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1 ग्रेषमकलीन मूंग पर सलाह Jhalawar वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Jhalawar ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 22 March - 03 April के दौरान दिन में 36 और रात में 19 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। ग्रीष्मकालीन मूंग फसल की खेती मे नाइट्रोजन की आवश्यकता कम होती है क्योंकि ये फसलें स्वयं वायुमण्डलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण करके भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ाती हैं। यह कार्य इनकी जड़ों में उपस्थित जीवाणु करते हैं। इससे भूमि में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ जाती है और फसल इसका उपयोग कर अच्छी उपज देती है एवं मिट्टी का स्वास्थ मे भी सुधार होता है गर्मियों में मूंग की खेती हेतु अच्छी गुणवत्ता वाला बीज एवं पीला मोजाइक रोग प्रतिरोधी प्रजाति शिखा-IPM 410-3 या टॉम्बे जवाहर मूंग-3 (T.J.M-3) या विराट-IPM 205-7) का चयन करें एवं अनुसंशित बीज दर 10 से 12 किलो ग्राम बीज प्रति एकड़ रखें I बोवनी के पूर्व अनुशंशित कवकनाशक से व राईजोबियम कल्चर से अवश्य उपचारित करें | स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिये शून्य दबाए I Rajasthan Rajasthan User 24-03-2026 Enable
2 ग्रेषमकलीन मूंग पर सलाह Bundi वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Bundi ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 22 March - 03 April के दौरान दिन में 36 और रात में 19 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। ग्रीष्मकालीन मूंग फसल की खेती मे नाइट्रोजन की आवश्यकता कम होती है क्योंकि ये फसलें स्वयं वायुमण्डलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण करके भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ाती हैं। यह कार्य इनकी जड़ों में उपस्थित जीवाणु करते हैं। इससे भूमि में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ जाती है और फसल इसका उपयोग कर अच्छी उपज देती है एवं मिट्टी का स्वास्थ मे भी सुधार होता है गर्मियों में मूंग की खेती हेतु अच्छी गुणवत्ता वाला बीज एवं पीला मोजाइक रोग प्रतिरोधी प्रजाति शिखा-IPM 410-3 या टॉम्बे जवाहर मूंग-3 (T.J.M-3) या विराट-IPM 205-7) का चयन करें एवं अनुसंशित बीज दर 10 से 12 किलो ग्राम बीज प्रति एकड़ रखें I बोवनी के पूर्व अनुशंशित कवकनाशक से व राईजोबियम कल्चर से अवश्य उपचारित करें | स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिये शून्य दबाए I Rajasthan Rajasthan User 24-03-2026 Enable
3 ग्रेषमकलीन मूंग पर सलाह Baran वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Baran ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 22 March - 03 April के दौरान दिन में 35 और रात में 20 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। ग्रीष्मकालीन मूंग फसल की खेती मे नाइट्रोजन की आवश्यकता कम होती है क्योंकि ये फसलें स्वयं वायुमण्डलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण करके भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ाती हैं। यह कार्य इनकी जड़ों में उपस्थित जीवाणु करते हैं। इससे भूमि में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ जाती है और फसल इसका उपयोग कर अच्छी उपज देती है एवं मिट्टी का स्वास्थ मे भी सुधार होता है गर्मियों में मूंग की खेती हेतु अच्छी गुणवत्ता वाला बीज एवं पीला मोजाइक रोग प्रतिरोधी प्रजाति शिखा-IPM 410-3 या टॉम्बे जवाहर मूंग-3 (T.J.M-3) या विराट-IPM 205-7) का चयन करें एवं अनुसंशित बीज दर 10 से 12 किलो ग्राम बीज प्रति एकड़ रखें I बोवनी के पूर्व अनुशंशित कवकनाशक से व राईजोबियम कल्चर से अवश्य उपचारित करें | स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिये शून्य दबाए I Rajasthan Rajasthan User 24-03-2026 Enable
4 ग्रेषमकलीन मूंग पर सलाह Kota वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Kota ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 22 March - 03 April के दौरान दिन में 35 और रात में 20 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। ग्रीष्मकालीन मूंग फसल की खेती मे नाइट्रोजन की आवश्यकता कम होती है क्योंकि ये फसलें स्वयं वायुमण्डलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण करके भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ाती हैं। यह कार्य इनकी जड़ों में उपस्थित जीवाणु करते हैं। इससे भूमि में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ जाती है और फसल इसका उपयोग कर अच्छी उपज देती है एवं मिट्टी का स्वास्थ मे भी सुधार होता है गर्मियों में मूंग की खेती हेतु अच्छी गुणवत्ता वाला बीज एवं पीला मोजाइक रोग प्रतिरोधी प्रजाति शिखा-IPM 410-3 या टॉम्बे जवाहर मूंग-3 (T.J.M-3) या विराट-IPM 205-7) का चयन करें एवं अनुसंशित बीज दर 10 से 12 किलो ग्राम बीज प्रति एकड़ रखें I बोवनी के पूर्व अनुशंशित कवकनाशक से व राईजोबियम कल्चर से अवश्य उपचारित करें | स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिये शून्य दबाए I Rajasthan Rajasthan User 24-03-2026 Enable
5 ग्रेषमकलीन मूंग पर सलाह Tonk वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Tonk ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 22 March - 03 April के दौरान दिन में 35 और रात में 21 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। ग्रीष्मकालीन मूंग फसल की खेती मे नाइट्रोजन की आवश्यकता कम होती है क्योंकि ये फसलें स्वयं वायुमण्डलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण करके भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ाती हैं। यह कार्य इनकी जड़ों में उपस्थित जीवाणु करते हैं। इससे भूमि में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ जाती है और फसल इसका उपयोग कर अच्छी उपज देती है एवं मिट्टी का स्वास्थ मे भी सुधार होता है गर्मियों में मूंग की खेती हेतु अच्छी गुणवत्ता वाला बीज एवं पीला मोजाइक रोग प्रतिरोधी प्रजाति शिखा-IPM 410-3 या टॉम्बे जवाहर मूंग-3 (T.J.M-3) या विराट-IPM 205-7) का चयन करें एवं अनुसंशित बीज दर 10 से 12 किलो ग्राम बीज प्रति एकड़ रखें I बोवनी के पूर्व अनुशंशित कवकनाशक से व राईजोबियम कल्चर से अवश्य उपचारित करें | स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिये शून्य दबाए I Rajasthan Rajasthan User 24-03-2026 Enable
6 VIL-Adilabad-Jainad-24-03-2026 VIL-Adilabad-Jainad-24-03-2026-రైతు సోదరులారా, నమస్కారం... సాలిడారిటీ, వొడాఫోన్ ఐడియా ఫౌండేషన్ మరియు ఎరిక్సన్ వారి స్మార్ట్ అగ్రి కార్యక్రమానికి మీకు స్వాగతం. ఆదిలాబాద్‌లోని జైనాద్ వద్ద ఉన్న ఆటోమేటెడ్ వాతావరణ కేంద్రం ప్రకారం, 24 మార్చి 2026 నుండి 03 ఏప్రిల్ 2026 వరకు కనిష్ట ఉష్ణోగ్రత 24 నుండి 27 డిగ్రీల సెల్సియస్ మధ్య మరియు గరిష్ట ఉష్ణోగ్రత 37 నుండి 40 డిగ్రీల సెల్సియస్ మధ్య ఉంటుందని వాతావరణ సూచన. 26 మార్చి 2026 మరియు 3 ఏప్రిల్ 2026 తేదీలు మినహా, మిగిలిన రోజులలో వాతావరణం పాక్షికంగా మేఘావృతమై ఉండే అవకాశం ఉంది. వాతావరణ మార్పులను తట్టుకునే వ్యవసాయం కోసం ఈ క్రింది అంశాలను పరిగణనలోకి తీసుకోవాలి. రైతులకు సూచనలు:- రైతులు పండిన గోధుమ మరియు ఇతర రబీ కాలపు పంటలను ప్రాధాన్యత క్రమంలో కోసి, నూర్పిడి చేయాలి. కోసిన పంటను పొడిగా మరియు సురక్షితంగా ఉండే ప్రదేశంలో నిల్వ చేయాలి. గోధుమ పంట కోత తర్వాత రైతులు పంట అవశేషాలను కాల్చకూడదు, ఎందుకంటే దీనివల్ల నేలలో సేంద్రియ కార్బన్ మరియు సూక్ష్మజీవులు క్షీణిస్తాయి. దానికి బదులుగా, వచ్చే సీజన్ కోసం భూమిని సిద్ధం చేసేటప్పుడు రైతులు దానిని నేలకు అందించాలి, ఎందుకంటే అందులో సమృద్ధిగా సిలికాన్ ఉంటుంది మరియు దాని ప్రయోజనాలు తదుపరి పంటకు మేలు చేస్తాయి. అవసరమైతే, కాలానుగుణ పంటలు, పండ్ల పంటలు మరియు కూరగాయల పంటలకు బిందు సేద్యం/మంచు సేద్యం పద్ధతి ద్వారా తేలికగా నీరు పెట్టాలి. అంతర పంటల పనులు, తెగుళ్లు మరియు వ్యాధుల నివారణకు వ్యవసాయ రసాయనాలను పిచికారీ చేయడం మరియు నిలబడి ఉన్న పంటలకు ఎరువులు వేయడం వంటివి రాబోయే 5 నుండి 6 రోజుల పాటు కొనసాగించాలి. ప్రస్తుతం, నువ్వుల పంట 35-40 రోజుల వయస్సులో ఉంది. అయినప్పటికీ, సూక్ష్మపోషకాల కొరత లేకుండా ఉండేందుకు రైతులు హెక్టారుకు రెండవ విడత ఎరువుగా 12.5 కిలోల నత్రజని మరియు 25 కిలోల భాస్వరం, అలాగే హెక్టారుకు 20 కిలోల జింక్ మరియు సల్ఫర్‌ను వేయాలి. నువ్వుల పంట అధిక దిగుబడి కోసం, పంట పూత దశలో మరియు కాయలు ఏర్పడే సమయంలో 2% డీఏపీ (DAP)ని పిచికారీ చేయాలి. నేల లోతును బట్టి నువ్వుల పంటకు 12 నుండి 15 రోజుల వ్యవధిలో నీటిని అందించండి. నీటిని అందించేటప్పుడు, పంట ప్రాంతంలో నీరు నిలవకుండా చూసుకోండి. అవసరమైనప్పుడు 2 నుండి 3 సార్లు కలుపు తీసి పొలాన్ని శుభ్రంగా ఉంచండి. పంట ప్రారంభ పెరుగుదల నెమ్మదిగా ఉంటుంది కాబట్టి, పంటకు ఒక నెల వయస్సు వచ్చే వరకు పొలం కలుపు మొక్కలతో నిండిపోకుండా చూసుకోండి. సాలిడారిడాడ్ స్మార్ట్ అగ్రి ప్రోగ్రామ్‌కు సంబంధించిన మీ సందేహాలను నివృత్తి చేసుకోవడానికి దయచేసి మమ్మల్ని సంప్రదించండి. మొబైల్ నంబర్ 7798008855. ధన్యవాదాలు! Telangana Telangana 23-03-2026 Enable
7 VIL-Adilabad-Bela-24-03-2026 VIL-Adilabad-Bela-24-03-2026-రైతు సోదరులారా, నమస్కారం... సాలిడారిటీ, వొడాఫోన్ ఐడియా ఫౌండేషన్ మరియు ఎరిక్సన్ వారి స్మార్ట్ అగ్రి కార్యక్రమానికి మీకు స్వాగతం. ఆటోమేటిక్ వాతావరణ కేంద్రం ప్రకారం, ఆదిలాబాద్‌లోని బేలాలో మార్చి 24, 2026 నుండి ఏప్రిల్ 3, 2026 వరకు గల కాలానికి, కనిష్ట ఉష్ణోగ్రత 24 నుండి 27 డిగ్రీల సెల్సియస్ మధ్య మరియు గరిష్ట ఉష్ణోగ్రత 36 నుండి 39 డిగ్రీల సెల్సియస్ మధ్య ఉంటుందని వాతావరణ సూచన. మార్చి 26 నుండి 29, 2026 మరియు ఏప్రిల్ 3, 2026 తేదీలు మినహా, మిగిలిన రోజులలో వాతావరణం పాక్షికంగా మేఘావృతమై ఉండే అవకాశం ఉంది. వాతావరణ మార్పులను తట్టుకునే వ్యవసాయం కోసం ఈ క్రింది అంశాలను పరిగణనలోకి తీసుకోవాలి. రైతులకు సూచనలు:- రైతులు పండిన గోధుమ మరియు ఇతర రబీ కాలపు పంటలను ప్రాధాన్యత క్రమంలో కోసి, నూర్పిడి చేయాలి. కోసిన పంటను పొడిగా మరియు సురక్షితంగా ఉండే ప్రదేశంలో నిల్వ చేయాలి. గోధుమ పంట కోత తర్వాత రైతులు పంట అవశేషాలను కాల్చకూడదు, ఎందుకంటే దీనివల్ల నేలలో సేంద్రియ కార్బన్ మరియు సూక్ష్మజీవులు క్షీణిస్తాయి. దానికి బదులుగా, వచ్చే సీజన్ కోసం భూమిని సిద్ధం చేసేటప్పుడు రైతులు దానిని నేలకు అందించాలి, ఎందుకంటే అందులో సమృద్ధిగా సిలికాన్ ఉంటుంది మరియు దాని ప్రయోజనాలు తదుపరి పంటకు మేలు చేస్తాయి. అవసరమైతే, కాలానుగుణ పంటలు, పండ్ల పంటలు మరియు కూరగాయల పంటలకు బిందు సేద్యం/మంచు సేద్యం పద్ధతి ద్వారా తేలికగా నీరు పెట్టాలి. అంతర పంటల పనులు, తెగుళ్లు మరియు వ్యాధుల నివారణకు వ్యవసాయ రసాయనాలను పిచికారీ చేయడం మరియు నిలబడి ఉన్న పంటలకు ఎరువులు వేయడం వంటివి రాబోయే 5 నుండి 6 రోజుల పాటు కొనసాగించాలి. ప్రస్తుతం, నువ్వుల పంట 35-40 రోజుల వయస్సులో ఉంది. అయినప్పటికీ, సూక్ష్మపోషకాల కొరత లేకుండా ఉండేందుకు రైతులు హెక్టారుకు రెండవ విడత ఎరువుగా 12.5 కిలోల నత్రజని మరియు 25 కిలోల భాస్వరం, అలాగే హెక్టారుకు 20 కిలోల జింక్ మరియు సల్ఫర్‌ను వేయాలి. నువ్వుల పంట అధిక దిగుబడి కోసం, పంట పూత దశలో మరియు కాయలు ఏర్పడే సమయంలో 2% డీఏపీ (DAP)ని పిచికారీ చేయాలి. నేల లోతును బట్టి నువ్వుల పంటకు 12 నుండి 15 రోజుల వ్యవధిలో నీటిని అందించండి. నీటిని అందించేటప్పుడు, పంట ప్రాంతంలో నీరు నిలవకుండా చూసుకోండి. అవసరమైనప్పుడు 2 నుండి 3 సార్లు కలుపు తీసి పొలాన్ని శుభ్రంగా ఉంచండి. పంట ప్రారంభ పెరుగుదల నెమ్మదిగా ఉంటుంది కాబట్టి, పంటకు ఒక నెల వయస్సు వచ్చే వరకు పొలం కలుపు మొక్కలతో నిండిపోకుండా చూసుకోండి. సాలిడారిడాడ్ స్మార్ట్ అగ్రి ప్రోగ్రామ్‌కు సంబంధించిన మీ సందేహాలను నివృత్తి చేసుకోవడానికి దయచేసి మమ్మల్ని సంప్రదించండి. మొబైల్ నంబర్ 7798008855. ధన్యవాదాలు!' Telangana Telangana 23-03-2026 Enable
8 VIL-Adilabad-Bela-24-03-2026 VIL-Adilabad-bela-24-03-2026- రైతు సోదరులారా, నమస్కారం... సాలిడారిటీ, వొడాఫోన్ ఐడియా ఫౌండేషన్ మరియు ఎరిక్సన్ వారి స్మార్ట్ అగ్రి కార్యక్రమానికి మీకు స్వాగతం. ఆటోమేటిక్ వాతావరణ కేంద్రం ప్రకారం, ఆదిలాబాద్‌లోని బేలాలో మార్చి 24, 2026 నుండి ఏప్రిల్ 3, 2026 వరకు గల కాలానికి, కనిష్ట ఉష్ణోగ్రత 24 నుండి 27 డిగ్రీల సెల్సియస్ మధ్య మరియు గరిష్ట ఉష్ణోగ్రత 36 నుండి 39 డిగ్రీల సెల్సియస్ మధ్య ఉంటుందని వాతావరణ సూచన. మార్చి 26 నుండి 29, 2026 మరియు ఏప్రిల్ 3, 2026 తేదీలు మినహా, మిగిలిన రోజులలో వాతావరణం పాక్షికంగా మేఘావృతమై ఉండే అవకాశం ఉంది. వాతావరణ మార్పులను తట్టుకునే వ్యవసాయం కోసం ఈ క్రింది అంశాలను పరిగణనలోకి తీసుకోవాలి. రైతులకు సూచనలు:- రైతులు పండిన గోధుమ మరియు ఇతర రబీ కాలపు పంటలను ప్రాధాన్యత క్రమంలో కోసి, నూర్పిడి చేయాలి. కోసిన పంటను పొడిగా మరియు సురక్షితంగా ఉండే ప్రదేశంలో నిల్వ చేయాలి. గోధుమ పంట కోత తర్వాత రైతులు పంట అవశేషాలను కాల్చకూడదు, ఎందుకంటే దీనివల్ల నేలలో సేంద్రియ కార్బన్ మరియు సూక్ష్మజీవులు క్షీణిస్తాయి. దానికి బదులుగా, వచ్చే సీజన్ కోసం భూమిని సిద్ధం చేసేటప్పుడు రైతులు దానిని నేలకు అందించాలి, ఎందుకంటే అందులో సమృద్ధిగా సిలికాన్ ఉంటుంది మరియు దాని ప్రయోజనాలు తదుపరి పంటకు మేలు చేస్తాయి. అవసరమైతే, కాలానుగుణ పంటలు, పండ్ల పంటలు మరియు కూరగాయల పంటలకు బిందు సేద్యం/మంచు సేద్యం పద్ధతి ద్వారా తేలికగా నీరు పెట్టాలి. అంతర పంటల పనులు, తెగుళ్లు మరియు వ్యాధుల నివారణకు వ్యవసాయ రసాయనాలను పిచికారీ చేయడం మరియు నిలబడి ఉన్న పంటలకు ఎరువులు వేయడం వంటివి రాబోయే 5 నుండి 6 రోజుల పాటు కొనసాగించాలి. ప్రస్తుతం, నువ్వుల పంట 35-40 రోజుల వయస్సులో ఉంది. అయినప్పటికీ, సూక్ష్మపోషకాల కొరత లేకుండా ఉండేందుకు రైతులు హెక్టారుకు రెండవ విడత ఎరువుగా 12.5 కిలోల నత్రజని మరియు 25 కిలోల భాస్వరం, అలాగే హెక్టారుకు 20 కిలోల జింక్ మరియు సల్ఫర్‌ను వేయాలి. నువ్వుల పంట అధిక దిగుబడి కోసం, పంట పూత దశలో మరియు కాయలు ఏర్పడే సమయంలో 2% డీఏపీ (DAP)ని పిచికారీ చేయాలి. నేల లోతును బట్టి నువ్వుల పంటకు 12 నుండి 15 రోజుల వ్యవధిలో నీటిని అందించండి. నీటిని అందించేటప్పుడు, పంట ప్రాంతంలో నీరు నిలవకుండా చూసుకోండి. అవసరమైనప్పుడు 2 నుండి 3 సార్లు కలుపు తీసి పొలాన్ని శుభ్రంగా ఉంచండి. పంట ప్రారంభ పెరుగుదల నెమ్మదిగా ఉంటుంది కాబట్టి, పంటకు ఒక నెల వయస్సు వచ్చే వరకు పొలం కలుపు మొక్కలతో నిండిపోకుండా చూసుకోండి. సాలిడారిడాడ్ స్మార్ట్ అగ్రి ప్రోగ్రామ్‌కు సంబంధించిన మీ సందేహాలను నివృత్తి చేసుకోవడానికి దయచేసి మమ్మల్ని సంప్రదించండి. మొబైల్ నంబర్ 7798008855. ధన్యవాదాలు!' Telangana Telangana 23-03-2026 Disable
9 VIL 2-Wardha-Hinagganghat-Ajansara-24-03-2026 Wardha (2)-नमस्कार शेतकरी बंधूंनो...सॉलिडरीडॅड, वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन आणि Ericsson यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. हिंगणघाट तालुक्यातील आजनसरा येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे दिनांक २४ मार्च २०२६ ते दिनांक ०३ एप्रिल २०२६ दरम्यानचा हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान २४ ते २७ अंश सेल्सियस तर कमाल ३७ ते ४० अंश सेल्सियस एवढे राहील. तसेच दिनांक २४ मार्च व दिनांक २६ मार्च २०२६ व दिनांक ३० मार्च ते दिनांक ३ एप्रिल २०२६ वगळता इतर दिवशी वातावरण अंशतः ढगाळ राहण्याची शक्यता आहे. वातावरणीय बदलास अनुसरून शेती (Climate Resilient Agriculture) करण्यास खालील बाबींचा विचार करावा. शेतकऱ्यांसाठी सूचना:- शेतकऱ्यांनी परिपक्व अवस्थेतील गहू व इतर रब्बी हंगामातील पिकाची कापणी व मळणी प्राधान्याने उरकून घ्यावी. कापणी केलेला शेतमाल कोरड्या व सुरसुक्षित ठिकाणी साठवावा. शेतकऱ्यांनी गहू पिकाची काढणी झाल्यानंतर पिकांचे धसकटे जाळू नये त्यामुळे जमिनीतील सेंद्रिय कर्ब व सूक्ष्म जिवाणूंचा ऱ्हास होतो, त्याऐवजी शेतकऱ्यांनी पुढील हंगामासाठी जमीन तयार करण्याच्या वेळी ते जमिनीतच पुरवावे कारण त्यात सिलिकॉन हे अन्नद्रव्य मुबलक प्रमाणात असते व त्याचा फायदा पुढील पिकासाठी होतो. हंगामी पिके, फळपिके व भाजीपाला पिकामध्ये आवश्यकता असल्यास ठिबक सिंचन/तुषार सिंचन पद्धतीद्वारे हलके ओलीत करावे तसेच आंतरमशागतीची कामे व उभ्या पिकामध्ये खते देण्याची कामे पुढील 5 ते 6 दिवस सुरु ठेवावीत. सध्या तीळ पीक हे 35-40 दिवसाचे आहे. तरी शेतकऱ्यांनी खताचा दुसरा डोस म्हणून 12.5 किलो नत्र व 25 किलो स्फुरद प्रति हे. द्वावे तसेच 20 किलो/हे. झिंक व सल्फर द्वावे त्यामुळे सूक्ष्म अन्नद्रव्याची कमतरता भासत नाही. आवश्यकते नुसार 2 ते 3 वेळा खुरपणी/कोळपणी करून शेत स्वच्छ ठेवावे. पिकाची सुरुवातीची वाढ हळू होत असल्याने पिक एक महिन्याचे होई पर्यंत शेतात तन होणार नाही याची काळजी घ्यावी. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबाईल क्रमांक ९१५८२६१९२२ धन्यवाद! Maharashtra MH 23-03-2026 Enable
10 VIL 1-Wardha-Hinaganghat-Daroda-24-03-2026 Wardha (1)-नमस्कार शेतकरी बंधूंनो...सॉलिडरीडॅड, वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन आणि Ericsson यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. हिंगणघाट तालुक्यातील दारोडा येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे दिनांक २४ मार्च २०२६ ते दिनांक ०३ एप्रिल २०२६ दरम्यानचा हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान २४ ते २७ अंश सेल्सियस तर कमाल ३७ ते ४० अंश सेल्सियस एवढे राहील. तसेच दिनांक २४ मार्च व दिनांक २७ मार्च २०२६ व दिनांक ३० मार्च ते दिनांक २ एप्रिल २०२६ वगळता इतर दिवशी वातावरण अंशतः ढगाळ राहण्याची शक्यता आहे. वातावरणीय बदलास अनुसरून शेती (Climate Resilient Agriculture) करण्यास खालील बाबींचा विचार करावा. शेतकऱ्यांसाठी सूचना:- शेतकऱ्यांनी परिपक्व अवस्थेतील गहू व इतर रब्बी हंगामातील पिकाची कापणी व मळणी प्राधान्याने उरकून घ्यावी. कापणी केलेला शेतमाल कोरड्या व सुरसुक्षित ठिकाणी साठवावा. शेतकऱ्यांनी गहू पिकाची काढणी झाल्यानंतर पिकांचे धसकटे जाळू नये त्यामुळे जमिनीतील सेंद्रिय कर्ब व सूक्ष्म जिवाणूंचा ऱ्हास होतो, त्याऐवजी शेतकऱ्यांनी पुढील हंगामासाठी जमीन तयार करण्याच्या वेळी ते जमिनीतच पुरवावे कारण त्यात सिलिकॉन हे अन्नद्रव्य मुबलक प्रमाणात असते व त्याचा फायदा पुढील पिकासाठी होतो. हंगामी पिके, फळपिके व भाजीपाला पिकामध्ये आवश्यकता असल्यास ठिबक सिंचन/तुषार सिंचन पद्धतीद्वारे हलके ओलीत करावे तसेच आंतरमशागतीची कामे व उभ्या पिकामध्ये खते देण्याची कामे पुढील 5 ते 6 दिवस सुरु ठेवावीत. सध्या तीळ पीक हे 35-40 दिवसाचे आहे. तरी शेतकऱ्यांनी खताचा दुसरा डोस म्हणून 12.5 किलो नत्र व 25 किलो स्फुरद प्रति हे. द्वावे तसेच 20 किलो/हे. झिंक व सल्फर द्वावे त्यामुळे सूक्ष्म अन्नद्रव्याची कमतरता भासत नाही. आवश्यकते नुसार 2 ते 3 वेळा खुरपणी/कोळपणी करून शेत स्वच्छ ठेवावे. पिकाची सुरुवातीची वाढ हळू होत असल्याने पिक एक महिन्याचे होई पर्यंत शेतात तन होणार नाही याची काळजी घ्यावी. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबाईल क्रमांक ९१५८२६१९२२ धन्यवाद! Maharashtra MH 23-03-2026 Enable