ବସାଯାଇଥିବା ଅତ୍ୟାଧୁନିକ ପାଣିପାଗ କେନ୍ଦ୍ରମାନର ପୂର୍ବାନୁମାନ ତଥ୍ୟକୁ ବିଶ୍ଳେଷଣ କଲାପରେ, ବର୍ଷାର ପରିମାଣ ସର୍ବାଧିକ ୪ ମିଲି ମିଟର, ପବନ ର ବେଗ ସର୍ବାଧିକ ୧୬ କିଲୋମିଟର ଓ ପବନ ର ଝୁଙ୍କ ୩୪ କି.ମି. ଅତିକ୍ରମ କରିବ ନାହିଁ। ତେଣୁ ଅର୍ଣ୍ଣବ କୁ ନେଇ ବିଶେଷ କିଛି ଭୟଭୀତ ହେବାର କାରଣ ନାହିଁ। ଧନ୍ୟବାଦ। Odia Orissa 27-10-2026 15:20:00 SCHEDULED
5 प्रिय किसान साथियों , वोडाफोन फाउंडेशन एवं सोलिडेरीडाड संस्था द्वारा संचालित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम समाहिक सलाह जिला अयोध्या एडवांस वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह अक्टूबर माह की 26 तारीख से नवंबर माह की 6 तारीख के दौरान अयोध्या जिले के तापमान में कमी देखने को मिलेगी ।दिन का अधिकतम तापमान 26-32 डिग्री सेल्सियस और रात्रि का अधिकतम तापमान 19-21 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। इस सप्ताह के शुरुआती दिनों में हल्की से माध्यम वर्षा की संभावना है सापेक्ष आर्द्रता 50-85 प्रतिशत के बीच रहेगी ।इस सप्ताह 2-15 किलोमीटर की गति से हवाई चलेगी जो कि उत्तर तथा कभी पूर्व उत्तर की दिशा से चलने की संभावना है किसान साथियों इस सप्ताह की शुरुआती दिनों में हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना है जिसके अंतर्गत आपके तैयार धान की फसल को मौसम ध्यान में रखकर कटाई कार्य करें । अगर रवि सीजन के अंतर्गत फसल बुवाई करने की सोच रहे हैं तो 29 और 30 रुक जाएं और इसके बाद बुवाई करें । रवि सीजन के अंतर्गत फसल बुवाई से पूर्व मृदा नमूना लेने का तरीका :-समय फसल कटने के बाद और अगली फसल की बुवाई से 10 दिन पहले गढ्ढा खुदाई:- मेड ,पेड़ के नीचे ,खाद के ढेर वाली जगह और जहां पानी लगता हो वहां से बिल्कुल मिट्टी ना ले खुरपी की मदद से अंग्रेजी के भी अक्षर जैसा 6-8 इंच गहरा गड्ढा खोदे जो कि रवि सीजन की फसलों के लिए काफी है गड्ढे की एक साईड 2-3 सेमी मोटी परत ऊपर से नीचे की तरफ खुरुच ले ऐसे ही खेत से 6-8 स्थान से ले । मिट्टी को बारीक कर आपस में मिला ले और कंकड़, जड़ घास हो तो निकाल दें नमूना बनाएं पूरी मिट्टी को चार हिस्से में बटाते रहेऔर आमने और सामने के दो ढ़ेर को फेंक दें ऐसा तब तक करें जब वह 500 ग्राम मिट्टी बच जाए उसे साफ थैली में डालें, उस पर किसान का नाम, गांव ,खसरा नंबर ,फसल का नाम ,मोबाइल नंबर, तारीख अवश्य लिख दें । मृदा परीक्षण से लाभ:-संतुलित खाद से फसल में रोग कम लगता है 15-20 प्रतिशत लागत में कमी आती है और 15-20 प्रतिशत उत्पादन बढ़ जाता है उस खेत के लिए सही फसल का चुनाव कर सकते हैं जमीन का लवण अम्लयता पीएच मान और सभी पोषक तत्व की उचित मात्रा की जानकारी मिल जाती है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती से सम्बंधित समाहिक सलाह के लिए 7065005054 पर मिस्ड कॉल करें और उपयोगी सलाह प्राप्त करें । Hindi Uttar Pradesh 26-10-2026 11:16:00 SCHEDULED
6 प्रिय किसान साथियों , वोडाफोन फाउंडेशन एवं सोलिडेरीडाड संस्था द्वारा संचालित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम समाहिक सलाह जिला वाराणसी एडवांस वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह अक्टूबर माह की 27 तारीख से नवंबर माह की 5 तारीख के दौरान वाराणसी जिले के तापमान में कमी देखने को मिलेगी ।दिन का अधिकतम तापमान 26 से 32 डिग्री सेल्सियस और रात्रि का अधिकतम तापमान 18 से 21 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। इस सप्ताह के शुरुआती दिनों में हल्की से माध्यम वर्षा की संभावना है सापेक्ष आर्द्रता 50-80 प्रतिशत के बीच रहेगी ।इस सप्ताह 2-15 किलोमीटर की गति से हवाई चलेगी जो कि उत्तर तथा कभी पूर्व उत्तर की दिशा से चलने की संभावना है किसान साथियों इस सप्ताह की शुरुआती दिनों में हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना है जिसके अंतर्गत आपके तैयार धान की फसल को मौसम ध्यान में रखकर कटाई कार्य करें । अगर रवि सीजन के अंतर्गत फसल बुवाई करने की सोच रहे हैं तो 29,30 और 31 रुक जाएं और इसके बाद बुवाई करें । रवि सीजन के अंतर्गत फसल बुवाई से पूर्व मृदा नमूना लेने का तरीका :-समय फसल कटने के बाद और अगली फसल की बुवाई से 10 दिन पहले गढ्ढा खुदाई:- मेड ,पेड़ के नीचे ,खाद के ढेर वाली जगह और जहां पानी लगता हो वहां से बिल्कुल मिट्टी ना ले खुरपी की मदद से अंग्रेजी के भी अक्षर जैसा 6-8 इंच गहरा गड्ढा खोदे जो कि रवि सीजन की फसलों के लिए काफी है गड्ढे की एक साईड 2-3 सेमी मोटी परत ऊपर से नीचे की तरफ खुरुच ले ऐसे ही खेत से 6-8 स्थान से ले । मिट्टी को बारीक कर आपस में मिला ले और कंकड़, जड़ घास हो तो निकाल दें नमूना बनाएं पूरी मिट्टी को चार हिस्से में बटाते रहेऔर आमने और सामने के दो ढ़ेर को फेंक दें ऐसा तब तक करें जब वह 500 ग्राम मिट्टी बच जाए उसे साफ थैली में डालें, उस पर किसान का नाम, गांव ,खसरा नंबर ,फसल का नाम ,मोबाइल नंबर, तारीख अवश्य लिख दें । मृदा परीक्षण से लाभ:-संतुलित खाद से फसल में रोग कम लगता है 15-20 प्रतिशत लागत में कमी आती है और 15-20 प्रतिशत उत्पादन बढ़ जाता है उस खेत के लिए सही फसल का चुनाव कर सकते हैं जमीन का लवण अम्लयता पीएच मान और सभी पोषक तत्व की उचित मात्रा की जानकारी मिल जाती है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती से सम्बंधित समाहिक सलाह के लिए 7065005054 पर मिस्ड कॉल करें और उपयोगी सलाह प्राप्त करें । Hindi Uttar Pradesh 26-10-2026 10:40:00 SCHEDULED
7 प्रिय शेतकरी बांधवांनो, व्होडाफोन फाउंडेशन आणि सॉलिडॅरिडॅड संस्था यांच्या संयुक्त विद्यमाने राबविण्यात येणाऱ्या स्मार्ट ॲग्री कार्यक्रमात आपले स्वागत आहे. शेतकऱ्यांसाठी साप्ताहिक कृषी सल्ला ॲडव्हान्स वेदर स्टेशनच्या नोंदीनुसार, या कालावधीदरम्यान म्हणजेच २१ ते ३१ ऑक्टोबरदरम्यान दिवसाचे कमाल तापमान ३० ते ३२ अंश सेल्सिअस, तर रात्रीचे तापमान १९ ते २२ अंश सेल्सिअस दरम्यान राहण्याची शक्यता आहे. या काळात उत्तर तसेच कधीकधी वायव्य दिशेकडून ताशी २ ते १२ किलोमीटर वेगाने वारे वाहतील. त्यामुळे वातावरणातील आर्द्रता ६५ ते ९० टक्क्यांच्या दरम्यान राहण्याची शक्यता आहे. ऊस लागवड: शेतकरी बांधवांनो, सध्याचे हवामान ऊस लागवडीसाठी अनुकूल राहील. त्यामुळे जे शेतकरी ऊस लागवडीचा विचार करीत आहेत, त्यांनी आंतरपीक म्हणून रब्बी हंगामातील पिकांची लागवड अवश्य करावी. १. शेताची पूर्वतयारी : * शेतकरी बांधवांनो, माती परीक्षण रीपोर्टनुसार कंपोस्ट खत आणि रासायनिक खतांचा संतुलित प्रमाणात वापर करावा. * माती परीक्षण केले नसेल, तर १० टन शेणखतासोबत ४ ते ५ किलो ट्रायकोडर्माचा वापर करावा. २. ऊस बेणे निवड व प्रक्रिया : * ऊस बेण्याचे वय ९ महिन्यांपेक्षा जास्त नसावे. * ऊस बेण्याचे एक डोळा किंवा दोन डोळा पद्धतीचा वापर करावा . * बेणे प्रक्रियेसाठी इलेक्ट्रॉन ४०० मिली प्रती एकर या प्रमाणात याचा वापर करावा. ३. ऊस लागवडीच्या वेळी खत व्यवस्थापन : लागवडीच्या वेळी खालील खतांचा वापर करावा. * २०:२०:०:१३ - ५० किलो * पोटॅश : २५ किलो * जिंक सल्फेट ५ किलो * सिलिक : ५० किलो * सागरिका - ५ किलो * प्रेसमड / शेणखत / गांडूळखत - २०० किलो ४. ऊस लागवड व सिंचन : * ऊसाचे तुकडे सरीमध्ये ठेवून त्यावर हलक्या मातीचे आच्छादन करावे आणि हलके पाणी द्यावे. * बेणे रोगमुक्त व कीडमुक्त असावे. ५. कीड व रोग व्यवस्थापन : * आपल्या शेताचे नियमित निरीक्षण करावे. * कीड किंवा रोगाचा प्रादुर्भाव आढळल्यास कृषी तज्ज्ञ किंवा साखर कारखान्याच्या कर्मचाऱ्यांचा सल्ला घ्यावा. * उभ्या ऊस पिकातील वाळलेली पाने काढल्याने किडींचा प्रादुर्भाव कमी होण्यास मदत होते, तणांचा प्रादुर्भाव कमी होतो आणि पाने कुजून जमिनीत मिसळल्यामुळे ऊस उत्पादन वाढण्यास मदत होते. ऊस तुटुन गेल्यानंतर आधुनिक खोडवा व्यवस्थापन तंत्राचा वापर करून उत्पादन वाढवावे. अधिक माहितीसाठी : शेतीविषयक अधिक माहिती व उपयुक्त कृषी सल्ला मिळविण्यासाठी शेतकरी बांधवांनी ७०६५ ००५० ५४ या क्रमांकावर मिस्ड कॉल द्यावा. धन्यवाद! Marathi MH 25-10-2026 08:10:00 SCHEDULED
8 प्रिय शेतकरी बांधवांनो, व्होडाफोन फाउंडेशन आणि सॉलिडॅरिडॅड संस्था यांच्या संयुक्त विद्यमाने राबविण्यात येणाऱ्या स्मार्ट ॲग्री कार्यक्रमात आपले स्वागत आहे. शेतकऱ्यांसाठी साप्ताहिक कृषी सल्ला ॲडव्हान्स वेदर स्टेशनच्या नोंदीनुसार, या कालावधीदरम्यान म्हणजेच २१ ते ३१ ऑक्टोबरदरम्यान दिवसाचे कमाल तापमान ३० ते ३२ अंश सेल्सिअस, तर रात्रीचे तापमान १९ ते २२ अंश सेल्सिअस दरम्यान राहण्याची शक्यता आहे. या काळात उत्तर तसेच कधीकधी वायव्य दिशेकडून ताशी २ ते १२ किलोमीटर वेगाने वारे वाहतील. त्यामुळे वातावरणातील आर्द्रता ६५ ते ९० टक्क्यांच्या दरम्यान राहण्याची शक्यता आहे. ऊस लागवड: शेतकरी बांधवांनो, सध्याचे हवामान ऊस लागवडीसाठी अनुकूल राहील. त्यामुळे जे शेतकरी ऊस लागवडीचा विचार करीत आहेत, त्यांनी आंतरपीक म्हणून रब्बी हंगामातील पिकांची लागवड अवश्य करावी. १. शेताची पूर्वतयारी : * शेतकरी बांधवांनो, माती परीक्षण रीपोर्टनुसार कंपोस्ट खत आणि रासायनिक खतांचा संतुलित प्रमाणात वापर करावा. * माती परीक्षण केले नसेल, तर १० टन शेणखतासोबत ४ ते ५ किलो ट्रायकोडर्माचा वापर करावा. २. ऊस बेणे निवड व प्रक्रिया : * ऊस बेण्याचे वय ९ महिन्यांपेक्षा जास्त नसावे. * ऊस बेण्याचे एक डोळा किंवा दोन डोळा पद्धतीचा वापर करावा . * बेणे प्रक्रियेसाठी इलेक्ट्रॉन ४०० मिली प्रती एकर या प्रमाणात याचा वापर करावा. ३. ऊस लागवडीच्या वेळी खत व्यवस्थापन : लागवडीच्या वेळी खालील खतांचा वापर करावा. * २०:२०:०:१३ - ५० किलो * पोटॅश : २५ किलो * जिंक सल्फेट ५ किलो * सिलिक : ५० किलो * सागरिका - ५ किलो * प्रेसमड / शेणखत / गांडूळखत - २०० किलो ४. ऊस लागवड व सिंचन : * ऊसाचे तुकडे सरीमध्ये ठेवून त्यावर हलक्या मातीचे आच्छादन करावे आणि हलके पाणी द्यावे. * बेणे रोगमुक्त व कीडमुक्त असावे. ५. कीड व रोग व्यवस्थापन : * आपल्या शेताचे नियमित निरीक्षण करावे. * कीड किंवा रोगाचा प्रादुर्भाव आढळल्यास कृषी तज्ज्ञ किंवा साखर कारखान्याच्या कर्मचाऱ्यांचा सल्ला घ्यावा. * उभ्या ऊस पिकातील वाळलेली पाने काढल्याने किडींचा प्रादुर्भाव कमी होण्यास मदत होते, तणांचा प्रादुर्भाव कमी होतो आणि पाने कुजून जमिनीत मिसळल्यामुळे ऊस उत्पादन वाढण्यास मदत होते. ऊस तुटुन गेल्यानंतर आधुनिक खोडवा व्यवस्थापन तंत्राचा वापर करून उत्पादन वाढवावे. अधिक माहितीसाठी : शेतीविषयक अधिक माहिती व उपयुक्त कृषी सल्ला मिळविण्यासाठी शेतकरी बांधवांनी ७०६५ ००५० ५४ या क्रमांकावर मिस्ड कॉल द्यावा. धन्यवाद! Marathi MH 25-10-2026 08:05:00 SCHEDULED
9 प्रिय शेतकरी बांधवांनो, व्होडाफोन फाउंडेशन आणि सॉलिडॅरिडॅड संस्था यांच्या संयुक्त विद्यमाने राबविण्यात येणाऱ्या स्मार्ट ॲग्री कार्यक्रमात आपले स्वागत आहे. शेतकऱ्यांसाठी साप्ताहिक कृषी सल्ला ॲडव्हान्स वेदर स्टेशनच्या नोंदीनुसार, या कालावधीदरम्यान म्हणजेच २१ ते ३१ ऑक्टोबरदरम्यान दिवसाचे कमाल तापमान ३० ते ३२ अंश सेल्सिअस, तर रात्रीचे तापमान १९ ते २२ अंश सेल्सिअस दरम्यान राहण्याची शक्यता आहे. या काळात उत्तर तसेच कधीकधी वायव्य दिशेकडून ताशी २ ते १२ किलोमीटर वेगाने वारे वाहतील. त्यामुळे वातावरणातील आर्द्रता ६५ ते ९० टक्क्यांच्या दरम्यान राहण्याची शक्यता आहे. ऊस लागवड: शेतकरी बांधवांनो, सध्याचे हवामान ऊस लागवडीसाठी अनुकूल राहील. त्यामुळे जे शेतकरी ऊस लागवडीचा विचार करीत आहेत, त्यांनी आंतरपीक म्हणून रब्बी हंगामातील पिकांची लागवड अवश्य करावी. १. शेताची पूर्वतयारी : * शेतकरी बांधवांनो, माती परीक्षण रीपोर्टनुसार कंपोस्ट खत आणि रासायनिक खतांचा संतुलित प्रमाणात वापर करावा. * माती परीक्षण केले नसेल, तर १० टन शेणखतासोबत ४ ते ५ किलो ट्रायकोडर्माचा वापर करावा. २. ऊस बेणे निवड व प्रक्रिया : * ऊस बेण्याचे वय ९ महिन्यांपेक्षा जास्त नसावे. * ऊस बेण्याचे एक डोळा किंवा दोन डोळा पद्धतीचा वापर करावा . * बेणे प्रक्रियेसाठी इलेक्ट्रॉन ४०० मिली प्रती एकर या प्रमाणात याचा वापर करावा. ३. ऊस लागवडीच्या वेळी खत व्यवस्थापन : लागवडीच्या वेळी खालील खतांचा वापर करावा. * २०:२०:०:१३ - ५० किलो * पोटॅश : २५ किलो * जिंक सल्फेट ५ किलो * सिलिक : ५० किलो * सागरिका - ५ किलो * प्रेसमड / शेणखत / गांडूळखत - २०० किलो ४. ऊस लागवड व सिंचन : * ऊसाचे तुकडे सरीमध्ये ठेवून त्यावर हलक्या मातीचे आच्छादन करावे आणि हलके पाणी द्यावे. * बेणे रोगमुक्त व कीडमुक्त असावे. ५. कीड व रोग व्यवस्थापन : * आपल्या शेताचे नियमित निरीक्षण करावे. * कीड किंवा रोगाचा प्रादुर्भाव आढळल्यास कृषी तज्ज्ञ किंवा साखर कारखान्याच्या कर्मचाऱ्यांचा सल्ला घ्यावा. * उभ्या ऊस पिकातील वाळलेली पाने काढल्याने किडींचा प्रादुर्भाव कमी होण्यास मदत होते, तणांचा प्रादुर्भाव कमी होतो आणि पाने कुजून जमिनीत मिसळल्यामुळे ऊस उत्पादन वाढण्यास मदत होते. ऊस तुटुन गेल्यानंतर आधुनिक खोडवा व्यवस्थापन तंत्राचा वापर करून उत्पादन वाढवावे. अधिक माहितीसाठी : शेतीविषयक अधिक माहिती व उपयुक्त कृषी सल्ला मिळविण्यासाठी शेतकरी बांधवांनी ७०६५ ००५० ५४ या क्रमांकावर मिस्ड कॉल द्यावा. धन्यवाद! Marathi MH 25-10-2026 08:00:00 SCHEDULED
10 नमस्कार शेतकरी बंधुनो....सॉलीडरीडॅड, वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन आणि एरिक्सन यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे.कळमेश्वर तालुक्यातील सावळी येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे दिनांक २४ ऑक्टोबर २०२६ ते दिनांक ३ नोव्हेंबर २०२६ दरम्यानचा हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान १७ ते २२ अंश सेल्सियस तर कमाल २९ ते ३४ अंश सेल्सियस राहण्याची शक्यता आहे. दिनांक २४ तसेच दिनांक २८ व २९ ऑक्टोबर २०२६ दरम्यान वातावरण अंशतः ढगाळ राहण्याची शक्यता आहे. शेतकऱ्यांनी वातावरणीय बदलास अनुसरून शेती (Climate Resilient Agriculture) करण्यास खालील बाबींचा विचार करावा. शेतकऱ्यांसाठी सूचना:-सध्या कापूस पीक हे १२० ते १२५ दिवसाचे असून बोन्डे फुटण्याच्या व काही ठिकाणी वेचणीच्या अवस्थेत आहे. सध्या पावसाचा खंड पडलेला आहे, त्यासाठी शेतकऱ्यांनी लगेच ४०० लिटर जीवामृतची ड्रेंचिंग किंवा फवारणी करावी. त्यामुळे पिकांची वाढ होऊन बोन्डाचे वजन वाढण्यास मदत होईल. तसेच शेतकऱ्यांनी बोन्डाचे वजन वाढीसाठी स्फुरदयुक्त व पालाशयुक्त विद्राव्य खताचा शेवटचा डोस द्यावा. तसेच ओलीत करावे कारण पाण्याचा ताण पडल्यास पिकाच्या उत्पादनावर परिणाम होऊ शकते. कपाशी पिकांत वाढत्या तापमानामुळे लाल्या या आकस्मिक विकृतीचा प्रादुर्भाव वाढू शकतो त्यासाठी शेतकऱ्यांनी १ किलो मॅग्नेशियम सल्फेट १०० लिटर पाणी ह्या प्रमाणात फवारणी करावी. कपाशी पिकाचे नियमित सर्वेक्षण करून शेंदरी बोंडअळीचे नियंत्रणासाठी एकरी ४ ते ६ कामगंध सापळे लावावे. साधारणतः २५-३० दिवसानंतर त्यातील ल्युर बदलावी. कपाशी पिकामध्ये "टी" आकाराचे १० पक्षी थांबे प्रती एकरी उभारावेत. कपाशी पिकात शेंदरी बोंडअळीचे नियमित सर्वेक्षण करून कीटकनाशकाची फवारणी करण्याअगोदर किडग्रस्त बोन्डेवेचून नष्ट करावी. जिथे १० टक्केच्या वर नुकसान झाले आहे तिथे थायोडीकार्ब ३५ टक्के ईसी @ ८ ते १० ग्रॅम किंवा ट्रेसर ७ ते ८ मिली प्रती १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. पुढील हंगामासाठी सोयाबीन बियाणे वापरावयाचे असल्यास सोयाबीनची मळणी ३०० ते ४०० आरपीएम थ्रेशरवर करावी. त्यामुळे बियाण्याच्या उगवण क्षमतेवर परिणाम होणार नाही. मळणी केलेले सोयाबीन साठवणूकीपूर्वी पून्हा 2-3 दिवस उन्हात वाळवावे जेणेकरून साठवणूकी दरम्यान बूरशीं व किडीं पासून बियाण्याचे संरक्षण होईल. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा, मोबाईल क्रमांक ९०३९१३३५४१ धन्यवाद! हि माहिती पुन्हा ऐकण्यास शून्य दाबावे. Marathi MH 24-10-2026 08:30:00 SCHEDULED