Message List: 12,268
| S.No | Message Title | Message | State | Created By | Creation Date | Status | Action |
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| 31 | मूंगफली पर सलाह Kota | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Kota ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 20 August - 29 August के दौरान दिन में 26 और रात में 33 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। पिछले सप्ताह 179.2 mm बारिश दर्ज हुई है। जून माह से अबतक कुल 297.3mm बारिश दर्ज हुई है। आगामी सप्ताह मे 25–65% बारिश होने की संभावना हे। आगामी सप्ताह में बारिश होने की प्रबल संभावना है I अतः सुनिश्चित करें कि जलभराव से बचने के लिए मिट्टी में पानी की उचित निकासी हो I मूंगफली की फसल मे फूल एवं दाना भरने वाली अवस्था महत्वपूर्ण होती है यदि इन अवस्थाओं पर पर्याप्त नमी न हो तो आर्थिक नुकसान होता है I मूंगफली में फूल की अवस्था मे 150-200 kg जिप्सम प्रति एकड़ की दर से डाले एवं इसके बाद मिटटी चढ़ाये ताकि फलियों का अच्छा निर्माण हो एवं फलियां बेहतर ढंग से भरे एवं अधिक उत्पादन प्राप्त स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिये शून्य दबाए I | Rajasthan | Rajasthan User | 19-08-2026 | Enable |
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| 32 | मूंगफली पर सलाह Tonk | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Tonk ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 20 August - 29 August के दौरान दिन में 35 और रात में 27 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। पिछले सप्ताह 81 mm बारिश दर्ज हुई है। जून माह से अबतक कुल 418.3mm बारिश दर्ज हुई है। आगामी सप्ताह मे 10–55% बारिश होने की संभावना हे। आगामी सप्ताह में बारिश होने की प्रबल संभावना है I अतः सुनिश्चित करें कि जलभराव से बचने के लिए मिट्टी में पानी की उचित निकासी हो I मूंगफली की फसल मे फूल एवं दाना भरने वाली अवस्था महत्वपूर्ण होती है यदि इन अवस्थाओं पर पर्याप्त नमी न हो तो आर्थिक नुकसान होता है I मूंगफली में फूल की अवस्था मे 150-200 kg जिप्सम प्रति एकड़ की दर से डाले एवं इसके बाद मिटटी चढ़ाये ताकि फलियों का अच्छा निर्माण हो एवं फलियां बेहतर ढंग से भरे एवं अधिक उत्पादन प्राप्त स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिये शून्य दबाए I | Rajasthan | Rajasthan User | 19-08-2026 | Enable |
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| 33 | Wardha | शेतकऱ्यांसाठी सूचना:- सध्या कापूस व सोयाबीन पीक हे ५० ते ५५ दिवसाचे आहे,पिकावर मावा व तुडतुडे व काही प्रमाणात पांढरी माशीचा प्रादुर्भाव दिसून येत आहे, शेतकऱ्यांनी त्यांच्या प्राथमिक व्यवस्थापनासाठी शेतात एकरी १०-१५ पिवळे व निळे चिकट सापळे विखुरलेल्या अवस्थते लावावे.तसेच त्यांच्या नियंत्रणासाठी पहिली फवारणी हि निंबोळी अर्क १०००० पी.पी.एम.ची ५० ते ६० मिली प्रति पंप किंवा वातावरणात पुरेशी आर्द्रता असतांना मेटारायझीयम अनिसोपली ५० ग्रॅम किंवा ब्यूव्हेरिया बँसीयाना १.१५ टक्के ५० ग्रॅम प्रति १० लिटर पाण्यामध्ये मिसळून फवारणी करावी तसेच दुसरी व तिसरी फवारणी दर ८ दिवसांनी थायोमेथोकझोंम १२-१५ मिली किंवा असिटामाप्रिड ८ ते १० ग्रॅम प्रति पम्प ह्याप्रमाणे करावी. शेतकऱ्यांनी गुलाबी व अमेरिकन बोंडअळीच्या सर्वेक्षण व व्यवस्थापनासाठी कापूस पिकाचे नियमित निऱिक्षण ठेवावे. त्यासाठी कपाशी पिकामध्ये एकरी ६ ते ८ कामगंध सापळे लावावे. या सापळ्यामध्ये अडकलेले नरपतंग वेळोवेळी काढून नष्ट करावे तसेच विशिष्ट कालावधीत वड्या (ल्युर) बदलणे अनिवार्य आहे. सोयाबीन पिकामध्ये पिवळा मोझॅक(विषाणू) यारोगाचा प्रसार करण्यास कारणीभूत असलेल्या पांढऱ्या माशीच्या व्यवस्थापनासाठी डायफेनथियुरोन ५०% WP २४० ग्राम प्रति एकर किंवा ऍसिटामॅप्रिड २०% SP ४० ग्राम प्रति एकर २०० लिटर ह्याप्रमाणे फवारणी करावी. शेतकरी बांधवांनी अळ्या खाणाऱ्या शिकारी पक्ष्यांना थांबण्यासाठी सोयाबीन व कापूस पिकामध्ये ‘T’ आकाराचे पक्षीथांबे उभारावेत. | Maharashtra | MH | 12-08-2026 | Disable |
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| 34 | SRI Paddy transplantation process & 1st phase nutrient management | ନମସ୍କାର କେନ୍ଦ୍ରାପଡା ଜିଲ୍ଲାର ଡେରାବିଶ ବ୍ଲକର ସମସ୍ତ ଚାଷୀଭାଇ ମାନଙ୍କୁ ଭୋଡାଫୋନ ଆଇଡିଆ ସହଯୋଗରେ ସଲିଡାରିଡାଡ ଏବଂ ଶରତ କର & ଅନିମା କର ଫାଉଣ୍ଡେସନର ମିଳିତ ପ୍ରଚେଷ୍ଟାରେ ଚାଲୁଥିବା ଅଭିନବ କୃଷି ପ୍ରକଳ୍ପକୁ ସ୍ଵାଗତ କରାଯାଉଛି । ଆଗାମୀ କୃଷି ସୂଚନା :- ୧. ତଳି ରୋଇବା ପୂର୍ବରୁ ୧ଏକର ଜମିରେ ଜମିପ୍ରସ୍ତୁତି ସମୟରେ ସର୍ବନିମ୍ନ ୩ କ୍ୱିଣ୍ଟାଲ ଘନଜୀବାମୃତ ପ୍ରୟୋଗ କରନ୍ତୁ। ୨. ପ୍ରସ୍ତୁତ ହୋଇଥିବା ତଳି ଘେରାରୁ ୧୨ -୧୫ ଦିନର ତଳିକୁ ମାଟି ସହ ଆଣି,କାଦୁଅ ହୋଇଥିବା ଜମିରେ ଗଛ କୁ ଗଛ ୨୫ସେଣ୍ଟିମିଟର ଏବଂ ଧାଡ଼ିକୁ ଧାଡ଼ି ୨୫ ସେଣ୍ଟିମିଟର ବ୍ୟବଧାନ ରଖି ତଳି ରୋପଣ କରନ୍ତୁ।ଏହି ପଦ୍ଧତିରେ ତଳି ରୋଇବା ବେଳେ ୧ବର୍ଗମିଟର ଅଞ୍ଚଳରେ ସର୍ବାଧିକ ୧୬ ଟି ଗଛ ରହିବା ଆବଶ୍ୟକ ରୋଇବା ପଦ୍ଧତି ସଠିକ ଅଛିକି ନାହିଁ ଜାଣିବା ପାଇଁ ୫ ମିଟର ଲମ୍ବ ୫ ମିଟର ପ୍ରସ୍ଥ, ଅର୍ଥାତ୍ ୨୫ ବର୍ଗ ମିଟର ଅଞ୍ଚଳରେ ସର୍ବାଧିକ ୪୦୦ ଗୋଟି ଗଛ ରହିବା ଦରକାର । ୨୫ ବର୍ଗମିଟର ରେ ୪୦୦ ଟି ଗଛ ଅଛି କି ନାହିଁ ତଦାରକ କରିବା ପରେ ଆଗକୁ ରୋଇବା କାର୍ଯ୍ୟ କରନ୍ତୁ।ପ୍ରଥମ ୬ ଧାଡ଼ି ରୋଇ ସାରିଲା ପରେ ୧ଫୁଟ ବ୍ୟବଧାନରେ ତଳି ରୋପଣ କରନ୍ତୁ। ୩. ତଳି ରୋଇବା ଶେଷ ଦିନ ତରଳ ଜୀବାମୃତ ପ୍ରସ୍ତୁତ କରି ରଖନ୍ତୁ ୭ ରୁ ୧୦ ଦିନ ମଧ୍ୟରେ ୧ଲିଟର ଜୀବାମୃତରେ ୧୦ ଲିଟର ପାଣି ମିଶାଇ ଜମିରେ ପ୍ରୟୋଗ କରନ୍ତୁ। ୪. ଧାନ ରୋଇବାର ୧୫ ଦିନରେ ଏକ ବ୍ୟାରେଲ ପିଛା ୪୫୦ମି.ଲି. ଅଗ୍ନେୟାସ୍ତ୍ର ମିଶାଇ ସିଂଚନ କରନ୍ତୁ। ଅଧିକ ସୂଚନା ପାଇଁ ଆମ ଟୋଲ ଫ୍ରି ନମ୍ବର ୭୦୬୫୦୦୫୦୫୪ ରେ ମିସ କଲ୍ କରନ୍ତୁ। ଧନ୍ୟବାଦ୍। | Orissa | Orissa | 10-08-2026 | Enable |
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| 35 | SRI Paddy transplantation process & 1st phase nutrient management | ନମସ୍କାର କଟକ ଜିଲ୍ଲା ର ମାହାଙ୍ଗା, ଟାଙ୍ଗୀ ଓ ନିଶ୍ଚିନ୍ତକୋଇଲି ବ୍ଲକର ସମସ୍ତ ଚାଷୀଭାଇ ମାନଙ୍କୁ ଭୋଡାଫୋନ ଆଇଡିଆ ସହଯୋଗରେ ସଲିଡାରିଡାଡ ଏବଂ ଶରତ କର & ଅନିମା କର ଫାଉଣ୍ଡେସନର ମିଳିତ ପ୍ରଚେଷ୍ଟାରେ ଚାଲୁଥିବା ଅଭିନବ କୃଷି ପ୍ରକଳ୍ପକୁ ସ୍ଵାଗତ କରାଯାଉଛି । ଆଗାମୀ କୃଷି ସୂଚନା :- ୧. ତଳି ରୋଇବା ପୂର୍ବରୁ ୧ଏକର ଜମିରେ ଜମିପ୍ରସ୍ତୁତି ସମୟରେ ସର୍ବନିମ୍ନ ୩ କ୍ୱିଣ୍ଟାଲ ଘନଜୀବାମୃତ ପ୍ରୟୋଗ କରନ୍ତୁ। ୨. ପ୍ରସ୍ତୁତ ହୋଇଥିବା ତଳି ଘେରାରୁ ୧୨ -୧୫ ଦିନର ତଳିକୁ ମାଟି ସହ ଆଣି,କାଦୁଅ ହୋଇଥିବା ଜମିରେ ଗଛ କୁ ଗଛ ୨୫ସେଣ୍ଟିମିଟର ଏବଂ ଧାଡ଼ିକୁ ଧାଡ଼ି ୨୫ ସେଣ୍ଟିମିଟର ବ୍ୟବଧାନ ରଖି ତଳି ରୋପଣ କରନ୍ତୁ।ଏହି ପଦ୍ଧତିରେ ତଳି ରୋଇବା ବେଳେ ୧ବର୍ଗମିଟର ଅଞ୍ଚଳରେ ସର୍ବାଧିକ ୧୬ ଟି ଗଛ ରହିବା ଆବଶ୍ୟକ ରୋଇବା ପଦ୍ଧତି ସଠିକ ଅଛିକି ନାହିଁ ଜାଣିବା ପାଇଁ ୫ ମିଟର ଲମ୍ବ ୫ ମିଟର ପ୍ରସ୍ଥ, ଅର୍ଥାତ୍ ୨୫ ବର୍ଗ ମିଟର ଅଞ୍ଚଳରେ ସର୍ବାଧିକ ୪୦୦ ଗୋଟି ଗଛ ରହିବା ଦରକାର । ୨୫ ବର୍ଗମିଟର ରେ ୪୦୦ ଟି ଗଛ ଅଛି କି ନାହିଁ ତଦାରକ କରିବା ପରେ ଆଗକୁ ରୋଇବା କାର୍ଯ୍ୟ କରନ୍ତୁ।ପ୍ରଥମ ୬ ଧାଡ଼ି ରୋଇ ସାରିଲା ପରେ ୧ଫୁଟ ବ୍ୟବଧାନରେ ତଳି ରୋପଣ କରନ୍ତୁ। ୩. ତଳି ରୋଇବା ଶେଷ ଦିନ ତରଳ ଜୀବାମୃତ ପ୍ରସ୍ତୁତ କରି ରଖନ୍ତୁ ୭ ରୁ ୧୦ ଦିନ ମଧ୍ୟରେ ୧ଲିଟର ଜୀବାମୃତରେ ୧୦ ଲିଟର ପାଣି ମିଶାଇ ଜମିରେ ପ୍ରୟୋଗ କରନ୍ତୁ। ୪. ଧାନ ରୋଇବାର ୧୫ ଦିନରେ ଏକ ବ୍ୟାରେଲ ପିଛା ୪୫୦ମି.ଲି. ଅଗ୍ନେୟାସ୍ତ୍ର ମିଶାଇ ସିଂଚନ କରନ୍ତୁ। ଅଧିକ ସୂଚନା ପାଇଁ ଆମ ଟୋଲ ଫ୍ରି ନମ୍ବର ୭୦୬୫୦୦୫୦୫୪ ରେ ମିସ କଲ୍ କରନ୍ତୁ। ଧନ୍ୟବାଦ୍। | Orissa | Orissa | 10-08-2026 | Enable |
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| 36 | SRI Paddy transplantation process & 1st phase nutrient management | ନମସ୍କାର ଗଜପତି ଜିଲ୍ଲାର ମୋହନା ଓ ଗୁମ୍ମା ବ୍ଲକର ସମସ୍ତ ଚାଷୀ ମାନଙ୍କୁ ସଲିଡାରିଡାଡ ତରଫରୁ ଭୋଡାଫୋନ ଆଇଡିଆ ସହଯୋଗ ରେ ଚାଲୁଥିବା ଅଭିନବ କୃଷି ପ୍ରକଳ୍ପକୁ ସ୍ଵାଗତ କରାଯାଉଛି । ଆଗାମୀ କୃଷି ସୂଚନା :- ୧. ତଳି ରୋଇବା ପୂର୍ବରୁ ୧ଏକର ଜମିରେ ଜମିପ୍ରସ୍ତୁତି ସମୟରେ ସର୍ବନିମ୍ନ ୩ କ୍ୱିଣ୍ଟାଲ ଘନଜୀବାମୃତ ପ୍ରୟୋଗ କରନ୍ତୁ। ୨. ପ୍ରସ୍ତୁତ ହୋଇଥିବା ତଳି ଘେରାରୁ ୧୨ -୧୫ ଦିନର ତଳିକୁ ମାଟି ସହ ଆଣି,କାଦୁଅ ହୋଇଥିବା ଜମିରେ ଗଛ କୁ ଗଛ ୨୫ସେଣ୍ଟିମିଟର ଏବଂ ଧାଡ଼ିକୁ ଧାଡ଼ି ୨୫ ସେଣ୍ଟିମିଟର ବ୍ୟବଧାନ ରଖି ତଳି ରୋପଣ କରନ୍ତୁ।ଏହି ପଦ୍ଧତିରେ ତଳି ରୋଇବା ବେଳେ ୧ବର୍ଗମିଟର ଅଞ୍ଚଳରେ ସର୍ବାଧିକ ୧୬ ଟି ଗଛ ରହିବା ଆବଶ୍ୟକ ରୋଇବା ପଦ୍ଧତି ସଠିକ ଅଛିକି ନାହିଁ ଜାଣିବା ପାଇଁ ୫ ମିଟର ଲମ୍ବ ୫ ମିଟର ପ୍ରସ୍ଥ, ଅର୍ଥାତ୍ ୨୫ ବର୍ଗ ମିଟର ଅଞ୍ଚଳରେ ସର୍ବାଧିକ ୪୦୦ ଗୋଟି ଗଛ ରହିବା ଦରକାର । ୨୫ ବର୍ଗମିଟର ରେ ୪୦୦ ଟି ଗଛ ଅଛି କି ନାହିଁ ତଦାରକ କରିବା ପରେ ଆଗକୁ ରୋଇବା କାର୍ଯ୍ୟ କରନ୍ତୁ।ପ୍ରଥମ ୬ ଧାଡ଼ି ରୋଇ ସାରିଲା ପରେ ୧ଫୁଟ ବ୍ୟବଧାନରେ ତଳି ରୋପଣ କରନ୍ତୁ। ୩. ତଳି ରୋଇବା ଶେଷ ଦିନ ତରଳ ଜୀବାମୃତ ପ୍ରସ୍ତୁତ କରି ରଖନ୍ତୁ ୭ ରୁ ୧୦ ଦିନ ମଧ୍ୟରେ ୧ଲିଟର ଜୀବାମୃତରେ ୧୦ ଲିଟର ପାଣି ମିଶାଇ ଜମିରେ ପ୍ରୟୋଗ କରନ୍ତୁ। ୪. ଧାନ ରୋଇବାର ୧୫ ଦିନରେ ଏକ ବ୍ୟାରେଲ ପିଛା ୪୫୦ମି.ଲି. ଅଗ୍ନେୟାସ୍ତ୍ର ମିଶାଇ ସିଂଚନ କରନ୍ତୁ। ଅଧିକ ସୂଚନା ପାଇଁ ଆମ ଟୋଲ ଫ୍ରି ନମ୍ବର ୭୦୬୫୦୦୫୦୫୪ ରେ ମିସ କଲ୍ କରନ୍ତୁ। ଧନ୍ୟବାଦ୍। | Orissa | Orissa | 10-08-2026 | Enable |
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| 37 | सोयाबीन मे पीलापन की समस्या पर सलाह Jhabua | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Jhabua ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 10th August- 19th August के दौरान दिन में 28 और रात में 23 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। पिछले सप्ताह 50 mm बारिश दर्ज हुई है। जून माह से अबतक कुल 390mm बारिश दर्ज हुई है। आगामी सप्ताह मे 45-65% बारिश होने की संभावना हे। किसान साथियों सोयाबीन मे पीलापन की समस्या देखी जा रही है यह अधिक समय तक खेत मे जल भराव या लंबे सूखे की स्थिति या खेत मे पोषक तत्वों की कमी या येलो मोजेक वायरस रोग के कारण हो सकती है पीलापन की समस्या का कारण जानकार एवं कृषि सलाहकार से बात कर ही अनुशंसित समाधान को अपनाए I सोयाबीन मे पीलापन की समस्या यदि पोषक तत्वों की कमी के कारण भी हो सकती है यदि सोयाबीन मे ऊपरी पत्तियों में पीलेपन के लक्षण दिखाई दे रहे है तो आयरन की कमी से हो सकते हैं यदि यह समस्या गंभीर हो तो 10 ग्राम फेरस सल्फेट (FeSO4.7H2O) और 2 ग्राम चुना (Ca(OH)2) प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करने की सलाह दी जाती है। यदि सोयाबीन की पत्तियों के किनारों पर पीलेपन के लक्षण दिखाई दे रहे है तो पोटाश की कमी से हो सकते हैं इसके लिए पोटाश फ़र्टिलाइज़र के 2 % घोल का छिड़काव करें I स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I | Madhya Pradesh | MP | 10-08-2026 | Enable |
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| 38 | सोयाबीन मे पीलापन की समस्या पर सलाह Dhar | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Dhar ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 10th August- 19th August के दौरान दिन में 28 और रात में 24 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। पिछले सप्ताह 62 mm बारिश दर्ज हुई है। जून माह से अबतक कुल 460mm बारिश दर्ज हुई है। आगामी सप्ताह मे 55-75% बारिश होने की संभावना हे। किसान साथियों सोयाबीन मे पीलापन की समस्या देखी जा रही है यह अधिक समय तक खेत मे जल भराव या लंबे सूखे की स्थिति या खेत मे पोषक तत्वों की कमी या येलो मोजेक वायरस रोग के कारण हो सकती है पीलापन की समस्या का कारण जानकार एवं कृषि सलाहकार से बात कर ही अनुशंसित समाधान को अपनाए I सोयाबीन मे पीलापन की समस्या यदि पोषक तत्वों की कमी के कारण भी हो सकती है यदि सोयाबीन मे ऊपरी पत्तियों में पीलेपन के लक्षण दिखाई दे रहे है तो आयरन की कमी से हो सकते हैं यदि यह समस्या गंभीर हो तो 10 ग्राम फेरस सल्फेट (FeSO4.7H2O) और 2 ग्राम चुना (Ca(OH)2) प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करने की सलाह दी जाती है। यदि सोयाबीन की पत्तियों के किनारों पर पीलेपन के लक्षण दिखाई दे रहे है तो पोटाश की कमी से हो सकते हैं इसके लिए पोटाश फ़र्टिलाइज़र के 2 % घोल का छिड़काव करें I स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I | Madhya Pradesh | MP | 10-08-2026 | Enable |
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| 39 | सोयाबीन मे पीलापन की समस्या पर सलाह Vidisha | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Vidisha ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 10th August- 19th August के दौरान दिन में 28 और रात में 23 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। पिछले सप्ताह 88 mm बारिश दर्ज हुई है। जून माह से अबतक कुल 545mm बारिश दर्ज हुई है। आगामी सप्ताह मे 80-95% बारिश होने की संभावना हे। किसान साथियों सोयाबीन मे पीलापन की समस्या देखी जा रही है यह अधिक समय तक खेत मे जल भराव या लंबे सूखे की स्थिति या खेत मे पोषक तत्वों की कमी या येलो मोजेक वायरस रोग के कारण हो सकती है पीलापन की समस्या का कारण जानकार एवं कृषि सलाहकार से बात कर ही अनुशंसित समाधान को अपनाए I सोयाबीन मे पीलापन की समस्या यदि पोषक तत्वों की कमी के कारण भी हो सकती है यदि सोयाबीन मे ऊपरी पत्तियों में पीलेपन के लक्षण दिखाई दे रहे है तो आयरन की कमी से हो सकते हैं यदि यह समस्या गंभीर हो तो 10 ग्राम फेरस सल्फेट (FeSO4.7H2O) और 2 ग्राम चुना (Ca(OH)2) प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करने की सलाह दी जाती है। यदि सोयाबीन की पत्तियों के किनारों पर पीलेपन के लक्षण दिखाई दे रहे है तो पोटाश की कमी से हो सकते हैं इसके लिए पोटाश फ़र्टिलाइज़र के 2 % घोल का छिड़काव करें I स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I | Madhya Pradesh | MP | 10-08-2026 | Enable |
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| 40 | सोयाबीन मे पीलापन की समस्या पर सलाह Ratlam | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Ratlam ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 10th August- 19th August के दौरान दिन में 29 और रात में 23 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। पिछले सप्ताह 58 mm बारिश दर्ज हुई है। जून माह से अबतक कुल 425mm बारिश दर्ज हुई है। आगामी सप्ताह मे 50-70% बारिश होने की संभावना हे। किसान साथियों सोयाबीन मे पीलापन की समस्या देखी जा रही है यह अधिक समय तक खेत मे जल भराव या लंबे सूखे की स्थिति या खेत मे पोषक तत्वों की कमी या येलो मोजेक वायरस रोग के कारण हो सकती है पीलापन की समस्या का कारण जानकार एवं कृषि सलाहकार से बात कर ही अनुशंसित समाधान को अपनाए I सोयाबीन मे पीलापन की समस्या यदि पोषक तत्वों की कमी के कारण भी हो सकती है यदि सोयाबीन मे ऊपरी पत्तियों में पीलेपन के लक्षण दिखाई दे रहे है तो आयरन की कमी से हो सकते हैं यदि यह समस्या गंभीर हो तो 10 ग्राम फेरस सल्फेट (FeSO4.7H2O) और 2 ग्राम चुना (Ca(OH)2) प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करने की सलाह दी जाती है। यदि सोयाबीन की पत्तियों के किनारों पर पीलेपन के लक्षण दिखाई दे रहे है तो पोटाश की कमी से हो सकते हैं इसके लिए पोटाश फ़र्टिलाइज़र के 2 % घोल का छिड़काव करें I स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I | Madhya Pradesh | MP | 10-08-2026 | Enable |
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